जयपुर शूटआउट का मास्टर माइंड 15 वर्षीय नाबालिग निकला, 25 लाख में बुलाए थे शूटर, पुलिस पर दो बार बरसाईं गोलियां
एनसीआई@जयपुर
होटल कारोबारी से एक करोड़ की रंगदारी वसूलने के लिए 25 लाख रुपए में भाड़े पर उत्तर प्रदेश से दो शूटर बुलाए गए थे। गोलीकांड को अंजाम देने की जिम्मेदारी 15 साल के नाबालिग को सौंपी गई थी। इस नाबालिग ने ही अपने शातिर दिमाग से फायरिंग का पूरा प्लान तैयार किया था।
यहां तक कि पुलिस को चकमा कैसे देना है, यह भी होटल में बैठकर तय कर लिया था। जी क्लब में 17 राउंड फायरिंग करने के बाद बदमाश बस में बैठकर उत्तरप्रदेश भाग निकले। इनका प्लान था कि आगरा में पेमेंट मिलते ही उत्तराखंड जाकर मौज-मस्ती करेंगे। मगर ये तीनों उससे पहले ही पकड़े गए।
इस पूरी कार्रवाई में फिल्मी स्टाइल में पुलिस का दो बार बदमाशों से सामना हुआ। आगरा में शूटर भूपेन्द्र ने पुलिस पर गोलियां बरसाईं। वहीं, जब पुलिस बदमाशों को पकड़कर जयपुर ला रही थी, तब मंगलवार सुबह साढ़े सात बजे के करीब तीनों ने टॉयलेट का बहाना बनाया और गनमैन से पिस्टल छीन ली। इस दौरान पुलिस से हुई मुठभेड़ में तीनों के पैरों में गोलियां लगीं। अब ये तीनों घायल बदमाश जयपुर के एसएमएस हॉस्पिटल में भर्ती हैं। इनमें से एक बदमाश प्रदीप शुक्ला की हालत नाजुक बताई गई है। इधर, गैंगस्टर रितिक बॉक्सर ने फेसबुक पर पोस्ट डाल कर जयपुर पुलिस को खुली चुनौती देते हुए गोली मारने की धमकी दी है।

रोहित गोदारा ने मांगी 5 करोड़ की रंगदारी
फ्रंटियर कॉलोनी आदर्श नगर निवासी अक्षय गुरनानी (29) का दुर्गापुरा स्थित एयरपोर्ट प्लाजा में होटल डेयज और जी-क्लब है। होटल कारोबारी अक्षय को 8 जनवरी की रात वॉट्सएप कॉल किए गए। कई बार कॉल आने पर अक्षय ने एक बार उठाया। वॉट्सएप वॉयस कॉल पर उसकी बात रोहित गोदारा बीकानेर से हुई। उसने धमकी दी कि 5 करोड़ रुपए दो, नहीं तो जिंदगी से हाथ धो बैठोगे। उसने एक वॉयस मैसेज भी भेजा। जिसमें कहा कि फोन का जवाब नहीं दोगे और फोन नहीं उठाओगे तो आवाज गायब हो जाएगी।
लॉरेंस बोला- मिल गया होगा रोहित का मैसेज
उसके कुछ देर बाद ही होटल कारोबारी के पास एक इंटरनेट कॉल आया। कॉल करने वाले ने अपना नाम लॉरेंस बिश्नोई बताया। कहा कि तेरे को रोहित गोदारा का मैसेज मिल गया होगा। रोहित की बात पूरी कर देना नहीं तो जान से हाथ धो बैठोगे।
रंगदारी नहीं मिलने पर की प्लानिंग
अक्षय ने जब धमकी को गम्भीरता से नहीं लिया तो रितिक बॉक्सर ने प्लानिंग की। इसके लिए लॉरेंस गैंग ने बीकानेर के रहने वाले नाबालिग को चुना। इस नाबालिग को 10 जनवरी को नयाशहर में फायरिंग के मामले में पकड़ा गया था। वहां बाल सुधार गृह में उसकी मुलाकात रितिक बॉक्सर की गैंग से जुड़े एक और बाल अपचारी से हुई। उसी ने आरोपी का कॉन्टेक्ट रितिक से करवाया और 15 दिन में उसकी जमानत करवाई।
फायरिंग के बदले 35 लाख में डील
