एनसीआई@नई दिल्ली
कांग्रेस से लोकसभा सांसद और जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) के प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम को यूनिवर्सिटी ने बर्खास्त कर दिया गया है। एक इंटरनल कमेटी ने उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायतों की जांच में उन्हें दोषी पाया। इसके बाद उनके खिलाफ यह कार्यवाही की गई।
सूत्रों के मुताबिक, 11 महिला छात्राओं ने यूनिवर्सिटी की इंटरनल कमेटी के समक्ष प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजम के खिलाफ दुर्व्यवहार की शिकायत दर्ज कराई थी। अकोइजम इनर मणिपुर से सांसद हैं। ये जेएनयू के सामाजिक व्यवस्था अध्ययन केन्द्र में प्रोफेसर थे।
आदेश में यह कहा गया है
जेएनयू की कुलपति शांतिश्री डी पंडित ने सेवा नियमों के मुताबिक उनकी सेवा समाप्त करने का आदेश जारी किया है।कुलपति के आदेश में यह कहा गया है, “उचित प्रक्रिया का पालन करने और सभी उपलब्ध तथ्यों पर विचार करने के बाद व इंटरनल कमेटी की रिपोर्ट, यूनिवर्सिटी के सामाजिक विज्ञान संकाय के सामाजिक प्रणाली अध्ययन केन्द्र के प्रोफेसर अंगोलमचा बिमोल अकोइजम को तत्काल प्रभाव से यूनिवर्सिटी की सेवाओं से बर्खास्त किया जाता है।” इंटरनल कमेटी ने अंगोमचा बिमोल अकोइजम के खिलाफ बड़ी सजा की सिफारिश की थी।
30 सितम्बर को सौंपी गई रिपोर्ट
जेएनयू के सूत्रों ने बताया कि समिति की रिपोर्ट 30 सितम्बर को हुई विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद की बैठक में रखी गई थी। इसके बाद ही प्रोफेसर को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया था।
राजनीति में ऐसे हुई एंट्री
अंगोमचा बिमोल अकोइजम ने साल 2023 में मणिपुर हिंसा के बाद राजनीति में कदम रखा। साल 2024 के हुए लोकसभा चुनाव में अकोइजम कांग्रेस के टिकट पर ‘इनर मणिपुर’ सीट से मैदान में उतरे और जीत दर्ज की। उन्होंने यहां से भाजपा उम्मीदवार को 1 लाख से अधिक वोटों से हराया।

जेएनयू प्रशासन से आयोग ने मांगी थी रिपोर्ट
उल्लेखनीय है कि अंगोमचा बिमोल अकोइजम को हटाने की कार्रवाई से पहले दिल्ली महिला आयोग ने मामले पर जेएनयू प्रशासन से रिपोर्ट मांगी थी। आयोग ने 11 छात्राओं के आरोपों पर सितम्बर में यह रिपोर्ट मांगी थी। छात्राओं ने आरोप लगाया था कि उन्होंने मई 2026 में जेएनयू की वाइस चांसलर संतिश्री धुलिपुड़ी पंडित से प्रोफेसर की शिकायत की थी। छात्राओं ने आरोप लगाया कि उस समय उनकी शिकायत पर उचित कार्रवाई नहीं की।
