5 चीनियों ने एपल से कर डाली महाठगी, दस साल में फर्जी रिटर्न से लगा दिया 100 करोड़ रुपए का चूना
Fake Return: एपल के साथ यह फर्जीवाड़ा लगभग 10 साल से किया जा रहा था। इससे कम्पनी को करीब 1.23 करोड़ डॉलर का नुकसान हुआ है।
एनसीआई@सेन्ट्रल डेस्क
एपल का आईफोन (Apple iPhone) दुनिया के सबसे मशहूर प्रोडक्ट में से एक है। यही वजह है कि नकली आईफोन का भी बड़ा मार्केट पूरी दुनिया में फैला हुआ है। दुनिया के किसी भी प्रोडक्ट की कॉपी तैयार करने में चीन को महारत हासिल है। अब चीन के 5 लोगों ने एपल को तगड़ा चूना लगा दिया है। इन लोगों ने एपल के लगभग 16000 फर्जी डिवाइस रिटर्न के जरिए कम्पनी को वापस कर दिए। इससे आईफोन बनाने वाली कम्पनी को लगभग 1.23 करोड़ डॉलर का नुकसान हुआ है।

एपल को फर्जी आईफोन, आईपेड और अन्य प्रोडक्ट रिटर्न किए
यूएस अटॉर्नी ऑफिस में फाइल किए गए केस के आधार पर मनी कंट्रोल की रिपोर्ट में बताया गया है कि इन 5 चीनी नागरिकों ने एपल को फर्जी आईफोन (iPhone), आईपेड (iPad) और अन्य प्रोडक्ट रिटर्न किए। इस फर्जी रिटर्न की कीमत लगभग 1.23 करोड़ डॉलर (लगभग 102 करोड़ रुपए) है। यूएस अटॉर्नी मार्टिन एस्ट्राडा ने कहा कि इन लोगों ने एपल की कस्टमर सर्विस पॉलिसी का गलत इस्तेमाल किया है। कस्टमर्स का ख्याल रखने वाली कम्पनियों के साथ ऐसी धोखाधड़ी नहीं होनी चाहिए। हम ऐसा फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करेंगे।
ऐसे किया इन लोगों ने एपल के साथ फर्जीवाड़ा
इन फर्जीवाड़ा करने वालों को भेजे गए नकली एपल डिवाइस एकदम असली जैसे ही डिजाइन किए गए थे। इनमें असली प्रोडक्ट पर मौजूद होने वाले पहचान नम्बर भी थे। इन पहचान नम्बर वाले एपल के प्रोडक्ट्स का अमेरिका की जनता इस्तेमाल कर रही थी। ये प्रोडक्ट एपल की वारंटी, एपल केयर और एपल एक्सटेंडेड वारंटी के दायरे में आते थे। इसके बाद इन्हीं नकली प्रोडक्ट्स को इन चीनियों द्वारा रिटर्न कर दिया गया। इससे न सिर्फ एपल को परेशानी हुई, बल्कि असली प्रोडक्ट का इस्तेमाल का रहे अमेरिकी भी परेशानी में पड़ गए।
इस स्केम की शुरुआत दिसम्बर, 2015 में हुई
एपल के कर्मचारियों को इन फर्जी प्रोडक्ट्स को या तो रिप्लेस करना पड़ा या फिर उन्हें सुधारना पड़ा। अटॉर्नी ऑफिस के अनुसार, फर्जीवाड़ा करने वालों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए तगड़ी व्यवस्था की हुई थी। इसके दम पर वह सालों से एपल के साथ फर्जीवाड़ा कर रहे थे। इस स्केम की शुरुआत दिसम्बर, 2015 में हुई। इससे एपल को काफी हानि हुई है। दोषी पाए जाने पर इन सभी को 20 साल तक की सजा हो सकती है।
