भारतीय पायलट केप्टन स्मित मछार ने दुबई से तेलअवीव जा रही फ्लाइट में को-पायलट द्वारा विमान को क्रेश कराने की कोशिश को नाकाम कर कमाल कर दिया
एनसीआई@नई दिल्ली
दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रहे फ्लाईदुबई (flydubai) कम्पनी के एक यात्री विमान में जब को-पायलट ने ही विमान को क्रेश कराने की कोशिश की तो उसे अपने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए ‘क्विक थिंक, डिसिजन एंड एक्शन’ से पायलट ने हमले में काफी घायल हो जाने के बावजूद, उसे नाकाम कर प्लेन की सेफ लेंडिंग कराई। इस प्रकार इस जांबाज पायलट ने फ्लाइट में सवार 180 यात्रियों की जान बचाई। इस पायलट की पहचान बाद में भारतीय पायलट केप्टन स्मित मछार के रूप में हुई तो पूरा देश गर्व से भर उठा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प सहित पूरा विश्व उनकी प्रशंसा करने लगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने केप्टन स्मित मछार के परिवार से बात कर हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। केप्टन मछार के सिर और हाथ लगभग कट गए थे। इससे उनका खून बह रह था। ऐसे में फ्लाईदुबई (flydubai) फ्लाइट में इजरायली डेंटिस्ट ने स्मित मछार की जान बचाई।
केप्टन मछार पर वार कर घायल किया
इस लड़ाई के दौरान को-पायलट ने केप्टन स्मित मछार पर एक ऐसे हथियार से वार किया, जो प्लेन में ही इमरजेंसी के लिए होता है। ( इस हथियार की जानकारी हम नीचे देंगे) इस वार से वे लहूलुहान हो गए और उन्हें बोलने में भी दिक्कत हो रही थी। विमान में सवार यात्रियों ने केप्टन मछार की काफी तारीफ की और उन्हें इस पूरी घटना का हीरो बताया।
30 हजार फीट की ऊंचाई पर हुआ था हमला
दरअसल, फ्लाईदुबई की FZ1073 फ्लाइट बुधवार सुबह दुबई से तेल अवीव के लिए रवाना हुई थी। विमान करीब 30 से 34 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ रहा था। इसी दौरान कॉकपिट में को-पायलट ने हथियार से केप्टन स्मित पर हमला कर दिया। हमले के बाद विमान की ऊंचाई अचानक तेजी से कम होने लगी। विमान कुछ ही सेकंड में हजारों फीट नीचे आ गया। इस दौरान यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। बड़ी बात यह रही कि बुरी तरह घायल हो जाने और आरोपी के प्रतिरोध के बावजूद केप्टन स्मित कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब हो गए।
इसके बाद सबसे पहले विमान में मौजूद एक यात्री, जो पेशे से प्लम्बर है, अंदर का खौफनाक नजारा देख तुरंत कॉकपिट में घुसा और आरोपी को बाहर खींच कर उस पर काबू पाने की कोशिश की। इसके बाद तो अन्य यात्री भी पहुंच गए और आरोपी को दबोच लिया। यात्रियों ने बताया कि आरोपी प्लेन के सिस्टम से छेड़छाड़ कर रहा था। अगर केप्टन स्मित दरवाजा नहीं खोलते तो यात्रियों को अंदर पहुंचने का मौका नहीं मिलता और प्लेन क्रेश हो जाता।

कौन हैं केप्टन स्मित मछार?
भारतीय नागरिक और मुम्बई निवासी केप्टन स्मित मछार चार साल से फ्लाई दुबई के साथ काम कर रहे हैं। यह अमीरात सरकार की एक कम लागत वाली एयरलाइन है। इसके चलते वह दुबई में ही रह रहे हैं। इससे पहले उन्होंने 10 साल तक स्पाइसजेट के लिए काम किया था। केप्टन मछार के पास बोइंग 737 फ्लीट पर कमर्शियल उड़ान का 13 साल से ज्यादा का अनुभव है। केप्टन मछार ने लाइन ट्रेनिंग केप्टन के तौर पर भी काम किया है। उनके नाम 9,750 घंटे से ज्यादा की उड़ान का अनुभव है।
केप्टन मछार 2011 में स्पाइसजेट से जुड़े थे और इस किफायती एयरलाइन में लाइन ट्रेनिंग केप्टन और सीनियर कमांडर सहित कई भूमिकाओं में काम किया था। जून 2022 में उन्होंने स्पाइसजेट छोड़ दिया और डायरेक्ट एंट्री केप्टन के तौर पर फ्लाई दुबई से जुड़ गए।

