कोटा के मुकुंदरा टाइगर रिजर्व से लापता हुए बाघ MT5 की लोकेशन के बारे में आई यह बड़ी खबर
28 अक्टूबर की रात से मुकुंदरा टाइगर रिजर्व में मौजूद बाघ MT5 का रेडियो कॉलर से सिग्नल नहीं मिल रहा था। इसके बाद से बाघ की लगातार तलाश जारी थी। आज सुबह मुकुंदरा टाइगर रिजर्व के टाइगर ट्रेकिंग एक्सपर्ट स्टाफ द्वारा दिन- रात ट्रेकिंग कर बाघ को ढूंढ लिया गया है, इसका सिग्नल भी मिल गया है। टीम अब इसकी सघन मॉनिटरिंग कर रही है।
एनसीआई@कोटा
जिले के मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व में 3 नवम्बर से बाघ एम टी5 का रेडियो कॉलर का सिग्नल नहीं मिल रहा था। इससे पहले 28 अक्टूबर रात से रेडियो कॉलर जीपीएस फ्रीक्वेंसी आना बंद हुई थी। इस मामले में आज सुबह अच्छी खबर सामने आई। इस बाघ का सिग्नल मिलाने लगा है।
इससे पहले बाघ का सिग्नल नहीं मिलने पर विभाग ने रेडियो कॉलर एजेंसी को सूचना दी। जवाहर सागर रेंज में 4 नवम्बर को पगमार्क के बाद सबूत नहीं मिले थे। टाइगर की तलाशी के लिए टीम लगातार जुटी हुई थी।

विभाग के कर्मचारी अधिकारी लगातार उसकी ट्रेकिंग कर रहे थे। आज सुबह इस मामले में अच्छी खबर सामने आई, जब MT 5 का सिग्नल मिल गया। इसके बाद अधिकारी और कर्मचारियों ने राहत की सांस ली।
MT 5 कोटा के मुकुंदरा टाइगर का इकलौता बाघ है। इसकी सघन मॉनिटरिंग की जा रही है। यह टाइगर पहले भी दो बार ऐसे ही लापता हो चुका है। यह चम्बल नदी को पार करके जवाहर सागर क्षेत्र में भी चला गया था।
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