25 जनवरी को बाल सुधार गृह से बाहर आते ही नाबालिग को रितिक बॉक्सर ने जमानत के बदले अपना काम करने को कहा। उसे जयपुर जाकर जी क्लब के मालिक अक्षय पर फायरिंग कर डराने को कहा गया। इसके बदले रंगदारी के 1 करोड़ में से 10 लाख रुपए देने की डील हुई। उधर रितिक बॉक्सर ने उत्तर प्रदेश में शूटर भूपेन्द्र से कॉन्टेक्ट किया। हथियार के साथ जयपुर पहुंच कर जी क्लब पर फायरिंग के लिए 25 लाख में सौदा तय किया।
रेकी के बाद की फायरिंग
27 जनवरी की रात रितिक बॉक्सर के कहने पर बदमाश ऋषभ उर्फ यश, प्रदीप शुक्ला और नाबालिग तीनों मानसरोवर स्थित कृष्णा पैराडाइज में पहुंचे। होटल के रूम में बैठकर तीनों ने मीटिंग की और फायरिंग से लेकर धमकी और भागने का पूरा एक्शन प्लान तैयार किया। रितिक बॉक्सर ने एडवांस और खर्च के लिए 39 हजार रुपए भी एक व्यक्ति के जरिए उन तक पहुंचाए। अगले दिन 28 जनवरी को तीनों ने अपने-अपने हिसाब से जी-क्लब की रेकी की। दिनभर रेकी करने के दौरान आपस में चेटिंग के जरिए ही तीनों कॉन्टेक्ट में रहे।
एक किलोमीटर दूर छोड़ी बाइक
28 जनवरी की रात करीब 11 बजे तीनों ऋषभ की बाइक से होटल कृष्णा पैराडाइज से निकले। बाइक जेएलएन मार्ग स्थित होटल क्लार्क्स आमेर के पीछे छोड़ दी। पैदल-पैदल जी क्लब पर पहुंचे। रात 11.50 बजे होटल कारोबारी अक्षय पास में ही स्थित रेडिसन ब्लू होटल से निकल कर अपनी होटल डेयज में जा रहे थे। इसी दौरान बदमाश प्रदीप और बाल अपचारी ने होटल गेट से ताबड़तोड़ 17 राउंड फायरिंग की। गार्ड, अन्य स्टाफ व होटल में रुके गेस्ट ने इधर-उधर भागकर जान बचाई।
धमकी भरा लेटर छोड़कर भागे

फायरिंग के दौरान बदमाशों ने होटल की तरफ धमकी भरा लेटर छोड़ा। जिसमें लिखा था- ‘ये सिर्फ समाचार था…एक करोड़ नहीं दिए तो जान से मारेंगे। रितिक बॉक्सर, अनमोल बिश्नोई (लॉरेंस बिश्नोई गैंग)। रितिक बॉक्सर, अनमोल बिश्नोई।’ इसके बाद जी क्लब पर फायरिंग करने की जिम्मेदारी लेने का फेसबुक पोस्ट भी किया गया।
पुलिस को दिया चकमा, बस से पहुंचे आगरा
ताबड़तोड़ फायरिंग की सूचना पर शहर भर में ए-श्रेणी की नाकाबंदी करवाई गई थी। पुलिस को चकमा देने के लिए बदमाशों ने बाइक वहीं छोड़ दी। दौड़कर होटल से महज 100 मीटर दूर ऑटोरिक्शा किराए पर लेकर सिंधी केम्प बस स्टेण्ड पहुंचे। यहां से बस में बैठकर तीनों 29 अगस्त की सुबह आगरा जा पहुंचे।
दोस्त को दिए हथियार
आगरा पहुंचते ही फायरिंग करने वाले तीनों बदमाशों ने भूपेन्द्र को हथियार जमा करवाए और छिपने का ठिकाना तलाशने में जुट गए। तीनों का 30 जनवरी की रात को ही उत्तराखंड भागने का प्लान था। उधर जयपुर सीएसटी टीम प्रभारी एसपी खलील अहमद ने तीनों बदमाशों की लोकेशन ट्रेस कर ली।
30 जनवरी को दोपहर करीब साढ़े 3 बजे डीसीपी (पूर्वी जोन, आगरा) सोमेन्द्र मीणा से कॉन्टेक्ट किया। बदमाशों की फोटो और लोकेशन भेजी गई। रात करीब 9 बजे उत्तराखंड भागने के लिए जैतपुर के फतेहपुर तिराहा पर तीनों बदमाश पहुंचे। उत्तर प्रदेश पुलिस की मदद से जयपुर सीएसटी टीम प्रभारी एसीपी खलील अहमद टीम सहित लोकेशन पर पहुंच गए और घेराबंदी कर दी।
