लाल किले की प्राचीर से पीएम मोदी ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाने के साथ विपक्षी पार्टियों पर लगाए तीखे निशाने, फिर कहा- ‘अगले साल फिर आऊंगा’
एनसीआई@नई दिल्ली
77 वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से अपने सम्बोधन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आम चुनाव 2024 का एजेंडा सेट कर दिया। लालकिले के प्राचीर से पीएम मोदी ने अपने इस 10 वें सम्बोधन में जनता से मदद भी मांगी और आशीर्वाद भी। मोदी ने कहा कि अगले 5 साल ‘अभूतपूर्व विकास’ के हैं। उन्होंने ऐलान किया, ‘अगली बार 15 अगस्त को इसी लाल किले से मैं आपको देश की उपलब्धियां, आपके सामर्थ्य, आपके संकल्प, उसमें हुई प्रगति, उसकी सफलता और गौरवगान… पूरे आत्मविश्वास से आपके सामने प्रस्तुत करूंगा।’
मोदी ने किसी का नाम नहीं लिया मगर विपक्ष पर हमले खूब किए। भ्रष्टाचार, परिवारवाद और तुष्टिकरण को ‘तीन बुराइयों’ के रूप में गिनाते हुए पीएम ने कहा ये मोदी के जीवन का कमिटमेंट है कि वे इनसे लड़ाई लड़ते रहेंगे। मोदी ने लाल किले के प्राचीर से कई बातें कहीं जो मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस को चुभ जाएंगी।

मैं पसीना भी बहाता हूं तो आपके लिए
इशारों में विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए पीएम ने कहा, ’25 साल से देश में चर्चा चल रही थी कि नया संसद भवन बनेगा। यह मोदी है जिसने समय के पहले संसद बनाकर रख दिया।’ कई विपक्षी दलों ने नए संसद भवन के उद्घाटन का बहिष्कार किया था।
मोदी ने लालकिले की प्राचीर से कहा, ‘ नया भारत है, आत्मविश्वास से भरा हुआ भारत है, ये संकल्पों को चरितार्थ करने के लिए जी-जान से जुटा हुआ भारत है। इसलिए ये भारत, न रुकता है, न थकता है, न हांफता है और न ही ये भारत हारता है। आज भारत पुरानी सोच, पुराने ढर्रे को छोड़ करके, लक्ष्यों को तय करके, लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए चल रहा है। जिसका शिलान्यास हमारी सरकार करती है, उसका उद्घाटन भी हम अपने कालखंड में ही करते हैं। इन दिनों मैं जो शिलान्यास कर रहा हूं, उनका उद्घाटन भी मेरे नसीब में है।’

मोदी ने आगे कहा, ‘मैं आप में से आता हूं, मैं आपके बीच से निकला हूं, मैं आपके लिए जीता हूं। अगर मुझे सपना भी आता है तो आपके लिए आता है, अगर मैं पसीना भी बहाता हूं तो आपके लिए बहाता हूं। इसलिए नहीं कि आपने मुझे ये दायित्व दिया, ये मैं इसलिए कर रहा हूं क्योंकि आप मेरे परिवारजन हैं और मैं आपके किसी दुख को नहीं देख सकता हूं।’
एक ही परिवार कैसे चला चला सकता है राजनीतिक दल?
पीएम मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर अपने सम्बोधन में कहा कि आज परिवारवाद और तुष्टिकरण ने हमारे देश को बर्बाद कर दिया है। उन्होंने किसी का नाम लिए बिना उन दलों पर निशाना साधा, जिनका नियंत्रण एक परिवार के पास है। पीएम ने कहा, ‘किसी राजनीतिक दल का प्रभारी केवल एक ही परिवार कैसे हो सकता है? उनके लिए उनका जीवन मंत्र है- परिवार की पार्टी, परिवार द्वारा और परिवार के लिए।

अगले साल इसी लाल किले से फिर…
मैं लालकिले से आपकी मदद मांगने आया हूं, मैं आपका आशीर्वाद मांगने आया हूं। आजादी के अमृतकाल में 2047 में, जब देश आजादी के 100 साल मनाएगा, उस समय दुनिया में भारत का तिरंगा झंडा विकसित भारत का तिरंगा झंडा होना चाहिए। 2019 में परफॉर्मेंस के आधार पर आप सबने हमें फिर से आशीर्वाद दिया। परिवर्तन का वादा मुझे ले आया और आने वाले 5 साल अभूतपूर्व विकास के हैं। 2047 के सपने को साकार करने के सबसे बड़े स्वर्णिम पल आने वाले 5 साल हैं। अगली बार 15 अगस्त को इसी लाल किले से मैं आपको देश की उपलब्धियां, आपके सामर्थ्य, आपके संकल्प, उसमें हुई प्रगति, उसकी सफलता और गौरवगान… पूरे आत्मविश्वास से आपके सामने प्रस्तुत करूंगा।

