केमिकल फेक्ट्री मालिक ने की थी ऑटो चालक की हत्या, ऑटो का पीछा कर दिया था वारदात को अंजाम, अभी दो आरोपी फरार
एनसीआई@जोधपुर
जिले के लूणी थाना क्षेत्र के सजाड़ा में हुए ऑटो ड्राइवर की हत्या का खुलासा करते हुए पुलिस ने एक केमिकल फेक्ट्री के मालिक को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने इस वारदात में उसके साथ दो और लोगों के शामिल होने की बात कही। ये दोनों अभी फरार है।

मामला सोमवार सायं साढ़े सात बजे का है। कुड़ी थाना इलाके के सेक्टर-7 का रहने वाला ऑटो ड्राइवर हरीश (22) पुत्र सुरेश सोमवार शाम करीब साढ़े पांच बजे रेलवे स्टेशन से सवारियों को सजाड़ा छोड़ने के लिए निकला था। डीसीपी वेस्ट ने इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी डांगियावास थाना क्षेत्र के बिरामी गांव निवासी भवानी सिंह पुत्र भीख सिंह (30) राजपूत को गिरफ्तार किया है।
भवानी सिंह ने पूछताछ में बताया कि हरीश ने हमने सजाड़ा जाने का रास्ता पूछा तो उन्होंने उसे चोर समझ लिया। इस पर उसका पीछा किया और पत्थर से हमला कर उसकी हत्या कर दी। इस मामले में फरार चल रहे दो अन्य आरोपियों मलखान सिंह और रमेश भील की तलाश की जा रही है। भवानी सिंह झालामंड एरिया में केमिकल की फेक्ट्री चलाता है।
डॉक्युमेंट मांगे तो घबरा गया, टोल नाके से मिला इनपुट
एडीसीपी चंचल मिश्रा ने बताया कि घटना की शाम जब ऑटो ड्राइवर हरीश सवारी लेकर निकला तो वह रास्ता भटक गया था। इस पर वह बिरामी धाम के गेट में चला गया। यहां भवानी सिंह, मलखान सिंह और रमेश भील से उसने रास्ता पूछा। मिश्रा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी भवानी सिंह से हुई पूछताछ में सामने आया कि गांव में लगातार चोरियां हो रही हैं। उन्हें लगा कि हरीश भी ऐसी ही किसी वारदात को अंजाम देने आया है। इस पर उन्होंने हरीश से पूछताछ कर उसके डॉक्युमेंट मांगे तो वह घबरा गया और वहां से ऑटो लेकर भागने लगा।

इस पर आरोपियों को लगा कि हरीश वाकई में किसी वारदात को अंजाम देने के लिए ही आया है। इस पर भवानी सिंह ने अपनी कार से उसका पीछा किया, जबकि मलखान और रमेश दोनों बाइक पर सवार थे। रास्ते में भवानी सिंह ने कार से ही हरीश के ऑटो पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। इनमें से एक पत्थर हरीश को जा लगा और बैलेंस बिगड़ने से ऑटो एक पेड़ से टकरा गया। इतने में मलखान और रमेश भी वहां पहुंच गए। इन तीनों ने पत्थर से सिर कुचल कर हरीश की हत्या कर दी। पुलिस ने बताया कि हरीश पर तलवार से भी हमला किया गया था, जो मौके से बरामद कर ली गई थी।

टोल नाके पर दिखी भवानी की कार, गांव में छिपा हुआ था
एडीसीपी चंचल मिश्रा ने बताया कि जब आरोपी हरीश का पीछा कर रहे थे तब उसने अपने भाई को कॉल करने के साथ अपनी लोकेशन भी शेयर कर दी थी। लेकिन, जब तक उनका भाई मौके पर पहुंचता, तब तक आरोपी उसकी हत्या कर फरार हो चुके थे।
मिश्रा ने बताया कि फरार दो आरोपियों की तलाश के लिए खेजड़ली टोल नाके के सीसीटीवी खंगाले गए। इसमें हरीश के ऑटो का एक काले रंग की कार पीछा करते हुए दिखाई दी। जब काले रंग के कार की डिटेल निकाली तो यह भवानी सिंह की निकली। इस बीच मंगलवार को पुलिस को इनपुट मिला कि भवानी सिंह अपने गांव में ही छिपा हुआ है। यहां टीम पहुंची और शाम करीब 5 बजे उसे डिटेन किया और पूछताछ शुरू की।
हरीश के साथ ऑटो में महाराष्ट्र से आई एक सवारी भी थी
हरीश ने महाराष्ट्र से आए यात्री सुनील गुप्ता को भगत की कोठी स्टेशन से ऑटो में बैठाया था। यहां से ये सजाड़ा धाम जाने के लिए निकले थे। आरोपियों को पीछा करते देख जब हरीश ने अपने भाई को कॉल किया तो सुनील गुप्ता ने पुलिस को फोन कर इसकी जानकारी दी थी।
वहीं आरोपियों ने ऑटो का करीब दो किलोमीटर तक पीछा करने के बाद हरीश की हत्या कर दी। इस दौरान ऑटाे में बैठे यात्री सुनील गुप्ता भी घायल हो गए और वहां से जैसे-तैसे अपनी जान बचा कर एक होटल पर पहुंचे। यहां से वे स्थानीय लोगों के साथ वापस मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक हरीश की जान जा चुकी थी।
