एनसीआई@लखनऊ
उत्तर प्रदेश के जमुई जिले में एक नाबालिग से हुए शारीरिक उत्पीड़न मामले में पुलिस ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ में एक आरोपी के पैर में गोली लगी, जबकि दूसरा पुलिस से बचकर भागने की कोशिश में घायल हो गया। इस मामले में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, इनमें तीन नाबालिग हैं। इस मामले में सम्बंधित थाने में BNSS की धारा 128, 74 और 75 के साथ POCSO एक्ट की धारा 8 और 12 के तहत केस दर्ज किया गया था।
मुंगेर रेंज के डीआईजी राकेश कुमार के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नंदन यादव और हरेराम यादव के रूप में हुई है। नंदन के पैर में गोली लगी है, जबकि पुलिस से भागने के दौरान हरेराम के घुटने में चोट आई है। पुलिस सोमवार से ही आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही थी। घटना से जुड़े तीन नाबालिगों को पहले ही पकड़ा जा चुका था। उन्हें किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया जाएगा।
वायरल वीडियो से सामने आया मामला
19 सितम्बर को जमुई में कोचिंग सेंटर से लौट रही नाबालिग लड़की और उसके दोस्त को सड़क पर एक समूह ने रोक लिया था। इस समूह ने दोनों के साथ जबरदस्त बदसलूकी की। यही नहीं आरोपियों ने ही घटना का वीडियो बना कर उसे वायरल कर दिया। इससे ही यह मामला लोगों की जानकारी में आया और बवाल मच गया। वीडियो में आरोपी युवती के साथ जबरदस्त तरीके से छेड़छाड़ करते दिखाई दे रहे हैं। इनमें से मुख्य आरोपी नंदन यादव चेहरे पर गमछा लपेटे नजर आ रहा है। बाद में मीडिया के हाथ इसका खुले चेहरे वाला फोटो मिला तो इसे भी वायरल किया गया। नंदन यादव बालू और शराब की तस्करी से जुड़ा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, पीड़ित लड़की और उसका दोस्त दोनों एक ही कोचिंग सेंटर में पढ़ते हैं। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले का स्वतः संज्ञान लिया, पीड़ितों का पता लगाया और जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित किया।
एडीजी के मुताबिक, यह घटना जमुई-लखीसराय मुख्य मार्ग से करीब तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक पहाड़ी इलाके में हुई थी। घटना का समय शाम करीब 6.25 से 6.30 बजे के बीच बताया गया था। पुलिस अब इस बात की भी जांच करेगी कि घटना वाले इलाके में पेट्रोलिंग की क्या व्यवस्था थी। पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान जिन लोगों की भूमिका सामने आएगी, उनके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
120 सोशल मीडिया प्रोफाइल के खिलाफ भी एफआईआर
इस मामले में सिर्फ आरोपियों पर ही नहीं, बल्कि नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करते हुए वीडियो वायरल करने वालों पर भी पुलिस ने कार्रवाई की है। जमुई एसपी विश्वजीत दयाल के मुताबिक, करीब 120 अलग-अलग सोशल मीडिया प्रोफाइल धारकों के खिलाफ साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि नाबालिग पीड़िता से जुड़ा वीडियो डाउनलोड, शेयर या दोबारा वायरल न करें।