ये मोदी का कमिटमेंट है…
लाल किले के प्राचीर से पीएम मोदी ने कहा, ‘अगर सपनों को सिद्ध करना है और संकल्प को पार करना है तो हमें तीन बुराइयों से लड़ना होगा। पहली लड़ाई भ्रष्टाचार के खिलाफ है, दूसरी लड़ाई परिवारवाद के खिलाफ है, और तीसरी लड़ाई तुष्टिकरण के खिलाफ है। भ्रष्टाचार ने हमारे देश को दीमक की तरह नोंच लिया है… लेकिन ये मोदी के जीवन का कमिटमेंट है कि मैं भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ता रहूंगा। दूसरा, परिवारवाद ने हमारे देश को नोंच लिया है। इस परिवारवाद ने जिस तरह से देश को जकड़ के रखा है, इसने लोगों का हक छीना है। तीसरी बुराई तुष्टिकरण की है। इस तुष्टिकरण ने देश की मूलभूत चिंतन को, हमारे राष्ट्रीय चरित्र को दाग लगा दिए हैं। तहस-नहस कर दिया है। इसलिए हमें इन बुराइयों…भ्रष्टाचार, परिवारवाद और तुष्टिकरण के साथ पूरे सामर्थ्य के साथ लड़ना है।’
सबसे महत्वपूर्ण काल अगले पांच साल
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमें ऐसा भारत बनाना है, जो राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का था, स्वतंत्रता सेनानियों का था, वीरांगनाओं का था। वर्ष 2047 के सपनों को साकार करने का सबसे महत्वपूर्ण काल अगले पांच साल हैं।

हम विश्व की 5 वीं अर्थव्यवस्था बन चुके हैं
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्ष 2047 में जब देश आजादी के 100 साल का जश्न मना रहा होगा, तब भारत का तिरंगा विकसित भारत का तिरंगा झंडा बने। उन्होंने कहा कि 2014 में हम वैश्विक अर्थव्यवस्था में 10वें नम्बर पर थे, आज 140 करोड़ देशवासियों का पुरुषार्थ रंग लाया और हम विश्व की 5वीं अर्थव्यवस्था बन चुके हैं। यह ऐसे ही नहीं हुआ है, हमने लीकेज बंद किया, मजबूत अर्थव्यवस्था बनाई, गरीब कल्याण के लिए ज्यादा से ज्यादा धन खर्च करने का प्रयास किया।
दो करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत हमने 70 हजार करोड़ रुपए खर्च किए हैं, ताकि गरीब को दवाई मिले, उनका अच्छे से इलाज हो। हमने पशुधन को बचाने के लिए करीब 15 हजार करोड़ रुपए टीकाकरण पर लगाए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने स्वयं सहायता समूहों की सराहना करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य दो करोड़ ‘लखपति दीदी’ बनाने का है। उन्होंने कहा कि हमें तीन बुराइयों- भ्रष्टाचार, परिवारवाद और तुष्टीकरण के खिलाफ पूरे सामर्थ्य के साथ लड़ना है। हमारी नीतियां स्पष्ट हैं, नीयत पर कोई सवालिया निशान नहीं है, लेकिन मुद्दे हैं जिस पर मैं लाल किले की प्राचीर से देश की जनता से मदद तथा आशीर्वाद मांग रहा हूं।

