मंत्री जोशी पर आत्महत्या के लिए उकसाने की एफआईआर दर्ज, पीड़ित परिवार का आरोप-खुद की जमीन पर घर नहीं बनाने दिया, धरने पर बैठे
एनसीआई@जयपुर
जयपुर में युवक के सुसाइड मामले में सोमवार देर रात केबिनेट मंत्री महेश जोशी सहित 8 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया। एफआईआर मृतक राम प्रसाद मीणा (43) के भाई महावीर मीणा की शिकायत पर दर्ज की गई है।

डीसीपी नॉर्थ शशि डोगरा ने बताया- मृतक राम प्रसाद के भाई महावीर ने बताया कि उसके भाई ने मरने से पहले उसे बताया था कि मंदिर संचालक देवेन्द्र शर्मा, ललित शर्मा, राकेश टांक, मुंजी टांक व इनका साथी देव अवस्थी, लालचंद देवनानी, हिमांशु देवनानी और हवामहल विधायक व केबिनेट मंत्री महेश जोशी उसे बहुत परेशान कर रखा है। जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। बोल रहे हैं- तुम इस जमीन को खाली कर दो। हमारे से बुरा कोई नहीं होगा।
महावीर ने कहा- इन लोगों ने मेरे परिवार के लोगों को जाति सूचक गाली भी दी। कहा- तुम्हारा मंदिर के पास में रहने का कोई अधिकार नहीं है, जबकि हमने इस जमीन का पट्टा 2017 में नगर निगम से लिया हुआ है। इसके बावजूद हमारी जमीन पर मकान का निर्माण करने पर नगर निगम का गार्ड आ जाता है। कभी नगर निगम की गाड़ी आ जाती है। कई बार बात करने के बावजूद हमें परेशान कर रहे हैं।
आरोप-विजिलेंस अधिकारी नील कमल मीणा बोले जोशी ने बोला हुआ है
पुलिस को दी शिकायत में महावीर ने कहा- हम लोग नगर निगम अधिकारी नील कमल मीणा के पास गए थे। उन्हें दस्तावेज दिखाए तो उन्होंने कहा कि मेरे ऊपर महेश जोशी मंत्री का दबाव है कि इसका काम रोका जाए। इसके बाद हमारा पूरा परिवार 13 अप्रेल को सिविल लाइंस स्थित महेश जोशी के घर गया। महेश जोशी मंत्री ने वहां हमें धमकाया।
24 घंटे से घर में रखा शव
मृतक राम प्रसाद मीणा का शव पिछले 24 घंटे से घर पर ही रखा हुआ है। मृतक के परिजनों ने उस कमरे को ताला लगा रखा है, जिसमें राम प्रसाद ने सुसाइड किया था। वे फिलहाल वहीं धरने पर बैठे हुए हैं। ये आरोपियों पर जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हेरिटेज निगम के अफसरों को फटकार लगाते हुए एक आरोपी देवेन्द्र शर्मा के होटल पर कार्रवाई करने के आदेश दिए, जो मृतक की जमीन के पास ही है। बताया जा रहा इसका निर्माण अवैध रूप से चल रहा था। निगम के अधिकारियों ने होटल तो बनने दिया, लेकिन तमाम कागजात होने के बावजूद रामप्रसाद मीणा का घर नहीं बनने दिया। इस पर होटल पर एक्शन हो रहा है।
सीएम के आदेश के बाद आज दोपहर 12 बजे विजिलेंस की टीम बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंची। इस दौरान लोगों का निगम के अधिकारियों के खिलाफ गुस्सा बढ़ गया। इसके बाद गुस्साए लोगों ने विजिलेंस ऑफिसर नीलकमल मीणा के साथ हाथापाई कर दी। लोगों का गुस्सा देख कर निगम के अधिकारी भी पीछे हट गए।

निगम की टीम वापस पहुंची और होटल पर की कार्रवाई
लोगों का गुस्सा शांत होने के बाद निगम की टीम शाम करीब 4 बजे फिर कार्रवाई करने होटल पर पहुंची। इस दौरान मौके पर भारी पुलिस जाब्ता तैनात रहा। टीम ने देवेन्द्र शर्मा के होटल में बने अवैध निर्माण को बुलडोजर से तोड़ा।

यह है मामला
सुसाइड करने वाला राम प्रसाद मीणा चांदी की टकसाल, काले हनुमान मंदिर के पास रहता था। यहां से 200 मीटर दूर ही उसकी जमीन है। इस जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। मृतक खुद की जमीन पर मकान बनाना चाहता था। आरोप है कि मंत्री महेश जोशी सहित कई लोग उसके इस काम को बार-बार रुकवा देते थे। जमीन के सभी डॉक्युमेंट होने के बाद भी उसके घर के बाहर गार्ड लगा दिए थे, ताकि वह काम नहीं करवा सके। इसे लेकर राम प्रसाद की दादी शनिवार को महेश जोशी से मिली, लेकिन उन्होंने कोई मदद नहीं की। इससे परेशान होकर राम प्रसाद ने सोमवार सुबह चांदी की टकसाल के पास ही ट्रांसपोर्ट कम्पनी के ऑफिस में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
सुसाइड से पहले वीडियो भी बनाया
राम प्रसाद ने आंख हत्या करने से पहले एक वीडियो भी बनाया। वीडियो में उसने कहा कि उसकी जमीन के सभी डॉक्युमेंट होने के बाद भी उसे मकान नहीं बनाने दिया जा रहा है।
गिरधारी जी मंदिर के देवेंद्र शर्मा, ललित शर्मा, होटल रॉयल शेरटन के मालिक मुंजी टांक, देवा अवस्थी, लालचंद देवनानी और केबिनेट मंत्री महेश जोशी ने परेशान कर रखा है। इसके चलते मैं सुसाइड करने जा रहा हूं।
इन लोगों की वजह से मेरी मां गुलाबी देवी और पत्नी सुमन मीणा बीमार रहती हैं। हर जगह शिकायत देने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। सांसद किरोड़ी लाल मीणा से निवेदन करता हूं कि मेरे परिवार को इंसाफ दिलाएं।
एफआईआर में मंत्री का नाम, फाइल जाएगी पुलिस मुख्यालय
सुभाष चौक थाना सीआई रामफूल ने बताया- देर रात परिवार की ओर से दी गई शिकायत पर एफआईआर दर्ज की है। एफआईआर में 8 लोग नामजद हैं। चूंकि रिपोर्ट में राज्य सरकार के मंत्री का नाम है, इसलिए यह फाइल पुलिस हेड क्वार्टर (PHQ) व उच्चाधिकारियों की जांच के लिए CID (CB) को भिजवाई जाएगी।
वहीं, जोन के डीसी (उपायुक्त) दिलीप शर्मा ने कहा कि अवैध निर्माण व हेरिटेज स्वरूप बिगड़ने की मंदिर के महंत प्रन्यासी ललित कुमार शर्मा ने 24 व 27 मार्च को शिकायत दी थी। 12 अप्रेल को नोटिस देकर निर्माण बंद करने और तीन दिन में स्वामित्व के दस्तावेज लाने को कहा था।
मुझ पर लगाए आरोप निराधार: जोशी
जलदाय मंत्री महेश जोशी ने इस मामले में कहा- मुझ पर लगाए आरोप निराधार हैं। मैं पहले एफआईआर देखूंगा। इसके बाद ही मामले में कुछ बता पाऊंगा।
