राजस्थान: पुलिस कस्टडी में दुष्कर्म के आरोपी की मौत मामले में 8 पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज, एसएचओ निलम्बित, थाने के सभी 23 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर
एनसीआई@झुंझुनूं
झुंझुनूं के मंड्रेला एसएचओ रविन्द्र कुमार सहित 8 पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। रविन्द्र कुमार को रविवार को ही सस्पेंड भी कर दिया गया था। इसके बाद सोमवार को एसपी राजर्षी वर्मा ने थाने के दो एएसआई, दो हेड कॉन्स्टेबल सहित 19 कॉन्स्टेबलों को लाइन हाजिर कर पुलिस लाइन भेज दिया।
दरअसल, पुलिस कस्टडी में रेप के आरोपी गौरव शर्मा की मौत के बाद परिजनों ने उसका शव लेने से इंकार कर दिया था। इसके बाद रविवार की देर रात आईजी के हस्तक्षेप से सहमति बनी और सोमवार की सुबह परिजनों ने मृतक का शव लिया। इसके बाद एसपी के आदेश पर मंड्रेला थाने के सभी 23 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया।

उल्लेखनीय है कि बुचाहेड़ा कोटपूतली निवासी गौरव शर्मा (34) पुत्र जगदीश प्रसाद शर्मा की 29 मई को मंड्रेला थाना में अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। पुलिस उसे अस्पताल लेकर गई, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।
25 मई को दुष्कर्म के आरोप में किया था गिरफ्तार
मंड्रेला पुलिस ने गौरव शर्मा को 25 मई को दुष्कर्म के आरोप में जयपुर से गिरफ्तार करना बताया था। इसके बाद से वह पांच दिन की रिमांड पर चल रहा था। इस दौरान 29 मई को अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई थी। पुलिस का कहना था कि गर्मी के कारण ऐसा हुआ। जबकि परिजनों का आरोप था कि पुलिस की पिटाई से उसकी जान गई। आक्रोशित परिजनों ने गौरव का शव लेने से इंकार कर दिया था। 5 दिन तक गौरव का शव मॉर्च्युरी रखा रहा। सहमति बनने के बाद आज छठे दिन परिजनों ने शव लिया।

रविवार देर रात आईजी ने मृतक के परिजनों से वार्ता की थी। इसके बाद रात ढाई बजे के करीब थानाधिकारी सहित 8 पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज हुआ। वहीं परिजनों को तत्काल 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता भी दी गई। इसके बाद परिजन सोमवार सुबह गौरव का शव लेने पर राजी हुए।