नीयत के सामने सवालिया निशान नहीं
पीएम मोदी ने कहा कि सपने अनेक हैं, नीतियां स्पष्ट हैं। नीयत के सामने सवालिया निशान नहीं हैं, लेकिन कुछ सच्चाइयों को स्वीकार करना पड़ेगा। उसके समाधान के लिए आज लाल किले से आपकी मदद मांगने आया हूं। आपका आशीर्वाद मांगने आया हूं। अनुभव के आधार पर कह रहा हूं, गम्भीरता पूर्वक उन चीजों को हमें लेना होगा। आजादी के अमृत काल में जब देश आजादी के 100 साल मनाएगा, दुनिया में विकसित भारत का तिरंगा झंडा होना चाहिए। रत्तीभर हमें रुकना नहीं है। 2047 में जब देश आजादी के 100 साल मनाएगा, तो भारत विकसित देश होगा।
सीमावर्ती 600 गांवों के प्रधान लाल किले पर मौजूद
पीएम मोदी ने लाल किले से कहा कि मेरे परिवारजनों आजतक भारत के जो बॉर्डर विलेज हैं, वाइब्रेंट बॉर्डर विलेज शुरू किए हैं, उन्हें अभी तक देश का आखिरी गांव कहा जाता था, लेकिन अब वो देश का पहला गांव है। सीमावर्ती 600 गांवों के प्रधान आज लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम का हिस्सा बनने आए हैं। उन्होंने कहा कि आतंकी हमलों में कमी आई है। नक्सली घटनाएं कम हुई हैं।

झुग्गी-झोपड़ी से निकले बच्चे दुनिया में पराक्रम दिखा रहे
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज झुग्गी-झोपड़ी से निकले बच्चे दुनिया में पराक्रम दिखा रहे हैं। छोटे-छोटे गांव, कस्बे के नौजवान, हमारे बेटे-बेटियां आज कमाल दिखा रहे हैं। हमारा लक्ष्य अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना, लोगों को सशक्त बनाना और भारत को विकसित देश बनाना है। हमने पीएम किसान सम्मान निधि के माध्यम से ढाई लाख करोड़ रुपए किसानों के खातों में जमा किए, हर घर में शुद्ध पानी पहुंचाने के लिए हमने जल जीवन मिशन पर 2 लाख करोड़ रुपए खर्च किए हैं।
देश में आतंकी हमलों में कमी आई
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह काम करने वाली सरकार है, यह नया भारत है.. यह भारत न रुकता है, न हांफता है। आज देश में आतंकी हमलों में कमी आई है, नक्सली घटनाएं बीती बात हो गई हैं। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी के बाद एक नई वैश्विक व्यवस्था, एक नया भू राजनीतिक समीकरण बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। हमें संतुलित विकास पर बल देना है, क्षेत्रीय अकांक्षाओं को पूरा करना है।
योजनाओं का शिलान्यास करते हैं, उनका उद्घाटन भी करते हैं
प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले की प्राचीर से कहा कि हम जिन योजनाओं का शिलान्यास करते हैं, उनका उद्घाटन भी करते हैं। इन दिनों जिन योजनाओं का शिलान्यास कर रहा हूं, उसका भी उद्घाटन करना आपने (जनता ने) हमारे लिए रख छोड़ा है।

खिलाड़ियों को स्पेशल ट्रेनिंग दी जा रही है
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार खिलाड़ियों को स्पेशल ट्रेनिंग दे रही है। आज भारत पुरानी सोच, पुराने ढर्रे को छोड़कर लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। जैसा हम कहते हैं कि जिन योजनाओं का शिलान्यास हम करते हैं, उन योजनाओं का उद्घाटन भी हम करते हैं। हमने आजादी के अमृत महोत्सव में 50 हजार अमृत सरोवर की कल्पना की थी। आज 75000 अमृत सरोवर बनाने पर काम चल रहा है। 18000 गांवों तक बिजली पहुंचाना, बेटियों के लिए शौचालय बनाना, समय से पहले हम लक्ष्यों तक पहुंच रहे हैं। 200 करोड़ वैक्सीनेशन का काम हुआ। ये सुनकर सभी चौंक जाते हैं। हम 6G की तैयारी में जुटे हुए हैं।
हमारा लक्ष्य देश को महंगाई से छुटकारा दिलाना
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने सम्बोधन में कहा कि जब इनकम टेक्स में छूट बढ़ती है तो सबसे ज्यादा फायदा सैलरी क्लास को होता है। मेरे परिवारजनों विश्व कोरोना के बाद उभर नहीं पाया है। युद्ध ने नई मुसीबत पैदा कर दी है। दुनिया महंगाई के संकट से जूझ रही है। हम भी दुनिया से सामान लाते हैं, हमारा दुर्भाग्य है कि महंगाई इम्पोर्ट करनी पड़ती है। भारत ने महंगाई पर नियंत्रण रखने के लिए कई प्रयास किए हैं। हमें सफलता भी मिली है। दुनिया से अच्छी स्थिति हमारी है, यह सोचकर हम बैठ नहीं सकते। हमारा लक्ष्य देश को महंगाई से छुटकारा दिलाना है। इसके लिए हमारे प्रयास जारी रहेंगे।
विश्वकर्मा योजना का किया ऐलान
प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले की प्राचीर से कहा कि देशवासियों को कहना चाहता हूं देशभर में 10 हजार से बढ़ाकर 25000 जनऔषधी केन्द्र खोलने जा रहे हैं। देश आने वाले 5 सालों में 3 वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं में एक होगा। उन्होंने कहा कि मेरे परिवारजनों जब 13.5 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकलते हैं तो कैसी कैसी योजनाएं मिली हैं। पीएम स्वनिधी योजना, आवास योजना से लाभ मिला है। आने वाले समय में विश्वकर्मा जयंती पर हम 13-15 हजार करोड़ रुपए से नई ताकत देने के लिए हम आने वाले महीने में विश्वकर्मा जयंती पर विश्वकर्मा योजना शुरू करेंगे।

