सीएम गहलोत के बयान पर बौखलाईं वसुंधरा राजे, पलटवार करते हुए यह रखा अपना पक्ष
वसुंधरा राजे ने कहा कि विधायकों की ख़रीद-फ़रोख़्त की जहां तक बात है, इसके महारथी तो खुद अशोक गहलोत हैं। उन्होंने 2008 और 2018 में अल्पमत में होने के कारण ऐसा किया था।
एनसीआई@जयपुर
राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आगामी चुनाव में होने वाली हार से भयभीत होकर झूठ बोल रहे हैं। उन्होंने गृहमंत्री अमित शाह पर आरोप लगाया है, जिनकी ईमानदारी और सत्य निष्ठा सर्व विदित है। दरअसल, रविवार को धौलपुर में सीएम गहलोत ने जनसभा को सम्बोधित करते हुए अमित शाह और वसुंधरा राजे के खिलाफ बड़े बयान दिए थे।
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इस पर वसुंधरा राजे ने कहा कि रिश्वत लेना और देना दोनों अपराध हैं। अगर उनके विधायकों ने पैसा लिया है, तो एफआईआर दर्ज करवाएं। सच तो यह है कि अपनी ही पार्टी में हो रही बग़ावत और रसातल में जाते जनाधार के कारण बौखलाहट में उन्होंने ऐसे अमर्यादित और असत्य आरोप लगाएं हैं।
विधायकों की खरीद-फरोख्त बीजेपी के सिद्धांतों के खिलाफ
पूर्व सीएम ने कहा कि विधायकों की ख़रीद-फ़रोख़्त की जहां तक बात है, इसके महारथी तो खुद अशोक गहलोत हैं। उन्होंने 2008 और 2018 में अल्पमत में होने के कारण ऐसा किया था। उस वक्त न बीजेपी को बहुमत मिला था और न ही कांग्रेस को। उस समय चाहते तो हम भी सरकार बना सकते थे, पर यह बीजेपी के सिद्धांतों के ख़िलाफ़ था। इसके विपरीत अशोक गहलोत ने अपने लेन देन के माध्यम से विधायकों की व्यवस्था कर दोनों समय सरकार बनाई थी।
वसुंधरा ने आगे कहा कि, मुख्यमंत्री के द्वारा मेरी तारीफ़ करना मेरे ख़िलाफ़ उनका एक बड़ा षड्यंत्र है। जीवन में मेरा जितना अपमान गहलोत ने किया, कोई कर ही नहीं सकता। वे 2023 के चुनाव में होने वाली ऐतिहासिक हार से बचने के लिए ऐसी मनगढ़ंत कहानियां गढ़ रहें हैं, जो दुर्भाग्य पूर्ण है, पर उनकी ये चाल कामयाब होने वाली नहीं है। उल्लेखनीय है कि सीएम गहलोत ने धौलपुर की सभा में मानेसर प्रकरण पर कहा था कि, उस समय वसुंधरा राजे ने उनकी सरकार गिरने से बचाई थी, इसके लिए उन्हें धन्यवाद। गहलोत ने इसके साथ ही बीजेपी की पूर्व नेता व धौलपुर विधायक शोभा रानी कुशवाहा की राज्य सभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में रहने के कारण तथा बीजेपी के दिग्गज नेता कैलाश मेघवाल की उनकी सरकार बचाने के लिए तारीफ की। शोभा रानी को बाद में बीजेपी ने निष्कासित कर दिया था।
