गेंडोली थाना क्षेत्र का है मामला। माखीदा तिराहे पर हरिओम नामक युवक पर हथियारों से ताबड़तोड़ हमला कर वारदात को दिया गया था अंजाम।
एनसीआई@बूंदी
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश क्रम संख्या-2, बूंदी ने करीब चार साल पूर्व गेंडोली थाना क्षेत्र के माखीदा तिराहे पर दूध डेयरी की गाड़ी चलाने वाले युवक हरिओम की हुई हत्या के मामले में फैसला सुनाया है। आरोपियों ने हथियारों से हमला कर इस वारदात को अंजाम दिया था। अदालत ने इसमें 4 आरोपियों को दोषी मानते हुए सभी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने सभी दोषियों पर 50-50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। फैसले के बाद आरोपियों को जेल भेज दिया गया।
यह था मामला
लोक अभियोजक भूपेन्द्र सक्सेना ने बताया कि मामला 31 दिसम्बर 2022 का है। कोटा खुर्द निवासी जमना शंकर पुत्र प्रभुलाल ने पुलिस को रिपोर्ट देकर बताया था कि उसका पुत्र हरिओम दूध डेयरी की गाड़ी चलाता था। वह माखीदा तिराहे पर था, इसी दौरान हथियारों से लैस होकर आए 4-5 व्यक्तियों ने उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में हरिओम गम्भीर घायल होकर मौके पर गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई। इस पर पुलिस ने अनुसंधान शुरू किया।
23 गवाह और 83 दस्तावेजों के आधार पर हुई सुनवाई
जांच के बाद गेंडोली थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपों को साबित करने के लिए साक्ष्यों और गवाहों को न्यायालय के सामने प्रस्तुत किया। लोक अभियोजक भूपेन्द्र सक्सेना ने बताया कि अभियोजन पक्ष की ओर से 23 गवाहों के बयान करवाए गए और 83 दस्तावेज प्रदर्शित कराए गए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण के बाद न्यायालय ने चारों आरोपियों को दोषी माना।
इन चार आरोपियों को मिली सजा
न्यायालय ने जुगल किशोर पुत्र मोतीलाल निवासी गणेशपुरा, नवल कुमार पुत्र रामलाल निवासी खेड़ला देवजी, गोलू कुमार पुत्र महावीर निवासी चहिचा और राकेश पुत्र जटाशंकर निवासी कोटा खुर्द थाना लाखेरी को हत्या के मामले में दोषी ठहराया। चारों को आजीवन कारावास और 50 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई गई। इसके साथ ही धारा 120-बी के तहत भी आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। मामले में आरोपी राकेश के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 4/25 भी साबित हुई। न्यायालय ने उसे इस धारा में एक वर्ष के कारावास और एक हजार रुपए अर्थदंड की अतिरिक्त सजा सुनाई। न्यायालय के आदेश के अनुसार सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
फैसले के बाद सभी आरोपियों को जेल भेजा
अभियुक्त राकेश गिरफ्तारी के बाद से ही न्यायिक अभिरक्षा में चल रहा था। फैसले के बाद शेष दोषियों को भी अभिरक्षा में लिया गया और सजा वारंट के साथ कारागृह भेज दिया गया।
