सुप्रीम कोर्ट से केजरीवाल को अंतरिम जमानत तो मिली, लेकिन इन 5 कठोर शर्तों के साथ, फिर भी अभी नहीं आ सकेंगे जेल से बाहर
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को ईडी के मामले में अंतरिम जमानत दे दी। हालांकि इसके साथ ही कोर्ट ने केजरीवाल पर 5 शर्तें भी लगाई हैं। अंतरिम जमानत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि जब तक केजरीवाल जमानत पर बाहर रहेंगे, वह सीएम कार्यालय और दिल्ली सचिवालय का दौरा नहीं करेंगे। दूसरी ओर केजरीवाल अभी सीबीआई की गिरफ्त में भी हैं। दिल्ली हाईकोर्ट इस पर 17 जुलाई को सुनवाई करेगा।
एनसीआई@नई दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली शराब नीति घोटाला मामले में सीएम अरविंद केजरीवाल को शुक्रवार को अंतरिम जमानत दे दी। कोर्ट ने केजरीवाल को 50 हजार रुपए के निजी मुचलके पर जमानत दी है। केजरीवाल ने उनकी गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए चुनौती दी थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने उनके केस को बड़ी बेंच को भेजने के निर्देश भी दिए। आगे यह बड़ी बेंच ही इस मसले पर सुनवाई कर निर्णय करेगी कि केजरीवाल की अंतरिम जमानत जारी रहेगी या नहीं। वहीं अपने फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि जब तक केजरीवाल जमानत पर बाहर रहेंगे, वह सीएम कार्यालय और दिल्ली सचिवालय का दौरा नहीं करेंगे।
सुप्रीम कोर्ट ने आगे यह स्पष्ट किया गया कि अंतरिम जमानत को बढ़ाया जा सकता है या बड़ी पीठ द्वारा वापस लिया जा सकता है। कोर्ट ने केजरीवाल को दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से हटने का निर्देश जारी करने के सवाल पर कहा कि इस सम्बन्ध में फैसला लेने की जिम्मेदारी आप प्रमुख (केजरीवाल) पर छोड़ दी गई है।
सुप्रीम कोर्ट ने इन 5 शर्तों पर की केजरीवाल की जमानत मंजूर
1. केजरीवाल को 50 हजार रुपए के जमानत बांड और इतनी ही राशि की एक श्योरिटी देनी होगी।
2. केजरीवाल सीएम दफ्तर और दिल्ली सचिवालय का दौरा नहीं कर सकेंगे।
3. केजरीवाल आधिकारिक फाइलों पर तब तक हस्ताक्षर नहीं करेंगे, जब तक कि यह आवश्यक न हो और दिल्ली के उपराज्यपाल की मंजूरी/अनुमोदन प्राप्त करने के लिए आवश्यक न हो।
4. वह केस में अपनी भूमिका के सम्बन्ध में कोई टिप्पणी नहीं करेंगे।
5. वह किसी भी गवाह के साथ बातचीत नहीं करेंगे और/या मामले से जुड़ी किसी भी आधिकारिक फाइल तक उनकी पहुंच नहीं होगी।
10 मई को भी कोर्ट ने लगाई थी ऐसी शर्तें
उल्लेखनीय है कि सीएम केजरीवाल जब लोकसभा चुनाव प्रचार के लिए 10 मई को अंतरिम जमानत पर बाहर आए थे, तब भी केजरीवाल पर कोर्ट ने ऐसी ही शर्तें लगाई थीं। इसका मतलब है कि अगर सीबीआई केस में भी केजरीवाल को दिल्ली हाईकोर्ट से राहत मिलती है तो भी वह सीएम के तौर पर कामकाज संभाल नहीं पाएंगे।
आम आदमी पार्टी मना रही खुशी
दूसरी ओर कठोर शर्तों के साथ मिली अंतरिम जमानत के बावजूद भी अभी जेल में ही रहने की स्थिति को नजरअंदाज कर आम आदमी पार्टी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसे अरविंद केजरीवाल की ईमानदारी की जीत करार दिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित बीजेपी पर कई आरोप भी लगाए।
