दोस्तों के साथ खाना खाते समय तबीयत बिगड़ी, कोचिंग छात्र की संदिग्ध मौत, पिता बोले-बहुत स्ट्रॉन्ग था मेरा बेटा
एनसीआई@कोटा
यहां एक कोचिंग छात्र की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है। यह छात्र गुरुवार शाम अपने दोस्तों के कमरे पर गया था। वहां रात को सभी ने साथ खाना खाया। इस दौरान उसकी अचानक तबीयत खराब होने पर दोस्त उसे हॉस्पिटल लेकर गए, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। जवाहर नगर थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
यह कोचिंग छात्र परणीत (18) झारखंड के जमशेदपुर का रहने वाला था। वह कोटा में रहकर जेईई की तैयारी कर रहा था। उसकी मौत की जानकारी मिलने पर उसके पिता शुक्रवार को कोटा पहुंचे। उन्होंने कहा कि, ‘मेरा बेटा स्ट्रॉन्ग था। वह सुसाइड नहीं कर सकता। मैं 8 घंटे रोते हुए भोपाल से कोटा आया हूं। कोटा आकर उसे गले लगाया, लेकिन वह नहीं उठा।’
दोस्त के कमरे पर खराब हुई तबीयत
डीएसपी भवानी सिंह ने बताया परणीत दो साल से कोटा में हॉस्टल में रह रहा था। अभी 12 वीं का स्टूडेंट था और जेईई की तैयारी कर रहा था। कुछ दिन पहले ही उसका जेईई का रिजल्ट आया था। उसके अच्छे मार्क्स आए थे। गुरुवार शाम को हॉस्टल में ही अपने दोस्त के कमरे पर गया था। दोस्तों ने खाना ऑनलाइन ऑर्डर किया था। परणीत रूम पर दोस्तों के साथ बैठा हुआ था। अचानक उसकी तबीयत खराब हुई। उसने थोड़ी देर रेस्ट किया, फिर अपने घरवालों से बात की।
मौत का कारण नहीं आया सामने
परणीत की तबीयत में सुधार नहीं होने पर कॉल करके एम्बुलेंस बुलवाई गई। फिर दोस्त उसे इलाज के निजी हॉस्पिटल लेकर गए। हॉस्पिटल में ड्यूटी डॉक्टर ने जांच कर उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों और थाने को सूचना दी गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। शव को मोर्चरी में शिफ्ट करवाया गया।
पिता बोले-बहुत स्ट्रॉन्ग था मेरा बेटा

पिता राजीव रंजन रॉय बोले मेरा बेटा बहुत स्ट्रॉन्ग था। वो जिंदगी में कभी सुसाइड की सोच ही नहीं सकता। हमको लगता है उसको कुछ प्रेशर था। वो बार-बार बोलता भी था। 11 वीं के बाद उसे कोचिंग में प्रमोशन मिला था। टॉप 40 (अपर) बैच में पहुंच गया था। उसने हमेशा अच्छा परफॉर्म किया। मैंने बच्चे से पूछा था कि बेटा कोटा में कई बच्चे सुसाइड करते हैं। इस पर उसने कहा था कि पापा मैं जिंदगी में कभी सुसाइड की सोच भी नहीं सकता।
राजीव रंजन रॉय ने आगे कहा-मैं 8 घंटे रोते हुए भोपाल से कोटा आया हूं। कोटा आकर बेटे को गले लगाया, जब वो उठा नहीं तो मुझे डाउटफुल लगा। मेरा बच्चा जेईई में 98 परसेंटाइल लेकर आया है। रिजल्ट आने के बाद उसने कहा था, पापा आईईटी मुम्बई कन्फर्म। इसके बाद अचानक हुई घटना से अचम्भित हूं।
ऐसे कैसे हुआ? बेटे की मौत कैसे हुई, मुझे पता नहीं, मेरा बच्चा नशे का आदि नहीं था। मेरे बच्चे को कोई बीमारी नहीं थी। कल भोपाल में मेरे ऑफिस का इनोर्गेशन था। इस कारण कल बात नहीं हो पाई। वरना रोज बात होती थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही सच्चाई सामने आएगी। हमारी निष्पक्ष जांच की मांग है।
