बकाया पेमेंट अटकने से तनावग्रस्त ठेकेदार ने कीटनाशक पिया, दिल्ली से लौट कर उठाया यह कदम
एनसीआई@कोटा
बकाया पेमेंट अटकने से बुरी तरह तनाव में चल रहे एक ठेकेदार ने कीटनाशक पीकर आत्महत्या करने की कोशिश की। रेलवे स्टेशन पर अचेत हालत में मिले इस ठेकेदार को जीआरपी के जवान ने एमबीएस हॉस्पिटल में भर्ती कराया। पीड़ित ठेकेदार दिलीप चौहान (40) मूल रूप से उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ का रहने वाला है। वह लेबर सप्लाई का काम करता है।
दिलीप ने बताया कि उसने 3-4 महीने पहले दिल्ली की एक कम्पनी का कॉन्ट्रेक्ट लिया था। इस पर बड़ौदा में लेबर सप्लाई की थी। इसका करीब 10 लाख रुपए का भुगतान बकाया है। अभी उसने भीलवाड़ा के जहाजपुर में लेबर सप्लाई का टेंडर ले रखा है। लेबर को पेमेंट देने के लिए पैसे नहीं हैं। इसीलिए वह एक सप्ताह पहले दिल्ली की कम्पनी में अटका बकाया भुगतान लेने के लिए दिल्ली गया था। मगर कम्पनी ने बकाया पेमेंट देने में आनाकानी की। इसके लिए कुछ वक्त मांगा। जिसके बाद वह मंगलवार सुबह कोटा लौट आया। बकाया पेमेंट नहीं मिलने से मानसिक तनाव में था। इस पर उसने कीटनाशक पी लिया। स्टेशन पर मौजूद पुलिसकर्मी उसे इलाज के लिए एमबीएस हॉस्पिटल लेकर गए।
जीआरपी हेड कांस्टेबल ईश्वर सिंह ने बताया कि दिलीप चौहान स्टेशन के प्लेटफार्म पर अचेत हालात में पड़ा मिला था। इस पर उसे हॉस्पिटल में भर्ती कराया। वह मंगलवार को बयान देने की स्थिति में नहीं था। बुधवार सुबह उसने पूछताछ में अज्ञात दवा खाने से तबीयत बिगड़ने की बात बताई। इसके बाद उसके परिजनों को सूचना दी गई। मामले की जांच की जा रही है।
