January 25, 2026

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सरकारी मेल नर्स घर पर चला रहा था अवैध अस्पताल, छापे में मिली सरकारी दवाइयां

सरकारी मेल नर्स घर पर चला रहा था अवैध अस्पताल, छापे में मिली सरकारी दवाइयां

सीएमएचओ डॉ. अशोक आदित्य ने बताया कि एक सरकारी मेल नर्स के घर में निजी क्लिनिक चलने की जानकारी मिली थी। इस पर टीम के साथ मेल नर्स जसराज सोलंकी के घर पर छापा मारा, वहां पूरा अस्पताल तैयार मिला।

एनसीआई@उदयपुर

जिले के सायरा क्षेत्र में सरकारी मेल नर्स के द्वारा अपने घर में अवैध क्लिनिक चलाने की जानकारी सामने आने के बाद चिकित्सा विभाग की टीम ने सीएमएचओ डॉ. अशोक आदित्य के साथ वहां छापा मारा। इसमें गम्भीर अनियमितताएं मिलीं। यहां अस्पताल जैसा पूरा सेटअप व सरकारी प्राइवेट दवाओं का जखीरा मिला। सरकारी दवाइयों की कीमत करीब एक लाख रुपए व प्राइवेट दवाइयों की कीमत करीब दो लाख रुपए आंकी गई। चिकित्सकीय उपकरण भी बरामद हुए।

सीएमएचओ ने क्लिनिक को सीज करने के साथ ही मेल नर्स जसराज सोलंकी को एपीओ कर दिया है। इसी के साथ मामले में लापरवाही बरतने व मॉनटरिंग नहीं करने पर सीएमएचओ ने अस्पताल इंचार्ज डॉ. निर्मला दाहिमा को इंचार्जशिप से हटा दिया।

घर के अंदर ही चल रहा था अस्पताल

सीएमएचओ डॉ. आदित्य ने बताया कि सूचना मिलने पर टीम के साथ मेल नर्स जसराज सोलंकी के घर पर छापा मारा। वहां पूरा अस्पताल तैयार मिला। उसमें बेड लगे हुए थे, इंजेक्शन काउंटर, ड्रेसिंग रूम, कंसल्टेशन चेम्बर तक अलग से बना था। सीएमएचओ ने गोगुंदा बीसीएमओ को नियमानुसार मेल नर्स के विरुद्ध अग्रिम कार्रवाई के निर्देश दिए। इस कार्रवाई के दौरान डिप्टी सीएमएचओ डॉ. विक्रमसिंह, डॉ.मोहन सिंह धाकड़ आदि मौजूद थे।

लाखों की सरकारी दवाइयां मिलीं

मौके पर जांच में भारी मात्रा में सरकारी अस्पतालों की दवाइयां, कॉटन, बैंडेज, साबुन, सर्जिकल लिक्विड, पोविडोन आयोडिन, इनहेलर सहित कई प्रकार की सामग्री मिली। इनकी कीमत करीब एक लाख रुपए बताई है। टीम ने मौके से करीब दो लाख रुपए की निजी दवाइयां भी जब्त कीं।

सरकारी नौकरी के साथ कई साल से चल रही थी प्रेक्टिस

सादड़ी (पाली) निवासी जसराज सोलंकी सायरा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में 25 वर्ष से मेल नर्स है। आरोप है कि वह वर्षों से घर में क्लिनिक चला रहा था और सरकारी दवाओं का दुरुपयोग कर मरीजों का इलाज करता था। मौके पर मिली सरकारी दवाइयों के बारे में पूछताछ में उसने बताया कि कुछ दवाएं एक्सपायरी थीं, जिन्हें वह अस्पताल से निकालकर घर पर ले आया, लेकिन जांच में एक भी दवा एक्सपायरी नहीं मिली।

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