गहलोत सरकार जिद छोड़ दे तो एक ही दिन में ईआरसीपी राष्ट्रीय परियोजना घोषित हो जाए और काम भी शुरू हो जाए: केन्द्रीय मंत्री शेखावत
एनसीआई@बूंदी
केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने आरोप लगाया कि ईआरसीपी (ईस्टर्न राजस्थान कैनाल प्रोजेक्ट) राज्य सरकार की जिद के कारण शुरू नहीं हो पा रहा है। वह गुरुवार रात बारां जाते हुए कुछ देर के लिए बूंदी सर्किट हाउस में रुके थे। यहां पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने यह बात कही।
केन्द्रीय मंत्री शेखावत का कहना था कि राज्य सरकार ईआरसीपी की केवल 50 प्रतिशत डिपेंडेबिलिटी पर अड़ी हुई है, इसीलिए इसे राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा नहीं मिल पा रहा है। अगर राज्य सरकार अपनी डिपेंडेबिलिटी को बढ़ाकर 75 प्रतिशत कर दे तो इसका काम एक ही दिन में शुरू हो जाए और इसे राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा भी मिल जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 13 जिलों के लाखों लोगों के हित को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार को अपनी यह जिद छोड़ देनी चाहिए। केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री ने आगे यह भी कहा कि अगर केन्द्र सरकार राज्य की 50 परसेंट डिपेंडेबिलिटी पर प्रोजेक्ट को मंजूर कर दे तो राज्यों के बीच पानी के बंटवारे को लेकर झगड़े शुरू हो जाएंगे, क्योंकि देश की 92% नदियां मल्टी स्टेट (एक से अधिक राज्यों के बीच बहने वाली) हैं। कोई भी प्रोजेक्ट नॉर्म्स के मुताबिक ही मंजूर होता है।
जल जीवन मिशन में पिछड़ेपन के लिए भी गहलोत जिम्मेदार
शेखावत ने जल जीवन मिशन में राजस्थान के पिछड़ने के पीछे भी गहलोत सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के भरपूर पैसा देने के बावजूद राज्य में काम नहीं हुआ। अलवर में मंदिर ढहाए जाने के मामले में शेखावत ने कहा कि कांग्रेस अपने पापों का घड़ा दूसरों के सिर फोड़ रही है। करौली में दंगे प्रशासन का फेल्योर (असफलता) हैं। आगे फिर उन्होंने गहलोत को घेरते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की इफ्तार पार्टी में कैसे लोग आए, सबको पता है।
बारां का करेंगे विकास
शेखावत ने बताया कि देश के अत्यधिक पिछड़े जिलों में बारां जिला भी शामिल है। प्रधानमंत्री ने हर केन्द्रीय मंत्री को दो-दो जिलों की जिम्मेदारी दी है, ताकि इन जिलों का पिछड़ापन दूर किया जा सके। इस क्रम में उन्हें (शेखावत) राजस्थान के बारां और मध्य प्रदेश के दमोह जिले की जिम्मेदारी मिली है। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि वह बारां को भी विकसित जिला बनाने का प्रयास करेंगे। एक अन्य सवाल के जवाब में शेखावत ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत शहरी क्षेत्रों में भी काम होंगे। इसके लिए केन्द्र सरकार ने देश की 4650 नगर पालिकाओं के लिए 2 करोड़ 40 लाख रुपए का बजट मंजूर किया है।
जगह-जगह हुआ स्वागत
इस अवसर पर केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री शेखावत का बूंदी में राजपूत समाज और भाजपा कार्यकर्ताओं ने अलग-अलग समारोहों में स्वागत किया। एक रिसोर्ट में राजपूत समाज की ओर से बलराज सिंह, हरिराज सिंह, आनंद राज सिंह मालकपुरा, अनिल सिंह कानावत, अमर सिंह शक्तावत, हरि सिंह, श्रीराज सिंह हाड़ा आदि समाज बंधुओं की ओर से सम्मानित किया गया। इसके अलावा शेखावत के सर्किट हाउस पहुंचने पर बूंदी विधायक अशोक डोगरा, भाजपा जिला अध्यक्ष छीतर लाल राणा, शहर अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य डॉ. सत्यनारायण गौतम, पूर्व जिला अध्यक्ष कालू लाल जांगिड़, बूंदी नगर परिषद में नेता प्रतिपक्ष मुकेश माधवानी, किसान मोर्चा के नेता अनिल जैन (तालेड़ा) आदि पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। इसके अलावा एक रिसोर्ट में भाजयुमो के पूर्व जिला अध्यक्ष लोकेश शर्मा, पूर्व प्रवक्ता संजय लाठी व अमित निम्बार्क, पार्षद संदीप देवगन, भाजयुमो नेता कृष्ण कुमावत, ऋषभ शर्मा, आकाश नायक, अंतिम सेन, राज गोया, गिरिराज सुवालका व बंटी चौधरी ने केन्द्रीय मंत्री का स्वागत किया। यहां गौतम समाज के जिला महामंत्री मनीष शर्मा, मोनू शर्मा, अमित शर्मा व विकास शर्मा भी मौजूद रहे।
हिंडोली बाईपास पर भी उमड़े कार्यकर्ता
इससे पूर्व बूंदी आते समय जिले के ही हिंडोली बाईपास पर भी केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत का भाजपा कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। इस दौरान भाजपा मंडल अध्यक्ष रामेश्वर सैनी, नितेश खटोड़, विक्रम सिंह हाड़ा, लोकेश सैनी, महेन्द्र गहलोत, धनराज सिंह सोलंकी, दीपक कहार, मनीष जैन, त्रिलोक शर्मा, पियूष सोनी आदि ने स्वागत किया।
