होली खेलकर नहाने गए पति-पत्नी की बाथरूम में मौत, 9 वर्षीय बेटे की हालत गम्भीर, गीजर से बनी थी जहरीली गैस
एनसीआई@भीलवाड़ा
जिले के शाहपुरा में आज बुधवार को शीतला अष्टमी पर होली खेलने के बाद बाथरूम में नहाने गए परिवार का गीजर के बर्नर से निकली कार्बन डाइऑक्साइड से दम घुट गया। इस हादसे में पति-पत्नी की मौत हाे गई, वहीं 9 वर्षीय बेटे की हालत गम्भीर है।
जानकारी अनुसार शिवनारायण (35) पुत्र सुरेश झंवर और उनकी पत्नी कविता (32) और उनके बेटे विहान (9) ने शीतला अष्टमी के मौके पर बुधवार को होली खेली। इसके बाद तीनों दोपहर डेढ़ बजे करीब घर के ग्राउंड फ्लोर पर बने बाथरूम में नहाने के लिए चले गए। करीब साढ़े तीन बजे तक तीनों बाहर नहीं आए तो परिजनों ने आवाज लगाई। तुम मगर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर उन्होंने दरवाजा खोलकर देखा तो तीनों बाथरूम में बेहोश पड़े हुए थे।

इस पर उनके चिल्लाने की आवाज सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे और तीनों को जिला हॉस्पिटल लेकर गए। वहां डॉक्टरों ने शिवनारायण और कविता को मृत घोषित कर दिया। वहीं विहान को गम्भीर हालत में भीलवाड़ा के लिए रेफर कर दिया गया।
पति-पत्नी का कल होगा अंतिम संस्कार
पड़ोसी सतीश सोनी ने बताया कि दोपहर करीब डेढ़ बजे तक शिवनारायण उनके साथ खुशी-खुशी रंग खेल रहा था। यकीन ही नहीं हो रहा है कि मात्र कुछ घंटे में ही सब कुछ खत्म हो गया। दोनों पति-पत्नी का दाह संस्कार बुधवार सुबह किया जाएगा।

बच्चे की हालत स्थिर
थानाधिकारी राजकुमार नायक ने बताया कि पति-पत्नी की मौत दम घुटने की वजह से हुई है। दोनों का पोस्टमार्टम हो गया है, जबकि बच्चे का भीलवाड़ा स्थित महात्मा गांधी हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। उसकी हालत स्थिर है। शिवनारायण शाहपुरा व्यापार मंडल अध्यक्ष रतनलाल झंवर के पोते थे।
यह होता है कारण
गैस गीजर का बर्नर अगर बाथरूम में है तो उससे निकली कार्बन डाइऑक्साइड जमीन पर परत बना लेती है, जो धीरे धीरे बढ़ती है। एक वक्त ये नहा रहे व्यक्ति की नाक तक पहुंच जाती है। यह शरीर के अंदर पहुंचकर सांस नली को ब्लॉक कर देती है। कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) अदृश्य होती है, अंदर जाती है तो पता नहीं चलता। इससे बदहवासी होती है। धीरे धीरे शरीर मे पहुंची कार्बन डाइऑक्साइड ही मौत का कारण बन जाती है। देश के विभिन्न भागों में पहले भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं।
