April 20, 2026

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हाथ से हाथ जोड़ो अभियान पर किरोड़ी लाल मीणा का तंज, कहा -ऊपर से ही टूटा है कांग्रेस का हाथ

हाथ से हाथ जोड़ो अभियान पर किरोड़ी लाल मीणा का तंज, कहा -ऊपर से ही टूटा है कांग्रेस का हाथ

एनसीआई@जयपुर

सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने कांग्रेस के हाथ से हाथ जोड़ो अभियान पर बड़ा सवाल खड़ा करते हुए हमला किया है। किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि, मैं इसका मतलब नहीं समझ पा रहा हूं, जब कांग्रेस के हाथ ऊपर से ही टूटे हुए हैं, गहलोत और पायलट के मन नहीं मिल रहे और जब तक मन नहीं मिलते तो हाथ जुड़ नहीं सकते। यह महज कांग्रेस का एक नाटक है, जो जनता को बहकाने का काम कर रहे हैं, लेकिन जनता इनके नाटक को पूरी तरह समझ चुकी है।

मीणा ने आगे कहा,मुझे अफसोस इस बात का है कि कांग्रेस इस तरीके का नाटक कर रही है। कांग्रेस के हाथ वहां जुड़ते हैं, जहां इनकम होती है, पैसा मिलता है। कांग्रेस हाथ से हाथ जोड़कर खुद को मजबूत करना चाहती है, लेकिन पहले उस जनता को मजबूत करो जो लुट रही है, त्रस्त है, परेशान है। कानून की स्थिति खराब है। पेपर लीक हो रहे हैं, जमकर भ्रष्टाचार हो रहा है। सब भ्रष्टाचार में लिप्त हैं, आकंठ भ्रष्टाचार है।

सरगनाओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं

वहीं, राजस्थान में प्रतियोगिता परीक्षाओं के पेपर लीक मामले को लेकर धरने पर बैठे सांसद किरोड़ी लाल मीणा ने एक बार फिर सरकार की जांच प्रक्रिया पर बड़ा सवाल खड़ा करते हुए कहा, जो मंत्री-विधायक और अधिकारी पेपर लीक के मामले में लिप्त रहे हैं, उन्हें मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने क्लीन चिट दे दी। ऐसे में जांच अधिकारी की क्या मजाल कि वह सरकार के खिलाफ जाकर उनसे पूछताछ करें या कार्रवाई करें।

पेपर लीक के जो सरगना थे भूपेंद्र ढाका और सुरेंद्र सारण को फरार कर दिया गया। जिन आरपीएससी के स्टाफ का नाम बताया गया, उनसे आज तक पूछताछ नहीं हुई। एसओजी के जो अफसर पेपर माफियाओं से मिले हुए हैं, उनके नाम बताए, मगर उन पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। दो भवन जरूर जमींदोज कर दिए, जिनमें से एक किराए का था तो दूसरा एक से डेढ़ करोड़ की कीमत का होगा, लेकिन इन पेपर माफियाओं ने सौ-सौ करोड़ रुपए कमाए हैं। ऐसे में उनकी सारी सम्पत्ति को चिह्नित कर जप्त किया जाए।

प्रदेश में युवा हताश और निराश

किरोड़ी लाल मीणा ने कहा, सरकार की यह कार्रवाई नाकाफी है, बेरोजगारों के मन के मुताबिक सरकार ने कार्रवाई नहीं की। इससे प्रदेश का बेरोजगार युवा हताश है। लगातार पेपर लीक हो रहे हैं। सरकार कह रही है कड़ा कानून लेकर आए हैं और उदयपुर में पेपर लीक के जो आरोपी गिरफ्तार हुए वह 10 दिन में ही जमानत पर बाहर आ गए। ऐसे में सरकार कौन सा कड़ा कानून लेकर आई है।

सीबीआई जांच से क्यों डर रही सरकार

मीणा ने कहा, मुख्यमंत्री सहित कांग्रेस के नेता इसलिए विलाप कर रहे हैं कि अगर इस मामले की सीबीआई जांच हो गई तो कांग्रेस के बहुत से नेता जेल में जाएंगे। राज्य सरकार को अगर प्रदेश के पचास लाख बेरोजगार युवाओं के साथ न्याय करना है तो इस पूरे मामले की सीबीआई से जांच करवानी चाहिए और कोई भी बड़ा सरगना बचना नहीं चाहिए। मीणा ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा, प्रदेश के युवाओं के न्याय के लिए दौसा से जयपुर तक कूच लेकर आया। सरकार के तंत्र ने मुझे जयपुर के बाहर ही रोक दिया, धरने पर बैठा हूं। सरकार के सकारात्मक रुख का इंतजार कर रहा हूं। नहीं तो फिर प्रदेश के युवाओं से बातचीत कर कोई निर्णय करेंगे ।

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