राजस्थान: कांग्रेस को लोकसभा चुनाव से पहले लगा बड़ा झटका, भाजपा में शामिल हो गए दिग्गज नेता, कहा-कांग्रेस में सनातन का सम्मान नहीं
कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेता और पूर्व केबिनेट मंत्री महेन्द्रजीत सिंह मालवीय आज सोमवार को भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। मालवीय ने मोदी को अपना आदर्श बताते हुए सनातन धर्म को सबसे ऊपर रखने की बात कही। साथ ही कहा कि कांग्रेस में सनातन का सम्मान नहीं है।
एनसीआई@जयपुर
कांग्रेस पार्टी के बड़े आदिवासी नेता, बागीदौरा (बांसवाड़ा) से विधायक और पूर्व मंत्री महेन्द्रजीत सिंह मालवीय ने पार्टी से 40 साल का अपना सम्बन्ध तोड़ कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। इसके बाद उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया। मालवीय ने अपने भाषण में कहा कि अपने जीवन की शुरुआत विद्यार्थी परिषद से की थी। 50 किलोमीटर पैदल चलकर विद्यार्थी परिषद को ज्वाइन करने पहुंचा था। विद्यार्थी परिषद से मिले संस्कारों की वजह से राजनीति में इतना लम्बा सफर आगे तक तय किया है।
मालवीय ने कहा कि, ‘भाजपा में शामिल होने का एकमात्र कारण वागड़ क्षेत्र का विकास है। विकास केवल भाजपा ही कर सकती है। कांग्रेस के पास कोई विजन नहीं है। दोपहर 2 बजे जयपुर भाजपा कार्यालय पर प्रदेश प्रभारी अरुण सिंह, प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी की उपस्थिति में मालवीय ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। जोशी ने उनका माला पहनाकर स्वागत किया।

महेन्द्र मालवीय ने आगे कहा कि 22 जनवरी को कांग्रेस पार्टी ने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में न जाकर सनातन धर्म के साथ-साथ सनातन को मानने वालों का दिल तोड़ दिया। मेरा भी कांग्रेस पार्टी से विश्वास उसी दिन उठ गया, जिस दिन उन्होंने राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में जाने से इनकार किया।
पूरे देश में होगा मानगढ़ धाम का नाम
मालवीय ने आगे कहा कि जब अंग्रेजों द्वारा साल 1913 में मानगढ़ धाम पर गोलियां चलाई गईं थीं, तब से आज तक मानगढ़ धाम के लोग सिर्फ इंतजार कर रहे थे कि कुछ होगा। परंतु जब प्रधानमंत्री मानगढ़ धाम पहुंचे तो प्रधानमंत्री ने मानगढ़ धाम के लोगों को यह विश्वास दिलाया और उनमें एक आशा की किरण जागी कि अब मानगढ़ धाम का पूरे देश में नाम होगा। मानगढ़ धाम पर दी हुई कुर्बानियां अब व्यर्थ नहीं जाएंगी।

मालवीय ने कहा कि यह सिर्फ नरेन्द्र मोदी की सोच है कि वह मानगढ़ धाम पहुंचे और आदिवासियों को सम्मान दिया। मालवीय ने कहा, अब मुझे पूरा यकीन है मानगढ़ धाम को राष्ट्रीय स्मारक का दर्जा जरूर मिलेगा। मालवीय ने आगे कहा कि सिर्फ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ही देश में विकास की गंगा बहा रहे हैं और प्रधानमंत्री ही देश में आदिवासी और पिछड़ों का भला कर सकते हैं। इसलिए मैंने कांग्रेस पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है।
महेन्द्रजीत सिंह मालवीय का सियासी सफर
मालवीय का राजनीतिक करियर बहुत ही रोचक रहा है। वो एक बार सांसद भी रहे चुके हैं। राजस्थान कांग्रेस में पूर्व उपाध्यक्ष मालवीय प्रधान, जिला प्रमुख, सांसद, विधायक और दो बार केबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं। इसके अलावा आदिवासी कांग्रेस सेल के कार्यवाहक अध्यक्ष भी रह चुके हैं।
कांग्रेस संगठन में भी मालवीय का लम्बा अनुभव रहा है। बागीदौरा विधानसभा से लगातार तीन बार से विधायक मालवीय का कद मानगढ़ धाम में हुई राहुल गांधी की सभा के बाद बढ़ा। मालवीय ने सरपंच से अपने सियासी करियर का आगाज किया था। इसके बाद वो एक-एक पायदान चढ़ते हुए विधायक, सांसद, मंत्री और कांग्रेस वर्किंग कमेटी के मेम्बर तक बने।
