संत कबीर नगर जनपद में गणेश प्रतिमा विसर्जन में हुए विवाद में एक तरफ जहां सपा सांसद लक्ष्मी कांत उर्फ पप्पू निषाद अपने को छोटी जात का बताते हुए अपनी गाड़ी पर पथराव की बात कही थी। वहीं दूसरी तरफ अनुसूचित जाति के युवक विशाल ने उन पर एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करा दिया है।
एनसीआई@लखनऊ
उत्तर प्रदेश के संत कबीर नगर में समाजवादी पार्टी के सांसद लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। सांसद पर मारपीट, जातिसूचक शब्द कहने और आपराधिक धमकी देने का आरोप है। ये एफआईआर अनुसूचित जाति के विशाल की शिकायत पर दर्ज की गई है।
सांसद पर लगा है ये आरोप
शिकायत के अनुसार, बखिरा थाना क्षेत्र के निवासी विशाल कुमार ने आरोप लगाया कि डीजे रोके जाने के बाद अफरातफरी मच गई। उन्होंने आरोप लगाया कि सांसद अपनी गाड़ी से मौके पर पहुंचे, जिससे उन्हें टक्कर लगी और वे गिरकर घायल हो गए। विशाल कुमार का आरोप है कि जब उन्होंने विरोध किया तो सांसद पप्पू निषाद, जिला पंचायत सदस्य विश्वकेतु यादव और उनके समर्थकों ने उनके साथ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए गाली-गलौच की और जान से मारने की धमकी दी। शिकायत पर बखिरा पुलिस ने शनिवार को निषाद और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ बीएनएस की इन्हीं धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। इसमें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधान भी शामिल किए गए।
पप्पू निषाद बोले- शिकायतकर्ता ने एफआईआर दर्ज कराने से किया इनकार
एफआईआर दर्ज होने के बाद सांसद लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद ने बयान जारी कर कहा कि शिकायतकर्ता विशाल कुमार से उनकी बात हुई है। विशाल ने कोई भी शिकायत देने से इनकार किया है। उसका कहना है कि वह थाने और चौकी पर गया था और कहा है कि उसने सांसद के खिलाफ कोई शिकायत नहीं दी है। उसके नाम से जो भी शिकायत की गई है वह फर्जी है और उसे वापस लिया जाए। सांसद का आरोप है कि बीजेपी नेताओं के इशारे पर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता घटना के दौरान वहां था ही नहीं।
सपा सांसद ने भी दर्ज कराई है एफआईआर
वहीं, सपा सांसद की शिकायत पर उनकी गाड़ी को नुकसान पहुंचाने के आरोप में अज्ञात लोगों के खिलाफ एक और एफआईआर दर्ज की गई है। अधिकारियों ने बताया कि यह घटना शुक्रवार शाम बखिरा थाना क्षेत्र के अमरडोभा क्रॉसिंग के पास हुई, जब गणेश प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान बज रहे डीजे को पुलिस द्वारा रोके जाने से विवाद हो गया। इसके बाद मचे हंगामे में सांसद की गाड़ी फंस गई और पथराव के कारण उसकी खिड़की को नुकसान पहुंचा। निषाद ने शुक्रवार देर रात अज्ञात लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई और आरोप लगाया कि जुलूस के दौरान उनकी गाड़ी को नुकसान पहुंचाया गया। शनिवार को पुलिस ने बखिरा थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 191(2), 110, 324(4) और 125 के तहत FIR दर्ज की।
शनिवार को निषाद की शिकायत पर दर्ज एफआईआर में बखिरा पुलिस ने बीएनएस की धारा 191(2) (घातक हथियार के साथ दंगा करना), धारा 110 (गैर-इरादतन हत्या का प्रयास), धारा 324(4) (विशेष नुकसान या हानि पहुंचाने वाली गंभीर शरारत) और धारा 125 (चोट या गंभीर चोट पहुंचाकर जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाले कार्य) लगाईं। पुलिस अधिकारी सुशील कुमार सिंह ने कहा कि दोनों पक्षों की शिकायतों पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आगे की कार्रवाई से पहले आरोपों और घटनास्थल से मिले सबूतों की जांच की जाएगी।
