आत्मनिर्भर भारत : 2028 से भारत नहीं करेगा दालों का आयात, वेब पोर्टल के जरिए किसानों से डायरेक्ट होगी खरीद: अमित शाह
अमित शाह ने कहा, दालों के उत्पादन के मामले में भारत के आत्मनिर्भर बनने से लोगों को सस्ती कीमत पर दाल उपलब्ध कराई जा सकेगी।
एनसीआई@नई दिल्ली
केन्द्र सरकार ने दिसम्बर 2027 तक दलहन के उत्पादन में भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा फैसला किया है। देश के किसान ज्यादा से ज्यादा अरहर दाल की खेती कर सकें, इसके लिए सरकार ने एक बड़ी स्कीम लॉन्च की है। सरकार की एजेंसियां नाफेड (NAFED) और एनसीसीएफ (NCCF) ने एक वेब पोर्टल लॉन्च किया है, जिस पर अरहर दाल का उत्पादन करने वाले किसान अपने आप को रजिस्टर कर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर ऑन लाइन अरहर दाल बेच सकते हैं। किसानों को उनकी उपज का भुगतान सीधे उनके बैंक खाते में डीबीटी के जरिए किया जाएगा।
जनवरी 2028 से नहीं होगा दाल का आयात
गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने इस वेब पोर्टल को लॉन्च किया है। अमित शाह ने कहा, चना दाल और मूंग को छोड़कर दूसरी तरफ दालों के उत्पादन में भारत आत्मनिर्भर नहीं है। बाकी दलहनों के लिए भारत आयात पर निर्भर है। उन्होंने कहा, दाल का आयात करना भारत के लिए कतई सम्मानजक नहीं है। अमित शाह ने कहा दिसम्बर 2027 से पहले भारत दलहन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा और जनवरी 2028 से भारत एक किलो दाल का भी आयात नहीं करेगा।
किसान ऑन लाइन बेच सकेंगे अरहर दाल
वेबपोर्टल को लॉन्च करते हुए अमित शाह ने कहा कि, नाफेड और एनसीसीएफ के वेब पोर्टल पर किसानों को दलहन की खेती करने से पहले रजिस्टर कराना होगा। फसल के उत्पादन के बाद किसान अपनी अरहर दाल को एमएसपी पर ऑनलाइन पोर्टल पर बेच सकते हैं। उन्होंने बताया कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए किसानों को उनकी दलहन का भुगतान किया जाएगा। अमित शाह ने कहा कि अगर तब दाल की कीमत एमएसपी से ज्यादा है तो तब सरकार ज्यादा कीमत देने के लिए फॉर्मूला निकालेगी।
एमएसपी पर दाल खरीदेगी सरकार
गृह और सहकारिता मंत्री ने कहा, अपनी उपज की कीमत नहीं मिलने से किसान दलहन बोने से परहेज करते थे। उन्होंने किसानों से वेब पोर्टल पर जरूर रजिस्टर कराने को कहा, भले ही दालों के उत्पादन के बाद वे अपनी उपज को बाजार में ही क्यों ना बेचें, जहां उन्हें ज्यादा कीमत मिले। लेकिन एमएसपी से कम कीमत होने पर उनकी उपज को नाफेड और एनसीसीएफ जरूर खरीदेगी ये सरकार की गारंटी है। अमित शाह ने कहा, अरहर, उड़द और मसूर के उत्पादन में भारत को आत्मनिर्भर बनाने की सरकार की कोशिश है।
सस्ती होगी दाल
अमित शाह ने कहा, इस वेब पोर्टल के लॉन्च होने और दालों के उत्पादन में भारत के आत्मनिर्भर बनने से देश के आम लोगों को सस्ती कीमत पर दाल मिल सकेगी। उन्होंने बताया कि भारत दाल के जरिए सरकार सस्ती दाल लोगों को उपलब्ध करा रही है।
