पुलिस मुख्यालय की क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई:साइबर ठगी का पैसा विड्रो करते 3 बदमाशों से 12 लाख रुपए और 36 एटीएम कार्ड बरामद
एनसीआई@जयपुर
पुलिस मुख्यालय की क्राइम ब्रांच ने देर रात 1 बजे एक मकान में रेड कर तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया। इन तीन बदमाशों के पास से पुलिस ने 12 लाख रुपए और 36 एटीएम कार्ड बरामद किए। साइबर ठगी के शिकार हुए पीड़ितों का पैसा ये लोग एटीएम से निकाल कर उसे भरतपुर ले जाने की तैयारी में थे। इस कार्रवाई में साइबर ठग अमरसिंह, महे्द्र सिंह व रामलखन को गिरफ्तार किया गया है।
एडीजी क्राइम दिनेश एमएन ने बताया कि क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि भरतपुर में पुलिस की सख्ती के बाद जयपुर में साइबर अपराधियों का मूवमेंट बढा है। इस पर टीम ने ग्राउंड पर जाकर छानबीन की तो पता चला की कुछ युवक जीटी के पास एक मकान में टू बीएच के का फ्लेट लेकर रह रहे हैं। दिन भर ये युवक सोते सहते हैं, रात होने पर ये एक्टिव होकर इलाके में मूवमेंट करते हैं। इस पर एडिशनल एसपी हरिराम और पुष्पेन्द्र सिंह की टीम ने पिछले 5 दिन तक इस मकान की रैकी की। इसमें पता चला कि ये लोग भरतपुर के साइबर ठग मेव गैंग के लिए काम किया करते हैं।
साइबर ठग भरतपुर से इन्हें फोन पर जानकारी देते हैं कि इस नाम के एटीएम कार्ड से पैसा विड्रो करना है। हर दिन करीब 5 से 10 लाख रुपए ये बदमाश एकत्रित करते और फिर एक युवक उसे भरतपुर पहुंचाता। पुलिस ने एक युवक को एटीएम से पैसा निकालते हुए पकड़ा। साथ ही मकान से दो युवकों को भी पकड़ लिया। इनसे पूछताछ की जा रही है।
जब्त हुए अधिकांश एटीएम भरतपुर के लोगों के
पुलिस के हाथ लगे 36 एटीएम में से अधिकांश भरतपुर के लोगों के नाम हैं। साइबर ठग गांव के लोगों को बहला कर कभी पेंशन तो कभी खाता अपडेट करने के नाम पर उनसे एटीएम कार्ड बनवा लेते हैं। लेकिन एटीएम कार्ड उन्हें देते नहीं हैं। इस खाते में ये लोग साइबर ठगी से आने वाले पैसे को डालते हैं। इसके बाद जयपुर में बैठी हुए गैंग, जिसके पास एटीएम कार्ड होते हैं, उसे ऑर्डर दिया जाता है कि इस एटीएम से इतना पैसा निकाल लो। इस पर ये लोग रात 10 बजे से 2बजे तक एक्टिव होकर बारी-बारी से जयपुर के अलग-अलग एटीएम में जाकर पैसा निकालते हैं।
भरतपुर में पुलिस की सख्ती हो जाने से जयपुर आए
एडिशनल एसपी पुष्पेन्द्र सिंह ने बताया कि बदमाशों से हुई पूछताछ में उन्होने बताया कि भरतपुर में पिछले कुछ समय से सख्ती हो गई थी। इसी लिए कई युवकों की टीम बनाकर अलग-अलग जिलों में भेजा गया। हर टीम के पास एटीएम कार्ड हैं। भरतपुर से फोन आने पर युवक एटीएम जाता है और पैसा निकाल लेता है। पहले भरतपुर में ही यह काम होता था, लेकिन भरतपुर पुलिस की सख्ती के कारण जिला बदलकर काम किया जा रहा है। भरतपुर पुलिस ने तो जिन नम्बरों से ठगी होती थी, उन्हें कम्पनी से बंद कराया दिया। करीब 1 लाख से अधिक मोबाइल नम्बर भरतपुर पुलिस बंद करवा चुकी हैं।
बदमाशों की सूचना पर भरतपुर में रेड की तैयारी
तीनों बदमाशों से हुई पूछताछ के बाद जानकारी को भरतपुर पुलिस के साथ साझा किया जाएगा। इसके बाद इस गैंग के सरगना को पकड़ने का प्रयास होगा। हालांकि तीनों युवकों के पकड़े जाने के बाद इन साइबर ठगों के अंडर ग्राउंड हो जाने की पूरी सम्भावना है, लेकिन पुलिस के पास जो मोबाइल नम्बर आए हैं, उससे इन की लोकेशन और जानकारी मिल जाएगी।
अन्य राज्यों के लोगों से करते साइबर ठगी
बदमाशों ने पूछताछ में बताया कि राजस्थान में साइबर ठगी होने पर पुलिस एक्शन जल्दी लेने लगी है। जिससे पैसा खाते से निकलने से पहले ही फ्रीज हो जाता है। इसलिए बाहरी राज्यों के लोगों को शिकार बनाया जाता है। वह जब तक शिकायत करते हैं, हम लोग यहां पर एटीएम से पैसा निकाल लेते हैं। जिससे अगर खाता फ्रीज भी होता है तो पैसा निकल जाता है।
