संभल हिंसा सांसद जियाउर्रहमान बर्क की साजिश का नतीजा, जामा मस्जिद के सदर जफर अली से कई बार की थी बात, दिए थे खास निर्देश
भीड़ इकट्ठा करो, प्रेस कॉन्फ्रेंस करो और बताओ लोगों को पुलिस ने मारा… संभल हिंसा में सांसद बर्क और जफर अली की सनसनीखेज कॉल डिटेल
एनसीआई@लखनऊ/संभल
बीते साल नवम्बर में उत्तर प्रदेश के संभल में जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान मुस्लिम वर्ग की ओर से जबरदस्त हिंसा की गई थी। अब इस मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। वह यह कि, यह कोई अचानक हुई घटना नहीं थी, बल्कि इस हिंसा की बाकायदा स्क्रिप्ट लिखी गई थी, प्री प्लांड थी। हिंसा से पहले और हिंसा के बाद समाजवादी पार्टी नेता एवं स्थानीय सांसद जियाउर्रहमान बर्क और जामा मस्जिद के सदर जफर अली के बीच लगातार बात हो रही थी। सांसद ने जफर अली को हिदायत दी थी कि, कब-क्या कहना है। यह खुलासा किसी और ने नहीं, बल्कि खुद जफर अल ने ही पुलिस पूछताछ में किया है।
इस पर भी खास बात यह है कि संभल हिंसा मामले में जफर अली और सांसद जियाउर्रहमान बर्क के बीच हुई फोन कॉल की यह सारी डिटेल सामने आ गई है। 24 नवम्बर की रात को कई बार हुई बातचीत में सांसद बर्क ने जफर अली को भीड़ इकट्ठा करने और सर्वे रोकने के लिए कहा था। जफर अली और सांसद जियाउर्रहमान बर्क के बीच बातचीत की पूरी टाइम लाइन सामने आई है। इससे बड़े चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस ने इस कॉल डिटेल को केस डायरी में शामिल कर लिया है।
इसके अनुसार, सामने आया है कि सर्वे की रात कई बार सांसद जियाउर्रहमान बर्क और जफर अली के बीच बातचीत हुई थी। पहली कॉल 24 नवम्बर की रात 10 बजकर 1 मिनट पर जफर अली ने सांसद जियाउर्रहमान को की थी। दूसरी कॉल सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने की थी। इसका टाइम रात 12. 32 बजे था। यह वॉट्सएप कॉल थी, सामान्यता जिसकी रिकॉर्डिंग सम्भव नहीं है।
भीड़ इकट्ठा करिए, मस्जिद हमारी रहेगी
वॉट्सएप कॉल पर सांसद बर्क ने कहा था कि भीड़ इकट्ठा करिए, कोई भी सर्वे ना होने दीजिए, मस्जिद हमारी रहेगी। 24 नवम्बर की सुबह हिंसा के बाद भी जफर अली और सांसद बर्क आपस में बात कर रहे थे। दंगा होने के बाद सांसद बर्क ने कहा था कि आप पीसी (प्रेस कॉन्फ्रेंस) करिये और बताइए कि जो लोग मरे हैं, उनकी जान पुलिस की गोली लगने से गई है।
बर्क की भीड़ में मौजूद कई लोगों से हुई बात
जफर अली ने कबूला की हिंसा की एक रात पहले, हिंसा के दौरान और हिंसा के बाद भी कई बार उसकी और सांसद जियाउर्रहमान बर्क की बात हुई थी। सांसद जियाउर्रहमान की बात भीड़ में मौजूद कई लोगों से भी हुई थी। इन सभी कॉल डिटेल्स के सबूतों को पुलिस ने केस डायरी में शामिल किया है।
बीते महीने हुई थी जफर की गिरफ्तारी
उल्लेखनीय है कि संभल हिंसा मामले में शाही जामा मस्जिद के सदर जफर अली को बीते महीने गिरफ्तार किया गया था। जफर पर हिंसा भड़काने का आरोप है। जफर ने जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान भीड़ को भड़काया था। लोगों से कहा था कि पुलिस ने फायरिंग की है। इससे पहले 25 नवम्बर को जफर को हिरासत में लिया गया था, मगर, 2 घंटे की पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया था।
जफर को कोर्ट से लगा झटका
कल 4 अप्रेल को संभल की एक कोर्ट ने जफर अली की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। एडीजीसी हरिओम प्रकाश सैनी ने बताया था कि एडीजे-2 निर्भय नारायण राय की अदालत ने जफर की जमानत खारिज कर दी। इसके दो दिन पहले केस डायरी न होने के चलते चार अप्रेल तक के लिए सुनवाई टाल दी गई थी।
