मरीज को हॉस्पिटल ले जा रहे लैब-टेक्नीशियन को आया हार्ट अटेक, गाड़ी में बैठे-बैठे हुए बेहोश, मौत पर फूट-फूटकर रोए ग्रामीण, गांव में चूल्हे नहीं जले
एनसीआई@बाड़मेर
बाड़मेर में मरीज को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (CHC) से जिला अस्पताल ले जा रहे लैब टेक्नीशियन की अचानक हार्ट अटेक से मौत हो गई। लैब टेक्नीशियन गाड़ी में बैठे-बैठे अचानक बेहोश हो गए। ड्राइवर और उनके साथ बैठे लोग उन्हें बाड़मेर हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
डॉक्टर्स ने लैब टेक्नीशियन की मौत का कारण हार्ट अटेक बताया है। लैब टेक्नीशियन रानीगांव में रहते थे। जब उनके निधन की सूचना ग्रामीणों को मिली तो वे फूट-फूटकर रोने लगे। गांव में चूल्हे नहीं जले। पूरा गांव शोक में डूबा नजर आया। ग्रामीणों ने कहा- 31 सालों से यहीं पर पोस्टेड थे। उनसे हमारा जुड़ाव हो गया था।

सरपंच उगम सिंह रानीगांव ने बताया- मनमोहन सिंह लैब टेक्नीशियन थे। गुरुवार शाम को किसी मरीज की तबीयत खराब हो गई थी। ऐसे में उसे प्राइवेट गाड़ी में साथ लेकर बाड़मेर हॉस्पिटल लेकर जा रहे थे। गडरा रोड ओवरब्रिज के पास गाड़ी में बैठे-बैठे अचानक बेहोश हो गए।
ड्राइवर और उनके साथ बैठे लोगों को कुछ समझ में नहीं आया। इसके बाद उनको बाड़मेर हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने जांच के बाद उनको मृत घोषित कर दिया। शुक्रवार को परिजनों के आने के बाद पोस्टमॉर्टम करवाकर शव सौंप दिया गया।
31 साल से रानीगांव में दे रहे थे सेवा
सरपंच उगम सिंह ने बताया- सीकर जिले के मूल निवासी मनमोहन सिंह की साल 1994 में रानीगांव (बाड़मेर) में लैब टेक्नीशियन के रूप में पोस्टिंग हुई थी। 31 सालों से यहीं पर अपनी दे सेवाएं रहे थे। मनमोहन सिंह 24 घंटे लोगों की सेवा के लिए तत्पर रहते थे।
मनमोहन सिंह साल 2027 में रिटायर होने वाले थे। उनके एक बेटा और 3 बेटियां हैं। बेटा डॉक्टरी कर रहा है, जबकि 3 बेटियों की शादी हो चुकी हैं। पत्नी गृहिणी हैं।
ग्रामीणों ने कहा- मनमोहन सिंह लैब टेक्नीशियन थे, लेकिन अपने अनुभव से हम लोगों का इलाज करते थे। इसके चलते गांव के लोगों का उनसे बड़ा जुड़ाव था। गांव के लोग उनकी सेवाओं को कभी नहीं भूल पाएंगे।