बेंजामिन नेतन्याहू ने यह कहा
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बयान में कहा कि हवा में उड़ान के दौरान, एक पायलट ने प्लेन के सिस्टम को खराब करने की कोशिश की। केप्टन मछार ने उस पायलट का मुकाबला करने की कोशिश की, लेकिन झड़प के दौरान उन्हें चाकू मार दिया गया। इससे वो फर्श पर लहूलुहान होकर गिर गए। इजराइली अधिकारियों ने बताया कि इसके बाद क्रू के एक सदस्य और एक यात्री ने कॉकपिट में घुसकर संदिग्ध को बेअसर कर दिया। अधिकारी फिलहाल इस घटना की आतंकी पहलू से भी जांच कर रहे हैं।
किस हथियार से को-पायलट ने किया हमला, जानें
सामान्यतया माना जाता है कि एयरपोर्ट सिक्योरिटी हर नुकीली चीज जब्त कर लेती है, इसलिए कॉकपिट में कोई हथियार नहीं पहुंच सकता। मोटे तौर पर देखा जाए तो यह बात सही भी है। लेकिन दुबई से इजरायल जा रही फ्लाईदुबई के प्लेन में हुई घटना में ओमानी को-पायलट ने केप्टन स्मित मछार पर एक हथियार से हमला कर उन्हें गर्दन और सिर पर गंभीर चोटें पहुंचाईं। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि फिर यह हथियार अंदर कैसे आया।
जांच में साफ हुआ है कि आरोपी ओमानी को-पायलट कोई चाकू या बाहरी हथियार विमान में नहीं लाया था। बल्कि उसने कॉकपिट में पहले से मौजूद फायर एक्स यानी क्रेश एक्से का इस्तेमाल किया। अंतरराष्ट्रीय विमानन नियमों के मुताबिक यह कुल्हाड़ी फेक्टरी में ही विमान के साथ फिट की जाती है।

विमान में फायर एक्स (Fire Axe) या क्रेश एक्स (Crash Axe) रखना अंतरराष्ट्रीय विमानन नियमों (जैसे FAA और EASA) के तहत कानूनन अनिवार्य (Mandatory) है। 19 से अधिक यात्री सीटों या 5700 किलोग्राम से अधिक वजन वाले सभी वाणिज्यिक विमानों में इसे रखना जरूरी होता है।
इसे रखने के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:-
• छिपी हुई आग तक पहुंचना: यदि विमान के किसी आंतरिक पैनल, दीवार या केबिन की साइड लाइंस के पीछे (जैसे इलेक्ट्रिकल वायरिंग में) आग लग जाती है तो क्रू इस कुल्हाड़ी से पैनल को तोड़कर या काटकर आग के मुख्य स्रोत (Seat of Fire) तक पहुंच सकते हैं और वहां अग्निशामक (Fire Extinguisher) का छिड़काव कर सकते हैं।
• आपातकालीन निकास (Emergency Escape): विमान दुर्घटना या क्रैश होने की स्थिति में, विमान का ढांचा (Fuselage) मुड़ या पिचक सकता है, जिससे सामान्य दरवाजे या आपातकालीन निकास जाम हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में क्रू इस कुल्हाड़ी का उपयोग फंसे हुए रास्तों को खोलने या रुकावटों को हटाने के लिए करता है।
• इलेक्ट्रिकल शॉक से सुरक्षा: इन कुल्हाड़ियों के हेंडल पर इन्सुलेटेड हार्ड रबर चढ़ा होता है। आपातकाल के दौरान यदि लाइव इलेक्ट्रिकल तारों (चालू बिजली के केबलों) को काटना पड़े, तो क्रू को करंट न लगे और वे सुरक्षित रहें।
• विमान के ढांचे को काटना: इसके नुकीले हिस्से (Claws/Spike) को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि यह एल्युमीनियम और विमान की बाहरी परत को आसानी से फाड़ या काट सके, जिससे आपातकाल में बाहर निकलने का रास्ता बनाया जा सके।
• सुरक्षा के लिए स्थान में बदलाव:पहले यह कुल्हाड़ी मुख्य केबिन में भी रखी जाती थी, लेकिन सुरक्षा कारणों से (ताकि कोई यात्री इसका गलत इस्तेमाल न कर सके) इसे अब केवल कॉकपिट (फ्लाइट डेक) के अंदर पायलटों की पहुंच के पास सुरक्षित रूप से रखा जाता है।
• इन सबसे अलग खास बात यह है कि पहली बार इस विशेष कुल्हाड़ी का गलत इस्तेमाल हुआ।
