April 20, 2026

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नौ दिन से लापता कोचिंग छात्र का शव मिला, चट्‌टान पर दो पेड़ों के बीच फंसी हुई थी लाश

नौ दिन से लापता कोचिंग छात्र का शव मिला, चट्‌टान पर दो पेड़ों के बीच फंसी हुई थी लाश

एनसीआई@कोटा

नौ दिन से लापता एक कोचिंग छात्र रचित (16) का शव आखिरकार सोमवार को गरडिया महादेव मंदिर इलाके में मिल है। उल्लेखनीय है कि यह छात्र कोचिंग इंस्टीट्यूट में टेस्ट देने की बात कह कर हॉस्टल से निकला था। उसका शव एक चट्‌टान पर दो पेड़ों के बीच में अटका हुआ था।

रचित के परिवार के करीब 50 लोग और निगम की गोताखोर टीम लगातार रचित को तलाश रही थी। सिटी एसपी अमृता दुहन ने बताया कि सोमवार को जवाहर नगर एसएचओ ने थाने व पुलिस लाइन की टीम के साथ गरडिया में सुबह से ही जॉइंट सर्च ऑपरेशन चलाया था। छात्र के परिजन भी साथ में तलाश रहे थे।

शव निकालने में आ रही परेशानी

शाम साढ़े चार बजे करीब रचित (16) का शव ढूंढने में कामयाबी मिली। जिस जगह पर उसने अपना बैग आदि सामान छोड़ा था, वहीं से डेढ़ से दो किमी दूर एक चट्टान और पेड़ के बीच उसका शव अटका हुआ था। उस जगह जाना कठिन था। सम्भवतया ऊंचाई से गिरने से रचित बीच में अटक गया था। वहां से शव को निकालने में परेशानी आ रही थी। शव पुराना होने से फूल चुका है। इसके बाद एसडीआरएफ की टीम को मौके पर बुलाया गया। तब जाकर रात करीब 9 बजे शव निकाला जा सका। रात में ही उसका पोस्टमॉर्टम कराया गया।

यह है मामला

रचित एमपी के राजगढ़ स्थित ब्यावरा का रहने वाला था। वह एक साल से कोटा में रहकर जेईई की तैयारी कर रहा था। वो यहां महावीर नगर प्रथम इलाके में एक हॉस्टल में रहता था। 11 फरवरी, रविवार की दोपहर वह कोचिंग इंस्टिट्यूट में टेस्ट देने की बात कह कर हॉस्टल से निकला था। वह बैग भी साथ लेकर गया था, मगर वह रात तक हॉस्टल में वापस नहीं लौटा। अगले दिन 12 फरवरी, सोमवार को उसका बैग, चप्पल, रस्सी, चाकू गरडिया महादेव मंदिर इलाके में मिले थे।

गरडिया महादेव मंदिर में टिकट विंडो पर लगे सीसीटीवी केमरे में एंट्री टिकट लेते उसकी तस्वीर कैद हुई थी। इसके बाद एसडीआरएफ ने मौके पर तलाशी अभियान चलाया। बाद में निगम की गोताखोर टीम चम्बल नदी व जंगल में रोज रचित की तलाश में जुटी हुई थी। परिजन भी कोटा में ही रहकर रचित को तलाशने में लगे हुए थे।

दुर्गंध से पता लगा

निगम के गोताखोर, पुलिस के 60-70 जवान व परिजनों ने सुबह से ही तलाश शुरू की। दुर्गंध आने पर रचित के शव का पता लगा। रचित का शव 100 फीट नीचे एक चट्टान पर दो पेड़ के बीच फंसा हुआ था। चम्बल नदी में बोट के जरिए शव को कोटा आरएसी तक लाया गया।

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