रिमांड पर लिया था पुलिस ने
परिवार वालों ने बताया कि 24 मई को बुचाहेड़ा कोटपूतली निवासी गौरव शर्मा (34) को मंड्रेला (झुंझुनूं) पुलिस जयपुर स्थित राजस्थान हाईकोर्ट परिसर से उठाकर लाई थी। बसई (माजरा) निवासी गौरव के जीजा दिनेश कुमार शर्मा की ओर से दी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि- थाने में पुलिसकर्मियों ने गौरव को जमकर पीटा। अगले दिन कोर्ट में पेश कर पुलिस ने 5 दिन के रिमांड पर लिया था।
तबीयत बिगड़ी तो अस्पताल ले गए
29 मई को गौरव की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। उसे पुलिस मंड्रेला सीएचसी लेकर गई। हालत गम्भीर होने पर उसे झुंझुनूं रेफर किया गया। मगर बीच रास्ते में ही गौरव ने दम तोड़ दिया। परिजन एसएचओ और पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने और आर्थिक सहायता देने की मांग को लेकर शव नहीं उठा रहे थे। पिछले 6 दिन से गौरव का शव बीडीके हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखा हुआ था।
थाने के सामने किया था प्रदर्शन
गौरव शर्मा के परिजन व रिश्तेदार मंड्रेला पहुंच गए थे। थाने के सामने प्रदर्शन कर गौरव शर्मा को प्रताड़ित कर मारने का आरोप लगाया था। मंड्रेला थानाधिकारी रविन्द्र सिंह सहित 7 पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की थी।
रात 12 बजे तक चली बैठक
मामला बढ़ता देख सीकर आईजी रविवार रात झुंझुनूं पहुंचे। परिजनों के साथ सर्किट हाउस में रविवार रात 10 बजे बजे से मीटिंग शुरू हुई। मीटिंग में सीकर आईजी, एसपी राजर्षी वर्मा, कलक्टर चिमन्य गोपाल, एएसपी पुष्पेन्द्र सिंह, सिटी डीएसपी मौजूद रहे। बैठक रात 12 बजे तक चली।
आश्वासन के बाद माने परिवार वाले
बैठक में परिजनों की मांग पर सहमति बनी। पुलिस और प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया कि सरकार को आर्थिक सहायता के लिए लिखा जाएगा। जो भी सहायता नियमानुसार मिलेगी, वह दिलवाई जाएगी। साथ ही एसएचओ को सस्पेंड करने और हत्या का मामला दर्ज करने पर सहमति बनी। इसके बाद रात करीब 2 बजे मंड्रेला थाना एसएचओ रविन्द्र कुमार, पुलिसकर्मी धर्मपाल, सुमेर सिंह, अंकित कुमार, मुकेश, योगेन्द्र, लक्ष्मण सैनी, विकास कुमार स्वामी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया। परिजनों को तत्काल 50 हजार रुपए की सहायता दी गई है।
सिंधी केम्प से दिखाई गिरफ्तारी
पुलिस ने 25 मई को प्रेस नोट जारी कर गौरव की गिरफ्तारी जयपुर के सिंधी केम्प से दिखाई थी। वहीं गौरव के परिवारजनों और वकील ललित कुमार शर्मा ने बताया कि पुलिस ने उसे जयपुर हाईकोर्ट से गिरफ्तार किया था। ऐसे में पुलिस की कार्यशैली को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
युवती ने कहा- इच्छा से गई, फिर दर्ज कराया रेप का केस
गौरव के एडवोकेट ललित कुमार शर्मा ने बताया- पुलिस हिरासत में गौरव की मौत के मामले में पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई। जिस युवती से रेप के मामले में गौरव को गिरफ्तार किया गया, उसकी पहले गुमशुदगी दर्ज हुई थी। युवती गौरव शर्मा के साथ 21 अप्रेल को गई थी। युवती की मां ने गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस ने युवती व गौरव शर्मा को हैदराबाद से पकड़ा और 3 मई को झुंझुनूं लेकर आई। उस समय युवती ने अपनी इच्छा से गौरव के साथ जाना बताया था।
इसके 3 दिन बाद पुलिस ने दोनों को छोड़ दिया था। इसके चार दिन बाद युवती की ओर से 7 मई को गौरव के खिलाफ रेप का मामला दर्ज करा दिया। इसमें नौकरी का झांसा देकर घर से हैदराबाद ले जाने, जबरन आर्य समाज मंदिर में शादी करने और रेप करने का आरोप लगाया था।
आपराधिक रिकॉर्ड नहीं, फिर भी इनाम घोषित
7 मई को गौरव के खिलाफ मामला दर्ज हुआ। उसका पहले से कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था। मामला दर्ज होने के कुछ दिन बाद ही पुलिस ने उसे थाने का टॉप मुल्जिम करार दे दिया और उस पर 5 हजार रुपए का इनाम भी घोषित कर दिया। गौरव शर्मा के खिलाफ पहले से दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज है। इसके अलावा कोई संगीन मामला दर्ज नहीं है। मंड्रेला पुलिस ने 18 दिन में ही उसे टॉप टेन मुल्जिम घोषित कर दिया और 5 हजार रुपए का इनाम भी घोषित कर दिया।
