एनसीआई@बूंदी
पुलिस अधिकारी बन महाराष्ट्र के पुणे के एक दम्पती को गिरफ्तारी का डर दिखाकर 49.20 लाख रुपए हड़पने वाली साइबर फ्रॉड गैंग के मास्टर माइंड को लाखेरी पुलिस ने उसके गांव से पकड़ा। ‘म्यूल हंटर’ अभियान में यह उपलब्धि हासिल हुई। आरोपी के खिलाफ पुणे के साइबर पुलिस थाना पिंपरी चिंचवाड़ में यह मामला दर्ज हुआ था। इसमें गिरफ्तारी से बचने के लिए वह बूंदी जिले के करवर थाना क्षेत्र के अपने गांव जरखोदा में छिपा हुआ था। इसकी पहचान राजेन्द्र (34) पुत्र गणराज के रूप में हुई है। पुणे पुलिस इसे गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई।
मामले के अनुसार आरोपी और उसके साथियों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर पुणे के दम्पती को गिरफ्तारी का डर दिखाया। इन्हें मानसिक तौर पर इस कदर टॉर्चर किया कि अपने बैंक खातों से इन्होंने आरोपी के खाते में 49 लाख 20 हजार 200 रुपए ट्रांसफर कर दिए।
इस तरह चला अभियान
जिला पुलिस अधीक्षक अवनीश कुमार शर्मा के निर्देश पर साइबर फ्रॉड के मामलों के आरोपियों की धर-पकड़ के लिए विशेष अभियान ‘म्यूल हंटर’ चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत लाखेरी पुलिस ने पुणे साइबर पुलिस द्वारा उपलब्ध करवाए बैंक खाता संख्या की जांच शुरू की।
लाखेरी वृताधिकारी नरेन्द्र कुमार नागर के सुपरविजन और थानाधिकारी हरि नारायण शर्मा के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने जांच में सामने आई जानकारी पर खाताधारक राजेन्द्र पुत्र गणराज, निवासी जरखोदा को धर दबोचा।
यह था पूरा मामला
पुणे साइबर थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार, आरोपी राजेन्द्र और उसके साथियों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताया था। इन्होंने शिकायतकर्ता व्यक्ति को विश्वास में लेकर कहा कि उनकी पत्नी के नाम पर जारी सिम कार्ड का इस्तेमाल अवैध गतिविधियों में हुआ है। साथ ही पत्नी के बैंक खाते में संदिग्ध रकम आने की बात कहते हुए मनी लॉन्ड्रिंग का मामला बनने का डर दिखाया।
आरोपियों ने दम्पती को गिरफ्तारी का भय दिखाकर उनके बैंक खातों से 49 लाख 20 हजार 200 रुपए अपने खातों में ट्रांसफर करवा लिए। मामले में पुणे साइबर थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 205, 308(1), 316(2), 318(4), 319(2), 336(3), 3(5) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(D) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
संयुक्त पूछताछ के बाद ले गई महाराष्ट्र पुलिस
लाखेरी पुलिस ने पुणे साइबर थाने के थानाधिकारी रविकिरण नयले को आरोपी राजेन्द्र के बूंदी में होने की सूचना दी। इस पर वहां से उप निरीक्षक सागर पोमण अपनी टीम के साथ बूंदी पहुंचे। संयुक्त पूछताछ के बाद महाराष्ट्र पुलिस की टीम ने प्रकरण संख्या 48/2025 में वांछित आरोपी राजेन्द्र को गिरफ्तार कर लिया और अपने साथ महाराष्ट्र ले गई।
