जेएनयू फिल्म में काम करके पछताए पीयूष मिश्रा ने माफी मांगी, बोले-मुझे मालूम है लेफ्टिस्ट की औकात, पेट भरने के लिए खाना नहीं था, तब समझ आई खोखली है विचारधारा
पीयूष मिश्रा जेएनयू फिल्म में छोटा सा रोल करके शर्मिंदा हैं। इस पर उन्होंने सफाई दी कि स्क्रिप्ट पढ़े बिना फिल्म की थी। इसके लिए बिना शर्त माफी मांगता हूं।
एनसीआई@एंटरटेनमेंट डेस्क
पीयूष मिश्रा ने मूवी जेएनयू (जहांगीर नेशनल यूनिवर्सिटी) मूवी में छोटा सा रोल निभाया है। अब उन्होंने यह फिल्म करने पर माफी मांगी है। पीयूष का कहना है कि उन्होंने बिना स्क्रिप्ट पढ़े इस मूवी में काम कर लिया था। इस बात का पछतावा है। उनका कहना है कि छोटा रोल होने के बाद भी उनके नाम पर फिल्म बेचने की कोशिश की गई। पीयूष ने लेफटिस्ट्स पर भी अपनी भड़ास निकाली। फिल्म में पीयूष मिश्रा के अलावा उर्वशी रौतेला, रश्मि देसाई, विजय राज और रवि किशन ने अहम भूमिका निभाई है।
मजबूरी में थे कम्युनिस्ट
पीयूष मिश्रा ने मीडिया से बातचीत में अपने कम्युनिस्ट पास्ट पर बात की। उन्होंने कहा कि उस वक्त उनकी नजर में कुछ और बेहतर नहीं था। वह तब भी कम्युनिस्ट विचारधारा से सहमत नहीं थे, लेकिन अपने आसपास के लोगों को फॉलो करने के अलावा कोई और चॉइस नहीं थी। वह काफी वक्त तक पैसों की अहमियत की निंदा करते रहे, फिर पैसे कमाने मुम्बई पहुंचे। धीरे-धीरे कम्युनिज्म के लिए उनकी भावनाएं भी खत्म हो गईं।
पीयूष बोले- खोखली है विचारधारा
पीयूष बोलते हैं, आइडियोलॉजी इतनी गहराई से बैठी। मैंने मुम्बई में काम नहीं लिया, पैसे को ना कर दिया। फिर मेरे पास अपना पेट भरने के लिए खाना नहीं था तो समझ आया कि विचारधारा खोखली है। मैंने आगे पढ़ा और पता चला कि कई लोगों को आइडियोलॉजी को लेकर भ्रम है। इसी कड़वाहट की वजह से मैंने जेएनयू फिल्म की थी।
मूर्खता में साइन की फिल्म
पीयूष ने फिल्म के लिए माफी मांगी। बोले, मैं इसके लिए बिना शर्त के माफी मांगता हूं। मैंने कड़वाहट के चलते ये फिल्म की थी। मैं बहुत दुखी हूं। हम सब गलती करते हैं, इससे फर्क नहीं पड़ता कि हम कौन हैं और कितनी उम्र हो गई है। यह मूर्खता का क्षण था और मैंने मूर्खतापूर्ण फैसला लिया। यह पहली फिल्म थी, जिसे मैं बिना स्क्रिप्ट पढ़े करने के लिए तैयार हो गया था। फिल्म में मेरा सिर्फ एक सीन है, फिर भी उन लोगों ने फिल्म मेरे नाम पर बेचने की कोशिश की। मुझे समझ आया कि मन में कोई बात रखने से सिर्फ कड़वाहट बढ़ती है। पीयूष मिश्रा ने कहा कि उन्हें अभी भी लेफ्टिस्ट पसंद नहीं हैं। वह बोले, इसमें कोई कॉम्प्रोमाइज नहीं है, मुझे मालूम है लेफ्टिस्ट की औकात क्या है।
