राजस्थान: खुद को आईपीएस बताता रहा, मगर करता था परचून की दुकान पर काम, मामले का खुलासा हुआ तो सगाई टूटी, एफआईआर के बाद हुआ गिरफ्तार
आरोपी सुनील कुमार ने पुलिस को बताया कि करीब 3 माह मसूरी में रहकर परचून की दुकान पर काम करता था और दिन में समय निकालकर आईपीएस ट्रेनिंग सेंटर के बाहर फोटो खींचकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर डालने के अलावा ससुराल पक्ष व अन्य जान पहचान वालों को भी भेज देता था।
एनसीआई@जयपुर
एक युवक ने पहले खुद को बड़ा सरकारी अधिकारी बताकर सगाई कर ली। बाद में आईपीएस में चयन हो जाने से ट्रेनिंग करने की बात कही। इससे ससुराल पक्ष से महंगे उपहार मिलते रहे। मगर जिस युवती से उसकी सगाई हुई थी, उसका भाई अर्थात होने वाला साले के सामने फर्जी आईपीएस की पोल खुल गई।
दरअसल, युवती के परिजन जिसे आईपीएस अधिकारी मान रहे थे, वह तो मसूरी में परचून की दुकान पर काम करता था। इस पर युवती के पिता ने प्रागपुरा थाने में मामला दर्ज करवाया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने यह दी जानकारी
प्रागपुरा थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि परिवादी बद्री प्रसाद चौहान (50) निवासी पुराना रोड राठी कॉलोनी पावटा ने प्रागपुरा थाने में मामला दर्ज करवाया है। इसके अनुसार वह अपनी बेटी की सगाई के लिए लड़का ढूंढ रहे थे। वर्ष 2021 में उनके समाज के लोगों ने सुनील कुमार सांखला पुत्र मूलचंद धोबी, निवासी धोबियों की ढाणी,हमीरपुर, तहसील बानसूर, थाना हरसोरा जिला कोटपूतली-बहरोड़ के बारे में जानकारी दी। उन्हें बताया गया कि सुनील राजस्थान पुलिस में कांस्टेबल के पद पर कोटा में तीन माह तक नौकरी कर चुका है। इसके बाद उसका इनकम टेक्स डिपार्टमेंट में चयन हो गया। इस पर 7 नवम्बर 2021 को उसने अलवर में ड्यूटी ज्वॉइन कर ली। इस बात पर उन्होंने विश्वास कर 12 नवम्बर 2021 को अपनी बेटी का रिश्ता सुनील कुमार के साथ तय कर दिया।
ऐसे पता चली सच्चाई
इसी दौरान सुनील ने बताया कि उसका आईपीएस में चयन हो गया, इसलिए उसने इनकम टेक्स डिपार्टमेंट की नौकरी छोड़ दी है। अब उसकी मसूरी में ट्रेनिंग चल रही है। इस दौरान सुनील कुमार परिवादी बद्री प्रसाद के बेटे अमित कुमार चौहान, उसके दोस्त इंद्राल सैनी व रिश्तेदार सत्यनारायण कनौजिया को राजस्थान के विभिन्न शहरों में घुमाने ले गया। इसी बीच अमित को पता चला कि सुनील कुमार फर्जी है। वह किसी सरकारी नौकरी में नहीं है। इस पर उन्होंने बेटी की सगाई तोड़ दी। साथ ही सगाई में दिया गया सामान वापस मांगा, मगर आरोपी ने देने से इनकार कर दिया। प्रागपुरा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया है।
आरोपी ने पूछताछ में यह बताया
पूछताछ में आरोपी सुनील कुमार ने पुलिस को बताया कि वह करीब 3 माह से मसूरी में रहकर परचून की दुकान पर काम कर रहा था। इस बीच दिन में समय निकालकर वह मसूरी में ही स्थित आईपीएस ट्रेनिंग सेंटर के बाहर पहुंच जाता और वहां से फोटो खींचकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर डाल देता। साथ ही ससुराल पक्ष व अन्य जान पहचान वालों को भी भेज देता था। वह खुद को पंजाब कैडर का आईपीएस बताता था।