भूपेन्द्र ने पुलिस पर बरसाईं गोलियां

पकड़े जाने के बाद तीनों बदमाशों ने फायरिंग में यूज हथियारों के बारे में पूछने पर नहटोली में छिपे उनके साथी भूपेन्द्र गुर्जर उर्फ थापा के पास होना बताया। इस पर पुलिस भूपेन्द्र को पकड़ने गई तो उसने फायरिंग कर दी। काउंटर फायरिंग के बाद उसे दबोच लिया गया। भूपेन्द्र से 3 पिस्टल, 6 मैगजीन व 7 कारतूस बरामद किए गए हैं। आगरा पुलिस ने हथियार मिलने पर आर्म्स एक्ट में मामला दर्ज कर भूपेंद्र को अरेस्ट कर लिया ह। उसके तीनों साथियों को जयपुर पुलिस के हवाले कर दिया।
बदमाशों को जयपुर लेकर हुई रवाना
सीएसटी टीम प्रभारी एसीपी खलील अहमद की टीम अपनी क्रेटा गाड़ी में तीनों बदमाशों को रात करीब एक बजे लेकर रवाना हुई। 35 किलो मीटर दूर आगरा पहुंचने पर सीएसटी टीम प्रभारी एसीपी चिरंजी लाल मीणा की टीम भी गाड़ी से पहुंच गई। दोनों एसीपी के साथ 9 जवानों की टीम तीनों बदमाशों को जयपुर लेकर रवाना हुई। एसीपी खलील अहमद की गाड़ी में 2 बदमाश और एसीपी चिरंजी लाल मीणा की गाड़ी में एक बदमाश बैठा था।
टॉयलेट के बहाने उतरे, भागने के लिए छीनी पिस्टल
मंगलवार सुबह करीब साढ़े सात बजे पुलिस की दोनों टीम जयपुर के आगरा रोड पर पहुंच गई। खोह नागोरियान स्थित गोनेर रोड पर आसाराम आश्रम के पास से जाते समय बदमाश ऋषभ ने टॉयलेट का बहाना बनाकर गाड़ी रोकने को कहा। गाड़ी रोकने पर दोनों साथी बदमाशों ने भी टॉयलेट जाने की कहा। तीनों को पुलिस जाब्ते के साथ टॉयलेट के लिए उतारा गया। इतने में बदमाश ऋषभ ने चिरंजीलाल के गनमैन सन्नी जांगिड़ से हाथापाई कर पिस्टल छीन ली व जाब्ते पर फायर करते हुए भागने का प्रयास किया।
पुलिस मुठभेड़ में तीनों बदमाशों के पैर में लगी गोली
एसीपी चिरंजीलाल ने हवाई फायर कर भागते तीनों बदमाशों को रोकने का प्रयास किया। इसके बाद ऋषभ के बाएं पैर में और प्रदीप शुक्ला के दाहिने पैर में गोली मारी गई। ऋषभ से पिस्टल छुड़ाने के प्रयास में चिरंजीलाल की पिस्टल से हुए फायर से बाल अपचारी के बाएं पैर पर गोली लगी। महज 7 मिनट में तीनों को काबू कर घायल हालत में तुरंत एसएमएस हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया। इसमें प्रदीप शुक्ला की हालत गम्भीर बताई जा रही है।
जेल से बंद कैदियों से कॉन्टेक्ट
एडिशनल कमिश्नर (फर्स्ट) अजय पाल लाम्बा ने बताया कि रितिक बॉक्सर की फेसबुक पर की गई पोस्ट के आधार पर साइबर एनालिसिस किया गया है। आरोपी फर्जी आईडी पर ली गई सिम और मोबाइल का यूज कर रहे हैं। उसमें भी वीपीएन नेटवर्क यूज कर अपनी लोकेशन हाइड करते हैं। इसके बाद शहर के व्यापारियों को धमकी दी जा रही थी। अपराधियों के कॉन्टेक्ट जेल में बंद कैदियों से भी पाए गए हैं। लॉरेंस बिश्नोई और रोहित गोदारा के कॉन्टेक्ट की जांच की जा रही है।
