राजस्थान: केबिनेट बैठक में नवीन जिलों के सीमांकन को दिया अंतिम रूप, अधिस्वीकरण के लिए अब डिजिटल मीडिया के प्रतिनिधि भी पात्र
75 वर्ष की आयु प्राप्त कर चुके अधिस्वीकृत पत्रकारों को मिलेगा आजीवन स्थाई कार्ड
एनसीआई@जयपुर
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इनमें नए जिलों के सीमांकन को अंतिम रूप देने एवं राजस्थान प्रेस प्रतिनिधि अधिस्वीकरण-1995 में संशोधन कर डिजिटल मीडिया को प्रेस प्रतिनिधि की परिभाषा में शामिल करने जैसे निर्णय शामिल हैं।
साथ ही इस बैठक में परशुराम सेवा समिति बीकानेर को भूमि आवंटित करने से सम्बन्धित प्रस्ताव का भी अनुमोदन किया गया है।
डिजिटल मीडियाकर्मियों का होगा अधिस्वीकरण
मंत्रिमंडल ने वर्ष 2022-23 की बजट घोषणा के क्रम में राजस्थान प्रेस प्रतिनिधि अधिस्वीकरण नियम-1995 में संशोधन करते हुए अधिस्वीकरण के नियमों का सरलीकरण किया है। इससे अब अधिकतम पत्रकारों का अधिस्वीकरण हो सकेगा और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा। अधिस्वीकरण के लिए अब आवेदन की न्यूनतम आयु 25 वर्ष की गई है। साथ ही, अधिस्वीकरण के लिए डिजिटल मीडिया में सम्पादक, संवाददाता एवं सम्पादकीय डेस्क पर कार्यरत सभी पत्रकार, प्रेस फोटाग्राफर, कैमरा पर्सन, व्यंग्य चित्रकार एवं स्वतंत्र रूप से कार्य करने वाले पत्रकार भी शामिल होंगे। मंत्रिमंडल ने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की परिभाषा में संशोधन करते हुए इसमें डिजिटल मीडिया को भी शामिल कर लिया है। साथ ही, जो अधिस्वीकृत पत्रकार 75 वर्ष की आयु प्राप्त कर चुके हैं, उन्हें अधिस्वीकरण कार्ड आजीवन स्थायी रूप से जारी किया जा सकेगा।
परशुराम सेवा समिति बीकानेर को 1000 वर्गमीटर भूमि आवंटित
मंत्रिमंडल ने परशुराम सेवा समिति बीकानेर को सामाजिक एवं शैक्षणिक गतिविधियों के लिए 1000 वर्गमीटर भूमि आरक्षित दर की 5 प्रतिशत की दर से आवंटित करने के प्रस्ताव का अनुमोदन किया है। मंत्रिमंडल के इस निर्णय से सर्व समाज के लिए सामाजिक एवं शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
डिजिटल मीडिया के लिए लिया गया निर्णय सुपर मास्टर स्ट्रोक
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने डिजिटल मीडिया कर्मियों के लिए जो निर्णय लिया है, इससे इनमें खुशी की लहर दौड़ गई है। गहलोत के इस निर्णय को चुनावी नजरिया से भी उनका मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है।
