एबीवीपी ने डूसू के अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पद पर जीत हासिल की, उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय दीपांशु शौकीन विजयी
एनएसयूआई@नई दिल्ली
दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ (डूसू/DUSU) चुनाव 18 सितम्बर को शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न हुए थे। इसके बाद शनिवार को वोटों की गिनती के दौरान दिनभर उतार-चढ़ाव देखने को मिला और अंततः अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने फिर अपना झंडा गाड़ दिया।
एबीवीपी ने चार में से तीन केन्द्रीय पदों अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पर परचम लहराया। वहीं, उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय दीपांशु शौकीन ने जीत दर्ज की है। उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को छात्रसंघ चुनाव में 40.46 प्रतिशत मतदान हुआ था। चुनाव में एबीवीपी और एनएसयूआई के बीच मुख्य मुकाबला था।

90 मिनट की देरी से शुरू हुई वोटों की गिनती
शनिवार सुबह डीयू के खेल स्टेडियम के मल्टीपर्पज हॉल में मतगणना की शुरुआत तय समय से करीब 90 मिनट की देरी से हुई। अधिकारियों की मौजूदगी और वीडियोग्राफी के बीच वोटों की गिनती का दौर शुरू होते ही परिसर में गहमागहमी बढ़ गई।
शुरुआती राउंड से 22वें राउंड तक पल-पल बदलता रहा गणित
दिनभर चली करीब 22 राउंड की मतगणना के दौरान उम्मीदवारों के बीच का अंतर बेहद कम रहा और कांटे की टक्कर देखने को मिली।

अध्यक्ष पद पर कांटे की टक्कर
शुरुआती राउंड्स (10वें से 13वें राउंड) में एनएसयूआई के विजय शंकर मीणा लगातार बढ़त बनाए हुए थे। हालांकि, 15वें और 16वें राउंड में एबीवीपी के यश डबास ने वापसी करते हुए मामूली बढ़त हासिल की और अंत तक पकड़ मजबूत रखते हुए जीत दर्ज की।
संयुक्त सचिव पद पर त्रिकोणीय मुकाबला
संयुक्त सचिव पद पर भी रोमांच चरम पर रहा। कभी एनएसयूआई के गोपाल चौधरी तो कभी एससीएस के विशेष यादव आगे निकले, लेकिन अंतिम राउंड्स में एबीवीपी के लक्ष्य राज सिंह ने बढ़त बनाकर बाजी मार ली।
सचिव पद पर ABVP का दबदबा
सचिव पद पर एबीवीपी की रिया छाबड़ी ने शुरुआती चरणों से ही बढ़त बनाए रखी और एनएसयूआई की नम्रता चौधरी को पछाड़कर जीत हासिल करने में कामयाब रहीं।
उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय का जलवा
उपाध्यक्ष पद का परिणाम सभी को चौंकाने वाला रहा, जहां एनएसयूआई के बागी और निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन पहले राउंड से ही एकतरफा बढ़त बनाए रहे और शानदार जीत दर्ज की।

एक नजर
•अध्यक्ष पद के चुनाव में 24,576 वोट हासिल करने वाले एबीवीपी के यश डबास ने एनएसयूआई के विजय शंकर मीणा को 2,053 मतों के अंतर से हराया।
• निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने 30,615 वोट हासिल कर उपाध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की. शौकीन को एनएसयूआई ने टिकट नहीं दिया था, जिसके बाद उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा।
• सचिव पद के लिये चुनाव में एबीवीपी उम्मीदवार रिया छाबड़ी ने 21,650 वोट हासिल किए, जबकि एनएसयूआई उम्मीदवार नम्रता चौधरी को 14,869 वोट मिले।
• संयुक्त सचिव पद पर एबीवीपी के उम्मीदवार लक्ष्य राज सिंह ने 16,615 वोट हासिल किए, जबकि समाजवादी छात्र सभा के उम्मीदवार विशेष यादव को 15,778 वोट मिले।
केम्पस में जश्न का माहौल
परिणाम घोषित होते ही विश्वविद्यालय परिसर में ढोल-नगाड़ों की थाप के साथ एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया। तीन प्रमुख पदों पर जीत दर्ज कर एबीवीपी ने छात्र राजनीति में अपनी साख को एक बार फिर मजबूत किया है। इस जीत को इसलिए भी खास समझा जा रहा है कि नव नवेली कॉकरोच जनता पार्टी व कांग्रेस के राहुल गांधी पिछले कुछ समय से देश की शिक्षा व्यवस्था को बदहाल बताते हुए आंदोलन कर रहे हैं। राहुल ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के माध्यम से इसमें जोर-शोर से जुटे हुए हैं। मगर परिणाम बताते हैं कि इनका कोई प्रभाव नहीं मिला। इसलिए ही केन्द्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि -“राहुल गांधी की झूठ की गूंज का पर्दाफाश हो गया।”
