April 22, 2026

News Chakra India

Never Compromise

गुजरात दंगे: तीस्‍ता सीतलवाड़, तहलका व राणा अयूब…. इन्होंने किया मोदी को बदनाम

गुजरात दंगे: तीस्‍ता सीतलवाड़, तहलका व राणा अयूब…. इन्होंने किया मोदी को बदनाम

सुप्रीम कोर्ट ने 24 जून, शुक्रवार को दिए अपने फैसले में 2002 गुजरात दंगों में नरेन्द्र मोदी को मिली क्‍लीन चिट बरकरार रखी। इस पर गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि बीजेपी के राजनीतिक विरोधियों, राजनीतिक रूप से प्रेरित पत्रकारों और एनजीओ के ‘त्रिकूट’ ने भाजपा और उसके नेताओं पर झूठे आरोप लगाए।

 

एनसीआई@नई दिल्ली

‘भारतीय जनता पार्टी की विरोधी राजनीतिक पार्टियां, कुछ आइडियोलॉजिकली राजनीति में आए हुए पत्रकार और कुछ एनजीओ ने मिलकर… इस त्रिकूट ने मिलकर इन आरोपों को इतना प्रचारित किया… और इनका ईको सिस्‍टम भी इतना मजबूत था कि धीरे-धीरे लोग झूठ को ही सत्‍य मानने लगे।’ गृह मंत्री अमित शाह का यह बयान गुजरात दंगों में नरेन्द्र मोदी को मिली क्‍लीन चिट बरकरार रखने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आया। शाह ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि अदालत ने भी कहा कि जकिया जाफरी किसी और के इशारों पर काम कर रही थीं।

अमित शाह ने ANI को दिए इंटरव्यू में सामाजिक कार्यकर्ता तीस्‍ता सीतलवाड़ का भी नाम लिया, जिनका एनजीओ पूरे केस में खासा सक्रिय रहा था। गृह मंत्री ने तहलका मैगजीन के स्टिंग ऑपरेशन का भी जिक्र किया और कहा कि अदालत ने उसको खारिज कर दिया है। अमित शाह ने जिस ‘त्रिकूट’ का जिक्र किया, उसमें कई मशहूर नाम शामिल हो सकते हैं। बकौल शाह, मीडिया से लेकर NGOs और राजनीतिक जमात ने मोदी को बदनाम करने में कोई कसर बाकी नहीं रखी। मोदी को सुप्रीम कोर्ट की क्लीन चिट पर ये बोले शाह-

मोदी की छवि खराब करने में लगे थे NGOs’

अमित शाह ने ANI को दिए इंटरव्‍यू में तीस्‍ता सीतलवाड़ का नाम लिया। शाह ने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि जाकिया जाफरी किसी और के निर्देश पर काम करती थी। NGO ने कई पीड़ितों के हलफनामे पर हस्ताक्षर किए और उन्हें पता भी नहीं है। सब जानते हैं कि तीस्ता सीतलवाड़ की NGO ये सब कर रही थी। उस समय की UPA की सरकार ने NGO की बहुत मदद की है। गुजरात में हमारी सरकारी थी, लेकिन यूपीए की सरकार ने NGO की मदद की है। सब जानते हैं कि ये केवल मोदी जी की छवि खराब करने के लिए किया गया था।’

Related News-

गुजरात दंगों के मामले में पीएम मोदी को सुप्रीम कोर्ट से मिली फाइनल क्लीन चिट, जानिए पूरा मामला

सुप्रीम कोर्ट ने सीतलवाड़ पर यह कहा

सुप्रीम कोर्ट में मोदी को मिली क्‍लीन चिट के खिलाफ यह याचिका दंगों में मारे गए पूर्व कांग्रेस सांसद एहसान जाफरी की पत्‍नी जकिया जाफरी और एक्टिविस्‍ट तीस्‍ता सीतलवाड़ ने लगाई थी। तीन जजों की बेंच ने कहा कि तीस्‍ता सीतलवाड़ ने जकिया जाफरी की भावनाओं का फायदा उठाया है। अदालत ने कहा कि तीस्‍ता सीतलवाड़ के बारे में और जांच की जरूरत है, क्‍योंकि वह जाफरी की भावनाओं का इस्‍तेमाल अपने फायदे के लिए कर रही थीं।

