बेटे नीरज चोपड़ा के सिल्वर जीतने पर गदगद मां ने गोल्ड जीतने वाले खिलाड़ी के लिए कह दी बहुत बड़ी बात, हर कोई कर रहा तारीफ (वीडियो)
टोक्यो ओलम्पिक में गोल्ड हासिल करने वाले भारतीय एथलीट नीरज चोपड़ा ने पेरिस ओलम्पिक में सिल्वर मेडल हासिल किया है। इस पर उनकी मां की प्रतिक्रिया सामने आई है।
एनसीआई@स्पोर्ट्स डेस्क
नीरज चोपड़ा पेरिस ओलम्पिक की जैवलिन थ्रो में सिल्वर मेडल जीतकर लगातार दो ओलम्पिक पदक जीतने वाले पहले भारतीय ट्रेक और फील्ड खिलाड़ी बन गए। हालांकि इस मुकाबले में गोल्ड मेडल पर पाकिस्तान के अरशद नदीम ने अपना कब्जा जमाकर ओलम्पिक में नया रिकॉर्ड कायम कर लिया। वहीं, इस रिजल्ट के बाद नीरज चोपड़ा की मां की ऐसी प्रतिक्रिया सामने आई है, जिसे सुनकर हर कोई उनके बड़प्पन की दाद देने को मजबूर हो गया। दरअसल, उन्होंने कहा कि जो गोल्ड मेडल ले गया है, वो भी हमारा लड़का है।
पानीपत में रहने वाली नीरज चोपड़ा की मां सरोज देवी ने कहा, “हम बहुत खुश हैं, हमारे लिए सिल्वर भी सोने के बराबर है। जो गोल्ड ले गया है, वो भी हमारा लड़का है। मेहनत करके लेकर गया है। हर खिलाड़ी का दिन होता है। वह (नीरज) चोटिल हो गया था, इसलिए हम उसके प्रदर्शन से खुश हैं। जब वो आएगा तो उसका फेवरेट खाना बनाऊंगी।”
पिता ने दी यह प्रतिक्रिया
इसके अलावा सिल्वर मेडल मिलने पर नीरज चोपड़ा के पिता सतीश कुमार का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा, ‘हम प्रेशर नहीं डाल सकते हैं। हर किसी खिलाड़ी का दिन होता है, आज पाकिस्तानी एथलीट अरशद नदीम का दिन था, अरशद गोल्ड जीत पाए। उन्होंने कहा हम इसके पहले के ओलम्पिक में जैवलिन में मेडल जीत पाए ये बहुत खुशी की बात है, हम दूसरे देशों को फाइट दे रहे हैं।’
उल्लेखनीय है कि 26 साल के नीरज चोपड़ा का दूसरा थ्रो ही उनका एकमात्र वैध थ्रो रहा, जिसमें उन्होंने 89.45 मीटर फेंका, जो इस सत्र का उनका सर्वश्रेष्ठ थ्रो था। इसके अलावा उनके पांचों प्रयास असफल रहे। इससे पहले उन्होंने टोक्यो ओलम्पिक में 87.58 मीटर के थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीता था।
पहले के दस मुकाबलों में नदीम को हराया
वहीं, इस मुकाबले में पाकिस्तान के एथलीट अरशद नदीम ने नया ओलम्पिक रिकॉर्ड बनाते हुए दूसरा थ्रो ही 92.97 मीटर का लगाया। उन्होंने छठा और आखिरी थ्रो 91.79 मीटर का लगाया। पाकिस्तान का 1992 बार्सीलोना ओलम्पिक के बाद यह पहला ओलम्पिक पदक है। इससे पहले के दस मुकाबलों में नीरज चोपड़ा ने हमेशा अरशद नदीम को हराया था।
