आसाराम को एक और दुष्कर्म के मामले में सजा, पहले से ही नाबालिग से रेप में काट रहा है कारावास
एनसीआई@गांधीनगर
रेप के एक और मामले में गुजरात की गांधीनगर कोर्ट ने आसाराम को आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है। वह पहले से ही एक अन्य दुष्कर्म के मामले में जोधपुर जेल में सजा काट रहा है। ताजा मामले में कोर्ट ने सोमवार को आसाराम को रेप मामले में दोषी माना था। गांधीनगर एडिशन डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस कोर्ट ने आसाराम की पत्नी सहित 6 अन्य आरोपियों को निर्दोष ठहराया था। आसाराम की सजा का ऐलान मंगलवार को करने को कहा था।
यह है पूरा मामला
यह साल 2013 का मामला है। आसाराम पर सूरत की एक लड़की ने रेप का आरोप लगाया था, जबकि उसकी छोटी बहन ने आसाराम के पुत्र नारायण साईं पर ऐसा ही आरोप लगाया था। इस मामले में आसाराम के अलावा उसकी पत्नी लक्ष्मी, बेटी भारती और चार महिला अनुयायी ध्रुवबेन, निर्मला, जस्सी और मीरा भी आरोपी थे।
जोधपुर जेल में बंद है आसाराम
81 साल के आसाराम इस समय जोधपुर जेल में बंद हैं। वह वर्ष 2013 में राजस्थान में अपने आश्रम में एक नाबालिग लड़की से बलात्कार के एक अन्य मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है।
गांधीनगर सत्र अदालत के न्यायाधीश डीके सोनी ने सजा कितनी दी जाए, इस पर दलीलें सुनने के बाद फैसला सुनाया है। अदालत ने सोमवार को आसाराम को सूरत की रहने वाली एक महिला शिष्या से 2001 से 2006 तक कई बार बलात्कार करने के मामले में दोषी ठहराया था, ये तब हुआ जब शिष्या अहमदाबाद के पास मोटेरा में अपने आश्रम में रह रही थी।
इन धाराओं के तहत मिली सजा
अदालत ने 2013 में महिला शिष्या द्वारा दर्ज मामले में आसाराम को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 2 (C) (बलात्कार), 377 (अप्राकृतिक अपराध), 342 (गलत तरीके से हिरासत में रखना), 354 (महिला की लज्जा भंग करने के इरादे से उस पर हमला या आपराधिक बल प्रयोग), 357 (हमला) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत दोषी ठहराया।
