एनसीआई@चूरू
डाबला गांव के पास बदमाशों ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के पूर्व मंत्री की डंडों और सरियों से पीट-पीटकर हत्या कर दी। मृतक के साथी ने बीच-बचाव किया तो उसकी भी मारपीट की। इसके बाद बदमाश गाड़ी में बैठकर फरार हो गए। घटना शुक्रवार रात करीब 12 बजे की है। पुलिस की शुरुआती जांच में गाड़ी के किराए को लेकर रंजिश की बात सामने आ रही है।
सदर थानाधिकारी बलवंत सिंह ने बताया कि मृतक के चाचा प्रेमचंद प्रजापत ने शनिवार को छह लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया है। इसमें कहा गया है कि, शुक्रवार रात वह और उसका भतीजा नरेन्द्र प्रजापत (28), सत्येंद्र उर्फ पीपी, चन्द्रभानु शर्मा, विकास जांगिड़, अर्जुन सिंह और अमजद डाबला में अर्जुन सिंह की दुकान पर पार्टी कर रहे थे। इसी दौरान भतीजे नरेन्द्र ने बताया कि बूंटिया निवासी अमित उर्फ मितला और बास ढाकान निवासी शुभम ढाका ने 7-8 दिन पहले गाड़ी के किराए को लेकर मारपीट की थी। अब भी उसे जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं।
घर लौटते समय रास्ते में बदमाशों ने किया हमला
प्रेमचंद प्रजापत की इस रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि, पार्टी खत्म होने के बाद रात करीब 12 बजे हम चूरू की तरफ रवाना हुए। नरेन्द्र और अमजद एक बाइक पर आगे चल रहे थे। वहीं नरेन्द्र का चाचा प्रेमचंद, सत्येन्द्र उर्फ पीपी और चंद्रभान शर्मा कार में पीछे आ रहे थे।
तभी, डाबला गांव के पास काले रंग की थार गाड़ी आई और नरेन्द्र की बाइक के आगे लगाकर रोक लिया। थार गाड़ी में से अमित उर्फ मितला, शुभम ढाका और चार अन्य लोग हाथों में डंडा और सरिया लेकर उतरे। इन्होंने नरेन्द्र पर हमला करना शुरू कर दिया। अमित उर्फ मितला और शुभम ने नरेन्द्र को पकड़ लिया था। अमित ने नरेन्द्र के सिर पर आगे से वार किया, जिससे वह नीचे गिर गया। इसके बाद शुभम ने डंडे से उसके सिर पर पीछे से वार किया। अमजद ने बीच-बचाव करने की कोशिश की तो उससे भी मारपीट की गई। इस घटनाक्रम के बीच जब पीछे की कार से तीनों नीचे उतर कर आए, तब आरोपी थार गाड़ी में बैठकर भाग गए। इसके बाद नरेन्द्र को डीबी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
एबीवीपी का नगर मंत्री रह चुका है नरेन्द्र
गाड़ी के किराए के विवाद की रंजिश के कारण मारा गया नरेन्द्र प्रजापत एबीवीपी का सक्रिय कार्यकर्ता रह चुका है। वह वर्ष 2015 में एबीवीपी का नगर मंत्री रहा था।
पुलिस ने थार गाड़ी को किया जब्त

पुलिस ने इस वारदात को अंजाम देने के लिए काम में ली गई थार गाड़ी को शनिवार सुबह जब्त कर लिया गया है। इसके अलावा 10-12 लोगों को हिरासत में भी लिया है। शुक्रवार रात इस वारदात की जानकारी मिलते ही डीबी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। पुलिस ने समझा-बुझाकर इन्हें शांत कराया।
