एएसआई 15 हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार, लिव इन में रह रही महिला जेवर व 2 लाख रुपए ले कर फरार हो गई थी, इसी मामले में कार्रवाई के लिए मांगी थी रिश्वत
एनसीआई@चित्तौड़गढ़
जिले के आकोला थाने के एएसआई बाबूलाल मीणा (50) को 15 हजार रुपए रिश्वत लेते उदयपुर एसीबी ने गिरफ्तार किया है। एएसआई ने पहले 50 हजार रुपयों की मांग की थी। कार्रवाई से पहले 20 हजार रुपए और कार्रवाई की बाद 30 हजार रुपयों की मांग की थी।
आरोपी एएसआई ने सत्यापन के समय 2 हजार रुपए लिए थे। दोस्त की पत्नी के साथ डेढ़ साल तक लिव-इन में रहे परिवादी (29) से आरोपी एएसआई को रिश्वत लेते रंगे हाथों ट्रेप किया गया।

परिवादी ने अपनी महिला मित्र के खिलाफ 420 का मामला दर्ज करवाया था। इसमें बताया गया था कि उसकी महिला मित्र (26) 7 महीने के बच्चे को छोड़कर पीड़ित के मां के गहने और 2 लाख कैश लेकर चली गई।
महिला ने पहले दर्ज करवाया था रेप का मामला
उदयपुर एसपी अनंत कुमार ने बताया कि 24 मार्च को परिवादी आया और आकोला थाने के एएसआई बाबूलाल मीणा के खिलाफ परिवाद पेश किया। इसमें पीड़ित ने बताया कि वो पहले अपने भाई के साथ मुम्बई में काम करता था। वहां से अपने घर आकर उसने खेती का काम शुरू किया।
दोस्त की पत्नी से बने प्रेम सम्बंध
इसी दौरान उसकी मुलाकात गोटीलाल गाडरी (30) से हुई। उससे दोस्ती के बाद उसके घर गया। तब गोटीलाल की पत्नी से इसका सम्पर्क हुआ और कुछ दिन में यह सम्पर्क प्रेम सम्बंध में बदल गया। इसके बाद गोटीलाल की पत्नी लगातार शादी का दबाव बनाने लग गई। पीड़ित के मना करने पर उसने वल्लभनगर थाने में रेप का मामला दर्ज करवा दिया।
डेढ़ साल दोनों साथ में रहे
गोटीलाल दुबई में काम करता है। पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए पीड़ित ने आरोपी महिला को अपने साथ रखने की सहमति दे दी। डेढ़ साल दोनों साथ में रहे। दोनों का अभी 7 महीने का एक बेटा भी है। इसी दौरान गोटीलाल भी दुबई से आकर प्रकाश को लगातार धमकी देने लगा। पंच पटेल के पास यह मामला गया। पंच पटेल के कहने पर पीड़ित प्रकाश ने अपने खेत बेचकर और रिश्तेदारों से रुपए उधार लेकर गोटीलाल को 7 लाख 11 हजार रुपए दिए।
इधर, रुपए देने के बाद गोटीलाल की पत्नी फिर से गोटीलाल के पास चली गई। लेकिन जाते समय वह प्रकाश की मां के गहने व 2 लाख रुपए भी ले गई। 7 महीने के बच्चे को वह छोड़ गई। तब परिवादी ने आकोला थाने में इसकी रिपोर्ट दी। पुलिस ने 22 फरवरी को गुमशुदगी का मामला दर्ज करते हुए जांच एएसआई बाबूलाल मीणा को दी। उस समय भी 24 फरवरी को बाबूलाल मीणा ने परिवादी से 50 हजार रुपए लिए।
दुबारा मामला दर्ज करने पर फिर मांगे रुपए
उदयपुर एसीबी के एएसपी अनंत कुमार ने बताया कि परिवादी ने 17 मार्च को इस्तगासा के जरिए एक मामला दर्ज करवाया था। इसकी जांच एएसआई बाबूलाल कर रहा था। एएसआई ने 50 हजार रुपयों की मांग की। 20 हजार कार्रवाई से पहले और 30 हजार रुपए कार्रवाई के बाद लेने की बात कही। इसमें से 2000 रुपए सत्यापन के समय लिए और 15 हजार रुपए बाद में लेने की बात कही। इस दौरान एसीबी उदयपुर ने 15 हजार रुपए लेते हुए एएसआई बाबूलाल मीणा को गिरफ्तार कर लिया।
