April 22, 2026

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सबको चौंकाने वाला फैसला: मोहन यादव होंगे मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री, नरेन्द्र सिंह तोमर होंगे स्पीकर

सबको चौंकाने वाला फैसला: मोहन यादव होंगे मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री, नरेन्द्र सिंह तोमर होंगे स्पीकर

मध्य प्रदेश में सत्ता की कमान कौन संभालेगा, इसका फैसला हो गया है। प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज विधायक दल की बैठक हुई। इसमें फैसला लिया गया कि मोहन यादव विधायक दल के नेता होंगे।

एनसीआई@भोपाल

मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री की कुर्सी कौन संभालेगा, इसे लेकर कई दिनों से जारी सस्पेंस आज खत्म हो गया है। विधायक दल की बैठक में 58 वर्षीय मोहन यादव के नाम पर सहमति बन गई है। मोहन यादव उज्जैन दक्षिण से विधायक हैं। मोहन यादव को संघ का करीबी माना जाता है। जानकारी के मुताबिक शिवराज सिंह चौहान ने ही मोहन यादव के नाम का प्रस्ताव विधायक दल की बैठक में रखा था. इस ऐलान के साथ ही सभी कयासों पर विराम लग गया है। अब सूबे की कमान मोहन यादव के हाथों में होगी। वहीं जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ला उपमुख्यमंत्री होंगे।

इस अहम फैसले से पहले बीजेपी आलाकमान ने आज भोपाल में पर्यवेक्षकों की एक टीम भेजी थी। इसमें हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, आशा लाकड़ा और के लक्ष्मण शामिल रहे।

भोपाल पहुंचने के बाद मनोहर लाल खट्टर और अन्य पर्यवेक्षक मुख्यमंत्री आवास पहुंचे थे। यहां पहुंचने के बाद उन्होंने सबसे पहले शिवराज सिंह से मुलाकात की थी। बताया जा रहा था कि खट्टर बीजेपी आलाकमान का फरमान लेकर दिल्ली से पहुंचे थे। खट्टर के भोपाल पहुंचने के बाद भी नड्डा लगातार उनके साथ सम्पर्क में बने हुए थे।

पार्टी कार्यालय में जहां विधायक दल की बैठक चल रही थी, वहीं, पार्टी ऑफिस के बाहर प्रह्लाद पटेल और शिवराज सिंह चौहान के समर्थक नारेबाजी कर रहे थे। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री की रेस में सीएम शिवराज सिंह चौहान के साथ ही ज्योतिरादित्य सिंधिया, नरेंद्र सिंह तोमर, कैलाश विजयवर्गीय, प्रह्लाद पटेल और वीडी शर्मा के नाम शामिल थे। उधर, सीएम के नाम के ऐलान से पहले प्रह्लाद पटेल के आवास की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी।

उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश में बीजेपी ने विधानसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत हासिल किया था। जिस राज्य में कांग्रेस और बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर बताई जा रही थी, वहां कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया। मध्य प्रदेश में बीजेपी को 163 सीटों पर जीत हासिल हुई, जबकि कमलनाथ के चेहरे पर लड़ रही कांग्रेस महज 66 सीटों पर सिमट गई।

मोहन यादव के बारे में जानें

मोहन यादव उज्जैन दक्षिण से विधायक हैं। उन्हें संघ का करीबी माना जाता है। वह शिवराज सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री थे। वह 2013 में पहली बार विधायक बने थे। इसके बाद 2018 में उन्होंने दूसरी बार उज्जैन दक्षिण सीट से चुनाव जीता। मार्च 2020 में शिवराज सरकार के दोबारा बनने के बाद जुलाई में उन्हें कैबिनेट में शामिल किया गया था। दो जुलाई 2020 को शिवराज सिंह चौहान कैबिनेट में मंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद सूबे की राजनीति में उनका कद बढ़ा।

उनका जन्म 25 मार्च 1965 को मध्य प्रदेश के उज्जैन में हुआ था। वह कई सालों से बीजेपी के साथ थे। इसके साथ ही वह लगातार तीसरी बार विधायक बने। उन्होंने बीजेपी के मोहन यादव ने उज्जैन दक्षिण सीट से कांग्रेस के चेतन प्रेम नारायण को 12941 वोटों से हराया था।

मोहन यादव ने छात्र नेता के तौर पर अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने छात्र जीवन से ही राजनीति में कदम रख दिया था। वह 1982 में माधव साइंस कॉलेज के ज्वॉइंट सेक्रेटरी रहे। इसके बाद 1984 में वह अध्यक्ष बने। 1984 में वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) उज्जैन के नगर मंत्री पद तक पहुंचे।

बाद में 1988 में उन्हें एबीवीपी के प्रदेश सहमंत्री एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी का सदस्य बनाया गया। वह 1989-90 तक परिषद की प्रदेश इकाई के प्रदेश मंत्री बने। इसी तरह सफलता की सीढ़ियां चढ़ते हुए वह 1991-1992 में परिषद के राष्ट्रीय मंत्री पद तक पहुंच गए।

वह 1993-1995 में आरएसएस (उज्जैन) शाखा के सहखंड कार्यवाह बने। 1997 में भाजयुमो की प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य बने। बाद में 1998 में पश्चिमी रेलवे बोर्ड की सलाहकार समिति के सदस्य बन गए। 1999 में उन्हें भाजयुमो के उज्जैन संभाग का प्रभारी बनाया गया।

साल 2000-2003 में विक्रम विश्वविद्यालय उज्जैन की कार्य परिषद के सदस्य बने। 2000-2003 में उन्हें भाजपा का नगर जिला महामंत्री बनाया गया। 2004 में भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य बने। बाद में 2004 से 2010 में उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पद तक पहुंचे। साल 2008 से भारत स्काउट एंड गाइड के जिलाध्यक्ष बने। 2011-2013 में मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम बने।

इसके अलावा उन्हें कई पुरस्कारों से भी नवाजा गया है। उन्हें उज्जैन के समग्र विकास के लिए अप्रवासी भारतीय संगठन शिकागो (अमेरिका) की ओर से महात्मा गांधी पुरस्कार, इस्कॉन इंटरनेशनल फाउंडेशन की ओर से सम्मान और मध्य प्रदेश में पर्यटन के निरंतर विकास के पुरस्कार से नवाजा गया है।

मोहन यादव ने 2023 में चुनाव आयोग कि दिए हलफनामे में बताया है कि उनके पास 42 करोड़ से अधिक की सम्पत्ति है। इसमें से लगभग 10 करोड़ की चल और 32 करोड़ की अचल सम्पत्ति है। उनके ऊपर एक भी क्रिमिनल केस दर्ज नहीं है।

मोहन यादव के पास एलएलबी और पीएचडी की डिग्रियां हैं। उनके परिवार में पत्नी और तीन बच्चे हैं, जिनमें दो बेटे और एक बेटी हैं।

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