बीजेपी छोड़ने के बाद शहजाद पूनावाला ने अब आम आदमी पार्टी की प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ की सोशल मीडिया पोस्ट का जवाब दिया है। शहजाद ने कहा कि उनकी मां ने उन्हें बताया है कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता। पूनावाला की इस प्रतिक्रिया से साफ जाहिर है कि किन्हीं कारणों से उन्होंने बीजेपी चाहे छोड़ दी है, मगर उसके सपोर्ट में वे आज भी हैं।
एनसीआई@नई दिल्ली
मीडिया और सोशल मीडिया पर दमदार तरीके से भारतीय जनता पार्टी का पक्ष रखने वाले शहजाद पूनावाला अब बीजेपी छोड़ चुके हैं। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर उन्होंने बीजेपी का साथ क्यों छोड़ा? इस बीच आम आदमी पार्टी (AAP) की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने शहजाद पूनावाला पर निशाना साधा। प्रतिक्रिया में शहजाद ने आप प्रवक्ता के हमले पर जिस तरह से पलटवार किया है, उससे साबित हो गया कि उन्होंने बीजेपी चाहे छोड़ दी है, मगर उसे सपोर्ट करना नहीं।
कोई काम छोटा या बड़ा नहीं
शहजाद ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से प्रियंका कक्कड़ की पोस्ट शेयर की और जवाब देते हुए कहा कि वैसे कठिन दिनों में मेरी मां ने मुझे पालते समय बहुत दिन तक घर में बर्तन स्वयं साफ किए। उन्होंने मुझे बताया भी कि कोई काम बड़ा छोटा नहीं है। न बर्तन न घर न फर्श की सफाई। हर काम भगवान का रूप है, जो बर्तन साफ करते हैं, मैं उनका भी सम्मान करता हूं।

प्रियंका की पुरानी पोस्ट शेयर की
शहजाद पूनावाला ने प्रियंका कक्कड़ से आगे कहा कि भाजपा ने तो मुझे नाज और प्यार से कार्यालय में भोजन दिया एक परिवार की तरह। और भाजपा ने कभी भी मेरे से ताहिर हुसैन जैसे आतंकी के चरित्र का गवाह बनने के लिए नहीं कहा। यह चलन तो वन पे वन फ्री टाइप पार्टियों का होता है। शहजाद ने प्रियंका की एक पुरानी पोस्ट भी शेयर की, जिसमें वह जरूरत पड़ने पर ताहिर हुसैन के चरित्र का गवाह बनने की बात कह रही हैं।
अंकित को खींचकर ले गई थी हिंसक भीड़
शहजाद पूनावाला ने अपनी पोस्ट में ताहिर हुसैन का जिक्र किया। दरअसल, ताहिर को दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने आईबी इंस्पेक्टर अंकित शर्मा की बर्बर हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई है। ताहिर आम आदमी पार्टी से पार्षद भी रह चुका है।
अंकित शर्मा 25 फरवरी 2020 को घर का सामान लेने के लिए चांद बाग स्थित अपने घर से निकले थे, मगर फिर वह लापता हो गए। घर नहीं लौटे। पुलिस के मुताबिक एक हिंसक भीड़ उन्हें खींचकर ले गई और बेरहमी से उनकी हत्या कर दी। बाद में उनकी लाश को जानवरों की तरह खींचते हुए एक नाले में फेंक दिया।
अंकित शर्मा को 51 बार चाकू मारा गया था
पुलिस ने घटना की अगली सुबह नाले से अंकित का शव बरामद किया था। अंकित के पिता रविंदर कुमार की शिकायत पर 26 फरवरी 2020 को एफआईआर दर्ज की गई थी। अंकित के पिता ने आरोप लगाया था कि ताहिर हुसैन कि इमारत से दंगा फैल रहे दंगाइयों ने अंकित पर हमला किया था।
