कृषि विभाग का संयुक्त निदेशक 8 हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार, खाद-बीज व्यापारियों के स्टॉक रजिस्टर वेरिफाई के लिए प्रति रजिस्टर मांगे 5-5 हजार रुपए, 2 हजार ले चुका था
राजस्थान एसीबी ने बारां में बड़ी कार्रवाई करते हुए संयुक्त निदेशक को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। आरोपी ने खाद और बीज व्यापारियों से उनके स्टॉक रजिस्टर को वेरिफाई करने के बदले में रिश्वत की मांग की थी।
एनसीआई@बारां
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए कृषि विभाग बारां के संयुक्त निदेशक आनंदीलाल मीणा को रिश्वत लेते दबोच लिया। एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर बारां चौकी ने यह बड़ी कार्रवाई की है।
आरोपी मीणा द्वारा क्षेत्र के खाद, बीज और कीटनाशक विक्रेताओं को उनके स्टॉक रजिस्टर वेरिफाई करने के नाम पर परेशान किया जा रहा था। परिवादियों ने एसीबी को दी शिकायत में बताया कि मीणा प्रत्येक रजिस्टर के सत्यापन के लिए 5-5 हजार रुपए की मांग कर रहे हैं, जिससे व्यापारी काफी समय से मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान हैं।
एसीबी का जाल और रंगे हाथों गिरफ्तारी
इस शिकायत के मिलने के बाद एसीबी की टीम ने 5 मई 2026 को इसका गोपनीय सत्यापन करवाया। इसमें भ्रष्टाचार की पुष्टि हुई। इसमें संयुक्त निदेशक मीणा ने रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 2000 रुपए ले लिए थे।
इसके बाद आज बुधवार, 6 मई को एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कालू राम वर्मा के नेतृत्व में जाल बिछाया गया। जैसे ही आनंदीलाल ने एक परिवादी से 5000 रुपए और दूसरे से बकाया 3000 रुपए (कुल 8000 रुपए) लिए, टीम ने इन्हें मौके पर ही दबोच लिया।
अधिकारियों की निगरानी में आगे की जांच
इस कार्रवाई को एसीबी कोटा रेंज के डीआईजी ओमप्रकाश मीणा के सुपरविजन और एएसपी कालूराम वर्मा के नेतृत्व में डीएसपी प्रेमचंद मीणा की टीम ने अंजाम दिया। टीम ने आरोपी आनन्दीलाल मीणा को एक परिवादी से 5 हजार और दूसरे परिवादी से 3 हजार रुपए लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा।
फिलहाल एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक एस. परिमला के निर्देशन में आनंदीलाल से पूछताछ की जा रही है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। साथ ही टीम अब उनके अन्य ठिकानों और दस्तावेजों की जांच कर रही है।