हमने सहकार से समृद्धि का रास्ता अपनाया
प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले की प्राचीर से कहा कि हमने सहकार से समृद्धि का रास्ता अपनाया है। जब देश आर्थिक रूप से समृद्ध होता है, तब केवल देश की तिजोरी ही नहीं भरती है, बल्कि देश का सामर्थ्य भी बढ़ता है। मैं तिरंगे को साक्षी मानकर अपने देशवासियों को 10 साल का हिसाब दे रहा हूं।
आपने सरकार फॉर्म की, हमने रिफॉर्म किया
लाल किले की प्राचीर से पीएम मोदी ने कहा कि आपने सरकार फॉर्म की, हमने रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म किया। स्थिर सरकार चाहिए, पूर्ण बहुमत वाली सरकार चाहिए और 30 साल के अनिश्चितता के कालखंड के बाद देश के लोगों ने एक स्थिर सरकार दी। 2014 और 2019 में एक पूर्ण बहुमत वाली, स्थिर सरकार बनाई तो मोदी में सुधार की हिम्मत आई। उन्होंने कहा कि जब आपने एक मजबूत सरकार ‘फॉर्म’ (गठित) की तो मोदी ने ‘रिफॉर्म’ (सुधार) किया। नौकरशाही ने ‘परफॉर्म’ (अच्छा काम) किया तथा जनता जुड़ गई तो ‘ट्रांसफॉर्म’ (बदलाव) हुआ। विश्वभर में भारत की चेतना के प्रति विश्वास पैदा हुआ है, मेरी सरकार और मेरे देशवासियों का मान ‘राष्ट्र प्रथम’ के वाक्य से जुड़ा हुआ है।
देश में अवसरों की कमी नहीं
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बदलते हुए विश्व को आकार देने में आज 140 करोड़ देशवासियों का सामर्थ्य नजर आ रहा है। आप निर्णायक मोड़ पर खड़े हैं। उन्होंने कहा कि हम जो भी फैसला करेंगे, वो 1000 साल तक हमारे भाग्य को लिखने वाला है। मैं देश के बेटे बेटियों को कहना चाहूंगा, जो सौभाग्य आज मिला है, शायद ही किसी का नसीब होता है, जिसे ये मिला हो, इसे गंवाना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि मुझे युवा शक्ति पर भरोसा है। आज मेरे युवाओं ने दुनिया में तीन पहले स्टार्टअप इकोसिस्टम में स्थान दिला दिया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में अवसरों की कमी नहीं है। आप जितने अवसर चाहेंगे, देश उतने अवसर देने में समर्थ है। देश में विशेष शक्ति जुड़ रही है, माताओं बहनों की शक्ति की। ये आप का ही परिश्रम है। किसानों की शक्ति जुड़ रही है, देश कृषि के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। मैं मजदूरों, श्रमिकों का कोटि कोटि अभिनंदन करना चाहता हूं।

किसान भाइयों का पुरुषार्थ है कि आज देश कृषि के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज मेरे युवाओं ने दुनिया के पहले तीन स्टॉर्टअप इकोसिस्टम में भारत को स्थान दिलाया है। किसान भाइयों का पुरुषार्थ है कि आज देश कृषि के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। देश में अवसरों की कमी नहीं है। जितने अवसरों की जरूरत होगी, उतने अवसर निकाले जाएंगे। भारत का सबसे बड़ा सामर्थ्य बना है विश्वास, सरकार के प्रति जन जन का विश्वास और विश्व का भारत के प्रति विश्वास..।
त्रिवेणी भारत के हर सपने को साकार करने का सामर्थ्य रखती है
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत से जो प्रकाशपुंज उठा है, उसमें विश्व को ज्योति नजर आ रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज हमारे पास लोकतंत्र, जनसंख्या और विविधता है और यह त्रिवेणी भारत के हर सपने को साकार करने का सामर्थ्य रखती है।
एक हजार साल पर होगा प्रभाव
प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले की प्राचीर से कहा कि अमृतकाल के इस कालखंड में हम जो करेंगे, जो कदम उठाएंगे, जितना त्याग करेंगे, तपस्या करेंगे, उसका आने वाले एक हजार साल पर प्रभाव होगा।

