मालिक हमेशा चोर-चोर कहता था, अवसादग्रस्त सेल्समैन ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में लिखा: 19 साल में कील तक चोरी नहीं की, ईमानदारी का यह फल मिला
एनसीआई@कोटा
एक शो रूम का मालिक उसके सेल्समैन को हमेशा चोर कहकर सम्बोधित करता था। करीब एक साल पूर्व उसके गोदाम में हुई चोरी के लिए उसे ही आरोपी ठहराता था। इससे अवसादग्रस्त चल रहे सेल्समैन ने जहर खा लिया। तीन दिन तक इलाज चलने के बाद आज शनिवार सुबह 7 बजे करीब उसकी अस्पताल में मौत हो गई।
भीमगंजमंडी पुलिस के अनुसार-विजयपाल (40) निवासी जनकपुरी, इन्द्रा कॉलोनी ने 4 सितम्बर की रात जहर खा लिया था। इसके बाद परिजन उसे इलाज के लिए एमबीएस अस्पताल ले गए। वहां आज सुबह उसकी मौत हो गई। इसके पहले सुबह जब विजयपाल की पत्नी कंचन घर पर उसके बिस्तर की चादर सही कर रही थी तो वहां उसका सुसाइड नोट मिल गया था। इसमें विजयपाल ने अपने शोरूम मालिक पर उसे हमेशा चोर कह कर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।

यह लिखा है सुसाइड नोट में
इस सुसाइड नोट में विजयपाल ने लिखा है- ‘बॉस को लगता है कि मैं चोर हूं। बार-बार चोर कहकर बुलाते हैं। थाने में पुलिस भी बुलाकर परेशान करती है। मैं सुसाइड मेरी इच्छा से कर रहा हूं, मेरे परिवार काे कोई परेशान नहीं करे। मेरी वाइफ को ऑफिस से मुआवजा जरूर मिले। भैया यह आप ध्यान रखना…बस। मैं एक साल से बहुत डिप्रेशन में चल रहा हूं। मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा कि मैं क्या करूं। एक साल पहले हमारे ऑफिस में नया काम आया था। उसमें पूरा स्टाफ काम करता था, लेकिन 2 महीने बाद वहां चोरी हो गई। मैं अकेले पूरा गोदाम व ऑफिस संभालता था। मैंने कोई भी चोरी नहीं की। 19 साल से कम कर रहा हूं। एक कील भी चोरी नहीं की, फिर भी उन लोगों ने मेरे ऊपर इल्जाम लगा दिया कि तू तो चोर है, विज्ञान नगर थाने में मुझे बहुत परेशान किया जाता था बार-बार बुलाकर।’
चोर सुन सुनकर मेरा दिमाग खराब हो गया था
सुसाइड नोट में आगे लिखा है-‘ऑफिस में भी बोलते थे कि तू चोर है, सारा माल तूने गायब किया है और रोज यही होता है। एक साल से सुन-सुन कर मेरा दिमाग खराब हो रहा है। मैं नौकरी भी नहीं छोड़ सकता था, नहीं तो जो मैंने नहीं किया, वह मेरे ऊपर डाल देते। कुछ समझ में नहीं आ रहा। यह बात बस मेरी वाइफ को पता है। घर पर किसी को नहीं बताई आज तक। भैया मैं बहुत टेंशन में रहता हूं। कुछ समझ नहीं आ रहा, इसलिए कदम उठा रहा हूं। भैया मुझे माफ कर देना। यह कदम मैं नहीं उठाना चाहता था, लेकिन रोज ऑफिस में जाता हूं तो वहां बॉस हमेशा बोलते हैं कि तू चोर है।’
‘कुछ समझ में नहीं आता कि क्या जवाब दूं इनको। मैंने यहां बहुत ईमानदारी से काम किया। टाइम से जाना और आने का कोई टाइम नहीं, इसके बाद भी ईमानदारी का मुझे यह फल मिला। भइया आपको, मम्मी व पत्नी कंचन को बहुत मिस कर रहा हूं।’

पत्नी ने कहा:आरोप लगने के बाद से चुप रहने लगे थे
विजयपाल की पत्नी कंचन ने इस मामले में थाने में दी रिपोर्ट में कहा है-‘पति विजयपाल पिछले 19 साल से कोटा में घोड़े वाला बाबा चौराहे पर स्थित इलेक्ट्रॉनिक शो रूम में काम करते हैं। एक साल पहले शो रूम के गोदाम से कोई चोरी हुई थी। इसमें बार-बार उनके पति को चोर-चोर कहकर बुलाया जाता था। इसके बाद से पति चुप रहने लगे थे।
रिपोर्ट में पत्नी ने बताया- 22 अगस्त को पति उसे उत्तर प्रदेश पीहर छोड़ने गए थे। इसके बाद 4 सितम्बर की रात 9 बजे उनसे आखिरी बार बात हुई। इसके बाद सुबह 4 बजे सास का फोन आया और कहा- विजय की तबीयत खराब है। वह कोटा पहुंची तो पता चला कि पति ने जहर खा लिया है।
पत्नी ने आगे बताया- जब मैं शनिवार सुबह पति के कमरे की चादर सही कर रही थी तो वहां सुसाइड नोट मिला। इस नोट में पति ने बॉस पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।
इस रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने सम्बन्धित धाराओं में केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
