April 21, 2026

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पाकिस्‍तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को तीन साल की सजा, 5 साल तक चुनाव लड़ने के अयोग्य करार, गिरफ्तार

पाकिस्‍तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को तीन साल की सजा, 5 साल तक चुनाव लड़ने के अयोग्य करार, गिरफ्तार

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान तोशाखाना मामले में दोषी ठहराए गए हैं। अदालत ने इमरान खान को तीन साल जेल की सजा सुनाई है। इस सजा के बाद इमरान खान को इस्लामाबाद पुलिस ने लाहौर से गिरफ्तार कर लिया गया। अब उन्हें इस्लामाबाद लाकर कोर्ट में पेश किया जाएगा। इससे इमरान खान को 9 मई को भी गिरफ्तार किया गया था।

एनसीआई@सेन्ट्रल डेस्क

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान तोशाखाना मामले में दोषी ठहराए गए हैं। इस्लामाबाद की जिला एवं सत्र अदालत ने इमरान खान को इस मामले में 3 साल जेल की सजा सुनाई और गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया। इसी के साथ वह 5 साल तक चुनाव लड़ने के अयोग्य भी हो गए हैं। इसके बाद इस्लामाबाद पुलिस ने उन्हें लाहौर के जमान पार्क वाले घर से से गिरफ्तार कर लिया। अब उन्हें इस्लामाबाद लाकर कोर्ट में पेश किया जाएगा। सजा के खिलाफ इमरान खान के पास ऊपरी अदालतों में अपील करने का मौका है। इमरान खान के वकील सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुके हैं।

इमरान खान पर यह था आरोप

इमरान खान पर 2018 से 2022 के दौरान प्रधामंत्री पद का दुरुपयोग कर सरकारी उपहारों को खरीदने और बेचने के लिए अपनी शक्ति का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया था। ये उपहार इमरान खान को विदेश यात्राओं के दौरान प्राप्त हुए थे और जिनकी कीमत 140 मिलियन ($ 635,000) से अधिक थी। इसके बाद ट्रायल कोर्ट ने सुनवाई के बाद इमरान खान को सम्पत्ति छिपाने और सरकारी उपहार बेचने के मामले में दोषी माना। हालांकि, इमरान खान के वकीलों ने ट्रायल कोर्ट के न्यायाशीश दिलावर हुमायूं पर पहले ही पक्षपात करने का आरोप लगा दिया था। ऐसे में पाकिस्तान में एक बार फिर बवाल बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

पाकिस्तान में हिंसा की आशंका गहराई

इससे पहले भी 9 मई को इमरान खान को इस्लामाबाद हाईकोर्ट के अंदर से भ्रष्टाचार के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था। तब पूरे पाकिस्तान में इमरान खान के समर्थकों ने जबरदस्त हिंसा की थी। इमरान खान के एक समर्थक ने कहा कि इस्लामाबाद की एक अदालत द्वारा राजनीतिक मामले (तोशाखाना केस) में इमरान खान को तीन साल की सजा सुनाने का फैसला बेहद निंदनीय है। कोई साक्ष्य नहीं है। अत्यंत पक्षपातपूर्ण निर्णय है यह। पाकिस्तान में अदालतें शक्तिशाली सेना के अत्यधिक दबाव में काम कर रही हैं।

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