शांति से ही समाधान निकलेगा
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दिल्ली के लाल किले पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद देश को सम्बोधित करते हुए कहा- देश की आजादी की जंग में जिन लोगों ने योगदान और बलिदान दिया, त्याग किया, उन सबको नमन करता हूं। इस बार प्राकृतिक आपदा ने देश के अनेक हिस्सों में अकल्पनीय संकट पैदा किए हैं, जिन परिवारों ने इनका सामना किया, उनके प्रति संवेदना प्रकट करता हूं। केन्द्र और राज्य सरकार मिलकर संकट से निपटेंगे, प्रगति के रास्ते पर आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों में मणिपुर में हिंसा का दौर चला, मां बेटियों के सम्मान के साथ खिलवाड़ हुआ, लेकिन अब शांति बहाल हो रही है और शांति से ही समाधान निकलेगा।
मणिपुर से आ रहीं अब शांति की खबरें
लाल किले की प्राचीर से पीएम मोदी ने सम्बोधन की शुरुआत में ही कहा- मणिपुर से अब शांति की खबरें आ रही हैं, देश उनके साथ है। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले वहां से हिंसा की खबर आ रहीं थीं, लेकिन अब वहां शांति स्थापित हो गई है। वहां की जनता को मैं इसके लिए धन्यवाद देता हूं। देश मणिपुर की जनता के साथ है।
मोदी ने ये उपलब्धियां भी गिनाईं
• हमने पीएम किसान सम्मान निधि के माध्यम से ढाई लाख करोड़ रुपए किसानों के खाते में जमा किए हैं। हर घर में शुद्ध पानी पहुंचे, हमने जल जीवन मिशन पर 2 लाख करोड़ रुपए खर्च किए हैं।
• हमने आयुष्मान भारत योजना के तहत हमने 70 हजार करोड़ रुपए खर्च किए हैं, ताकि गरीब को दवाई मिले, उनका अच्छे से इलाज हो। हमने पशुधन को बचाने के लिए करीब-करीब 15 हजार करोड़ रुपए टीकाकरण के लिए लगाए हैं।
• जन औषधि केन्द्रों ने देश के सीनियर सिटिजन को, देश के मध्यमवर्गीय परिवार को एक नई ताकत दी है। इसकी सफलता को देखते हुए अब देश में 10 हजार जनऔषधि केन्द्र से बढ़ाकर 25 हजार जन औषधि केन्द्र बनाने का लक्ष्य रखा है।
• देश में रेल आधुनिक हो रही है तो वंदे भारत ट्रेन भी आज देश के अंदर काम कर रही है। गांव-गांव पक्की सड़कें बन रही हैं तो इलेक्ट्रिक बसें, मेट्रो की रचना भी आज देश में हो रही है। आज गांव-गांव तक इंटरनेट पहुंच रहा है।
• भारत ने महंगाई को नियंत्रित रखने के लिए भरसक प्रयास किए। पिछले कालखंड की तुलना में हमें सफलता भी मिली है, लेकिन हम इतने से संतोष नहीं कर सकते। मेरे देशवासियों पर महंगाई का बोझ कम से कम हो, इस दिशा में मुझे और भी कदम उठाने हैं और मेरा प्रयास निरंतर जारी रहेगा।
प्रधानमंत्री ने देशवासियों को ‘परिवारजन’ कहकर किया सम्बोधित
इस बार खास बात यह भी रही कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 77वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से अपने सम्बोधन में देशवासियों को बार-बार ‘परिवारजन’ कहकर सम्बोधित किया। प्रधानमंत्री मोदी और उनसे पहले के प्रधानमंत्री भी अब तक लाल किले से जनता को आम तौर पर ‘मेरे प्रिय देशवासियों’ कह कर सम्बोधित करते रहे हैं। मगर इस बार प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सम्बोधन में बदलाव करते हुए ‘मेरे प्यारे परिवारजनों’ और ‘मेरे प्रिय परिवारजनों’ कहा।
