कोटा: सशक्त और समृद्ध होंगे हमारे पंच गौरव’ 103.50 लाख रुपए बजट आवंटित, कार्य योजना हो रही तैयार’
-रचना शर्मा
सहायक निदेशक
कोटा।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर जिले की क्षमता एवं विशिष्टता के आधार पर पंच गौरव योजना में एक उत्पाद, एक गंत़व्य स्थल, एक उपज, एक खेल व एक प्रजाति का चयन कर इनके संरक्षण, संवर्धन एवं विकास का बीडा राज्य सरकार ने उठाया है। इस महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर साकार करने के लिए राज्य सरकार की ओर से बजट आवंटन कर दिया गया है।
जिला कलेक्टर पीयूष समारिया के निर्देशन में सम्बंधित विभागों द्वारा कार्ययोजना तैयार की जा रही है। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई पंच गौरव योजना में एक जिला एक उत्पाद-कोटा डोरिया, एक जिला-एक उपज- धनिया, एक जिला-एक प्रजाति- खैर, एक जिला-एक खेल- कुश्ती तथा एक जिला-एक पर्यटन स्थल के तौर पर चम्बल रिवर फ्रंट का चयन किया गया है। प्रदेश के सर्वांगीण विकास को दृष्टिगत रखते हुए प्रत्येक जिले की क्षमता एवं क्षेत्र विशेष में विशिष्टता के आधार पर उत्पादों, स्थलों, प्रजाति, खेल व उपज का चयन कर उनके संरक्षण, संवर्धन एवं विकास के माध्यम से जिले को एक मजबूत सांस्कृतिक एवं आर्थिक पहचान देने के उद्देश्य से पंच गौरवों का निर्धारण किया गया है। विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से आर्थिक उन्नति एवं रोजगार के अवसरों में बढ़ोतरी कर ये विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगे।
सम्बंधित विभाग बनाएंगे कार्ययोजना
पंच गौरव योजना के नोडल अधिकारी संयुक्त निदेशक सांख्यिकी महेश चंद्र बैरवा ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा पंच गौरव विकास के लिए 103.50 लाख रुपए बजट आवंटन किया गया है। इस बजट राशि के माध्यम से पंच गौरव उन्नयन एवं संवर्द्धन के लिए सम्बंधित विभाग कार्ययोजना तैयार कर रहे हैं। जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित समितियों के माध्यम से मार्गदर्शन, बजट, विकास की कार्ययोजना, सामुदायिक भागीदारी, क्षमतावर्द्धन, बाजार तकनीकों का प्रशिक्षण आदि के क्षेत्र में चरणबद्ध कार्य किया जाएगा।
धनिया, कुश्ती, रिवर फ्रंट, खैर और कोटा डोरिया हैं जिले के पंच गौरव
चयनित पर्यटन स्थल चम्बल रिवर फ्रंट चम्बल रिवर फ्रंट भारत में विकसित प्रथम हैरिटेज रिवर फ्रंट है। यह परियोजना पर्यटकों को आकर्षित कर रही है। इससे कोटा शहर में रोजगार के नवीन अवसर उपलब्ध होंगे तथा अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा। नोडल अधिकारी ने बताया कि इस गंतव्य स्थल पर पर्यटन विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा 40 लाख रुपए का बजट आवंटित किया गया है। इसी तरह धनिया के उन्नयन एवं संवर्द्धन के लिए 8 लाख रुपए का बजट दिया गया है। जिले में लगभग 40 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में पाई जाने वाली बहु उपयोगी प्रजाति खैर के संरक्षण संवर्द्धन के लिए 20 लाख रुपए, प्रमुख खेल कुश्ती के लिए 30 लाख रुपए तथा उत्पाद कोटा डोरिया के लिए 5 लाख रुपए का बजट आवंटित किया गया है। इस बजट राशि में पंच गौरवों के प्रति जागरुकता, शिक्षण एवं जनसहभागिता पर अधिक जोर देते हुए 5-5 लाख रुपए की राशि आईईसी के लिए सम्मिलित है।
सूचना एवं जनसम्पर्क कार्यालय
