बूंदी: फीस बकाया होने से प्राइवेट स्कूल ने नहीं दी दो अनाथ छात्राओं की टीसी, बाल कल्याण समिति ने यह एक्शन लिया
एनसीआई@बूंदी
कोरोना महामारी के दौरान अनेक परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हो जाने के कारण अपने बच्चों को प्राइवेट स्कूलों से सरकारी स्कूलों में प्रवेश दिलाना चाह रहे हैं। ऐसे मेें अभिभावकों के टीसी चाहने पर प्राइवेट स्कूल पिछले दो वर्षों की बकाया भारी भरकम फीस एक साथ मांग रहे हैं। इतनी फीस नहीं देने पर वे टीसी देने में विलम्ब करते हैं या मना कर देते हैं। इससे छोटे-छोटे बच्चों की पढ़ाई में बाधा उत्पन्न हो रही है। बाल कल्याण समिति के संज्ञान में यह बात आने पर उसने इस पर एक्शन लिया है।
बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष सीमा पोद्दार ने बताया कि इस तरह का एक प्रार्थना पत्र शांति रावल पत्नी राधेश्याम निवासी जनता कॉलोनी ने उनकी पौत्रियों सिमरन कक्षा 3 आयु 14 वर्ष एवं अनन्या कक्षा 1 आयु 8 वर्ष पुत्री स्व. विनोद रावल के सम्बन्ध में दिया है। ये दोनों बालिकाएं अनाथ हैं। पिता की मृत्यु कोरोना काल में हो चुकी है। वहीं मां बच्चियों को छोड़कर चली गई है। प्रार्थिया दोनों बच्चियों को पालने एवं शिक्षा दिलाने में असमर्थ है। पूर्व में ये बालिकाएं रजत गृह कॉलोनी के एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ती थीं, परन्तु अब टीसी लेकर राजकीय विद्यालय, रजत गृह में पढ़ना चाहती हैं। मगर पूर्व का विद्यालय बकाया राशि 14 हजार रुपए जमा करवाए बिना टीसी नहीं दे रहा है। इससे बच्चियां शिक्षा से वंचित हो गई हैं।
इस प्रकरण को बाल कल्याण समिति ने गम्भीर मानते हुए जिला शिक्षा अधिकारी मुख्यालय बूंदी से आग्रह किया है कि एक आदेश प्रसारित कर आर्थिक कारणों से अत्यंत गरीब एवं अनाथ बच्चों की टीसी अकारण नहीं रोकी जाए। इससे उन्हें सरकारी विद्यालयों में पढ़ाने के लिए टीसी के बिना प्रवेश लेने में किसी प्रकार की समस्या नहीं हो। इन बालिकाओं को टीसी दिलवाकर रजत गृह सरकारी विद्यालय में प्रवेश दिलाया जाए।
