एनसीआई@कोटा
एलबीएस एकेडमी स्पेशल स्कूल की ओर से दीपावली के पावन अवसर पर दीपावली मिलन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने दिव्यांग एवं वंचित वर्ग के बच्चों के साथ दीपावली की खुशियां सांझा कीं। इस अवसर पर उन्होंने बच्चों को मिठाई एवं पटाखे वितरित कर उनके चेहरों पर मुस्कान बिखेरी और समाज में प्रेम, सद्भाव, समानता एवं सामाजिक समरसता का संदेश दिया।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में संस्थान की ओर से मुख्य अतिथि बिरला का साफा बांध एवं माला पहनाकर तथा स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस दौरान संस्थान के चेयरमैन कुलदीप माथुर एवं उपस्थित पदाधिकारियों तथा शिक्षकों ने 51 किलो के विशाल पुष्पहार से लोकसभा अध्यक्ष बिरला का भव्य स्वागत किया। समारोह में संस्थान के चेयरमैन कुलदीप माथुर व डायरेक्टर सुदर्शन माथुर सहित संस्थान के अन्य पदाधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
दिव्यांग एवं वंचित बच्चों के चेहरों पर हो मुस्कान
इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने अपने सम्बोधन में कहा कि दीपावली की वास्तविक खुशियां तभी सार्थक हैं, जब समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर दिव्यांग एवं वंचित बच्चों के चेहरों पर मुस्कान हो। उन्होंने कहा कि इन बच्चों को बेहतर शिक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता के अवसर उपलब्ध कराना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

दिव्यांग महाविद्यालय व पार्क का निर्माण कराने के प्रयास
बिरला ने कहा कि हाड़ोती संभाग में दिव्यांग विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा के लिए दिव्यांग महाविद्यालय शुरू करने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। साथ ही दिव्यांगजनों की कौशल क्षमता को विकसित करने, उन्हें आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने तथा उनके हुनर को आगे बढ़ाने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर सम्मानपूर्वक अपना जीवन जी सकें। बिरला ने आगे कहा कि आने वाले समय में दिव्यांगजनों के लिए एक विशेष दिव्यांग पार्क का निर्माण भी किया जाएगा, जहां उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप मूलभूत सुविधाओं के साथ मनोरंजन एवं खुशियों से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने का प्रयास रहेगा।
लोकसभा अध्यक्ष ने सभी बच्चों एवं उनके परिजनों को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक खुशियों और उजाले का संदेश पहुंचाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। हम सभी को मिलकर एक दीपक ऐसा जलाना चाहिए, जिसकी रोशनी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और कोई भी व्यक्ति खुशियों से वंचित न रहे।
चेयरमैन माथुर ने दी योजनाओं की जानकारी
इस अवसर पर संस्थान के चेयरमैन कुलदीप माथुर ने अपने सम्बोधन में एलबीएस ग्रुप द्वारा दिव्यांग बच्चों के लिए संचालित सामाजिक योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्थान में दिव्यांग विद्यालय का निःशुल्क संचालन किया जा रहा है। इसमें मूक-बधिर, दृष्टिबाधित एवं श्रवण बाधित बच्चों को शिक्षा दी जाती है। वर्तमान में इस विद्यालय में 200 से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। उन्होंने कहा कि इन विद्यार्थियों के साथ सभी त्योहारों को मनाने में पूरा विद्यालय परिवार उत्साह एवं उमंग के साथ सहभागी बनता है। इन बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ संस्थान की ओर से बैग, ड्रेस एवं अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्री भी निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं।
माथुर ने कहा कि दीपावली के पावन पर्व पर इन विशेष बच्चों के जीवन में खुशियां और उम्मीदों का उजाला लाने के लिए सभी को आगे आना चाहिए। हमारा प्रयास है कि इन बच्चों को शिक्षा, स्नेह, सम्मान एवं समान अवसर मिले, ताकि वे भी अपने सपनों को साकार कर आत्मनिर्भर बन सकें। समारोह में बच्चों ने भी उत्साह से भाग लिया। लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने बच्चों के साथ आत्मीय संवाद किया और उनके साथ दीपावली की खुशियां साझा कीं। मिठाई एवं पटाखों के वितरण से बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला। संस्थान के विशेष बच्चों एवं स्टाफ की सहभागिता ने कार्यक्रम को और भी यादगार बना दिया।

बिरला ने हस्तशिल्प उत्पादों की प्रदर्शनी का शुभारम्भ किया
बिरला ने हस्तशिल्प उत्पादों की प्रदर्शनी का फीता काटकर शुभारम्भ किया। उन्होंने विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए विभिन्न हस्तनिर्मित उत्पादों का अवलोकन किया तथा उनके हुनर, रचनात्मकता एवं कलात्मक प्रतिभा की सराहना की। बिरला ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ऐसे प्रयासों से दिव्यांग बच्चों की।
इस दौरान लोकसभा द्वारा बनाए गए विभिन्न हस्तनिर्मित उत्पादों का अवलोकन किया तथा उनके हुनर, रचनात्मकता एवं कलात्मक प्रतिभा की सराहना की। बिरला ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ऐसे प्रयासों से दिव्यांग बच्चों की प्रतिभा को नई पहचान मिलती है और उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रोत्साहन मिलता है।
शिक्षक आदर्श श्रीवास्तव ने बताया कि इस प्रदर्शनी में
वर्षभर आयोजित होने वाले विभिन्न त्योहारों एवं विशेष अवसरों पर दिव्यांग विद्यार्थियों द्वारा तैयार की गई हस्तनिर्मित वस्तुओं एवं कलाकृतियों को प्रदर्शित किया गया। इन वस्तुओं के माध्यम से विद्यार्थियों की रचनात्मकता, हुनर एवं कलात्मक प्रतिभा का आभार व्यक्त किया गया। यह समारोह दीपावली के वास्तविक संदेश प्रेम, करुणा, समानता, अपनत्व एवं सामाजिक समरसता को आत्मसात करते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग के साथ खुशियां बांटने का प्रेरणादायक उदाहरण बना।