त्रिकूट’ ने मोदी को बदनाम क‍िया: शाह

शाह ने गुजरात दंगों पर तहलका मैगजीन के स्टिंग ऑपरेशन का भी जिक्र किया। गृह मंत्री ने कहा, ‘कोर्ट ने तहलका द्वारा किए गए स्टिंग ऑपरेशन को खारिज कर दिया, क्योंकि इसके आगे-पीछे का जब फुटेज आया तब पता चला कि ये स्टिंग राजनीतिक उद्देश्य से किया गया था।’ तलहका ने नवम्बर 2007 में ‘The Truth: Gujarat 2002’ नाम से इनवेस्टिगेटिव रिपोर्ट प्रकाशित की थी। स्टिंग ऑपरेशंस के आधार पर दावा किया गया था कि गुजरात में दंगाइयों को पुलिस और सीएम नरेन्द्र मोदी का समर्थन था।

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार के फैसले में कहा कि तहलका टेप्‍स कानूनी रूप से स्‍वीकार्य नहीं हैं। बेंच ने कहा कि 2008 से 2011 के बीच कोर्ट ने ‘विस्‍तार से’ टेप्‍स पर विचार किया है और उनका ‘कोई महत्‍व’ नहीं है।

राणा अयूब की किताब को भी खारिज कर चुका सुप्रीम कोर्ट

गुजरात दंगों को लेकर मोदी-शाह के खिलाफ खुलकर आरोप लगाने वालों में पत्रकार राणा अयूब का भी नाम है। अयूब ने ‘गुजरात फाइल्‍स’ के नाम से 2016 में एक किताब लिखी। सुप्रीम कोर्ट ने जून 2019 में हरेन पंड्या मर्डर केस में और जांच की मांग करती एक NGO की याचिका को खारिज करते हुए राणा की किताब का जिक्र किया था। NGA ने किताब के हवाले से दावे किए थे। अदालत ने कहा था कि ‘राणा अयूब की किताब किसी काम की नहीं है। यह शंकाओं, अनुमानों और कल्‍पनाओं पर आधारित है और इसका कोई प्रमाणिक महत्‍व नहीं है। किसी व्‍यक्ति की राय सबूत के दायरे में नहीं आती।’

‘मैंने मोदी को दर्द झेलते हुए देखा है’

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, 18-19 साल की लड़ाई… देश का इतना बड़ा नेता एक शब्द बोले बगैर सभी दुखों को भगवान शंकर के विषपान की तरह गले में उतारकर सहन कर लड़ता रहा और आज जब अंत में सत्य सोने की तरह चमकता हुआ आ रहा है, तो अब आनंद आ रहा है। मैंने मोदी जी को नजदीक से इस दर्द को झेलते हुए देखा है, क्योंकि न्यायिक प्रक्रिया चल रही थी तो सब कुछ सत्य होने के बावजूद भी हम कुछ नहीं बोलेंगे.. बहुत मजबूत मन का आदमी ही ये स्टेंड ले सकता है।

सोनिया ने मोदी को बताया था ‘मौत का सौदागर’

गुजरात दंगों को लेकर नरेन्द्र मोदी और अन्‍य भाजपा नेता लगातार कांग्रेस के निशाने पर रहे। 2007 में गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार करते समय तत्‍कालीन कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी ने मोदी को ‘मौत का सौदागर’ कहा था। 2014 के लोकसभा चुनाव प्रचार अभियान में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि मोदी ‘जहर की खेती’ कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद शाह ने कहा कि ‘अगर आरोप लगाने वालों में अंतरात्मा है, तो उन्हें माफी मांगनी चाहिए।’ कांग्रेस पर पलटवार करते हुए शाह ने कहा कि ‘जहां तक दंगों का सवाल है तो आप 5 साल बीजेपी और कांग्रेस के शासन काल की तुलना करें तो पता चल जाएगा कि किसके शासन में अधिक दंगे हुए।’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.