सौतेला पिता और उसका दोस्त नाबालिग बेटी से 6 साल से कर रहा था दुष्कर्म, बूंदी में पकड़ी गई लड़की ने किया सनसनीखेज खुलासा
एनसीआई@बूंदी
कोतवाली थाना पुलिस को मिली एक गुमशुदा बालिका की आपबीती सुन पुलिस अधिकारी सकते में आ गए। इससे रिश्तों को तार-तार करने वाले एक बहुत ही सनसनीखेज मामले का खुलासा हुआ। यह मामला है चितौड़ निवासी एक नाबालिग लड़की के साथ उसकी मां के सामने ही सौतेले पिता और उसके दोस्त के द्वारा दुष्कर्म करने का। इसमें बड़ी बात यह भी रही कि मां खुद अपनी बेटी को चुप रहने की नसीहत देती रही। इस बालिका को पुलिस की कालिका यूनिट ने बूंदी रेलवे स्टेशन पर एक लड़के के साथ पकड़ा था। इसी ने आपबीती बताई। पुलिस ने लड़की को बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया तो यह पहले तो उल्टी-सीधी कहानी बयां करने लगी।
इस पर बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष सीमा पोद्दार की सूझ-बूझ से इस नाबालिग के साथ हुई घटना का पता लगा तो सभी अधिकारी और समिति सदस्य दंग रह गए।
सीमा पौद्दार ने बालिका के माता-पिता से फोन पर सम्पर्क किया, लेकिन उनका रवैया उदासीन रहा। इनका कहना था कि बालिका अक्सर घर कहीं चली जाती है।
विश्वास में लेकर उगलवाई हकीकत
सीमा पोद्दार ने काउंसलिंग के दौरान बालिका को अपने विश्वास में लेकर उसके बूंदी आने का कारण पूछा। इस पर भी पहले तो गोलमोल जवाब देने लगी। मगर जब उसका मोबाइल चेक किया तो कई बातें पता चलीं।
चार भाई-बहन, सौतेले पिता के साथ रही
इस बालिका ने बताया कि उसकी मां ने दूसरी शादी कर ली है। वह अपने चार अन्य भाई-बहनों के साथ सौतेले पिता के साथ रह रही है। जब वह सात साल की थी, तब ही से उसका सौतेला पिता उस पर बुरी नजर रखता था। जब वह नौ वर्ष की हुई तो एक दिन उसके सौतेले पिता ने उससे दुष्कर्म किया। उसने अपनी मां को यह बात बताई तो मां ने इस पर ध्यान नहीं दिया ना ही पिता से कुछ कहा। इसके उलट बालिका को ही चुप रहने की नसीहत दी। बालिका का कहना है कि तब से जब उसकी मां घर पर नहीं होती है या रात को सो जाती है तो उसका सौतेला पिता उससे दुष्कर्म करता आ रहा है। इसे 6 साल बीत गए हैं।
यहीं नहीं पिता का एक दोस्त भी कई बार घर आकर उससे दुष्कर्म कर चुका है। कुछ अन्य लड़कों ने भी उससे अलग-अलग जगहों पर दुष्कर्म किया। इनमें से दो बिहार, एक बाड़मेर और तीन चित्तौड़गढ़ के सहने वाले हैं। इनमें से कुछ लड़के उससे सोशल मीडिया के माध्यम से सम्पर्क में आए थे।
हस्तलिखित बयान एएसपी को सौंपा
बाल कल्याण समिति ने बालिका का यह हस्तलिखित बयान एएसपी उमा शर्मा के समक्ष प्रस्तुत किया। मामले को गंभीरता को देखते हुए एएसपी ने महिला थाने को तत्काल एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 376(2) , 376(2) (छ), 376(2) (द),376(3), 376 डीए और पॉक्सो एक्ट 2012 एवं 2019 की धारा 3,4(2), 5, 6,3(2) (2) के तहत मामला दर्ज कर बालिका का मेडिकल परीक्षण करवाया। फिलहाल यह बालिका डरी और सहमी हुई है। यह अपने माता-पिता के साथ नहीं जाना चाहती है। इसे लम्बे समय तक मनोवैज्ञानिक परामर्श की आवश्यकता बताई गई है। पुलिस मामले की जांच में जुड़ गई है। इसके बाद आगे कार्रवाई की जाएगी।
