राजस्थान: मुस्लिम वोटों के लिए उपचुनाव के प्रत्याशी-पूर्व मंत्री को पाकिस्तान लगा प्यारा, कहा-संविधान में कहां लिखा है कि पाकिस्तान जिंदाबाद नहीं बोल सकते? ऐसा कहना गैर कानूनी नहीं है
एनसीआई@झुंझुनूं
राजस्थान की सात विधानसभा सीटों पर 13 नवम्बर को उपचुनाव है। इन सीटों में झुंझुनूं विधानसभा सीट भी शामिल है। इस सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में गहलोत सरकार में मंत्री रहे राजेन्द्र गुढ़ा भी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में हैं। अपने आचरण से यह अक्सर विवादों में रहते आए हैं। सोमवार रात को तो इन्होंने मुस्लिम मतदाताओं के वोटों के लिए अपनी राजनीति के स्तर को पूरी तरह गिरा दिया।
मामले के अनुसार गुढ़ा सोमवार रात लाल पहाड़ी इलाके के सुल्ताना कस्बे में अपने चुनाव प्रचार के लिए पहुंचे थे। यहां उन्होंने मुस्लिमों की सभा को सम्बोधित करते हुए बिना किसी मसले के जबरदस्त विवादित बयान दे दिया। जोश में आकर गुढ़ा ने कहा- ‘संविधान में कहां लिखा है कि ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ नहीं बोल सकते?’ उनके इस भाषण का वीडियो वायरल हुआ तो आज मंगलवार को विवाद खड़ा हो गया।

गुढ़ा ने यह कही पूरी बात
राजेन्द्र गुढ़ा ने यहां कहा-‘पाकिस्तान हमारा पड़ोसी मुल्क है। 14 अगस्त 1947 को हमने उसे पड़ोसी के रूप में स्वीकार किया है। पाकिस्तान की एम्बेसी हमारे हिंदुस्तान में, दिल्ली में है। हमारी एम्बेसी पाकिस्तान में है। 15 अगस्त को पाकिस्तान में भारत का झंडारोहण किया जाता है, भारत जिंदाबाद के नारे लगते हैं। दिल्ली में पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगते हैं। कौन से संविधान में लिखा है कि पाकिस्तान जिंदाबाद नहीं कह सकते?’
यहां गौरतलब है कि सुल्ताना कस्बे में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या अच्छी खासी है। साफ है कि इन्हें ही लुभाने के लिए वर्षों तक कांग्रेसी रहे राजेन्द्र गुढ़ा ने ऐसा बयान दिया है।

आज फिर कहा-‘पाकिस्तान जिंदाबाद’
इसी क्रम में दूसरे दिन आज मंगलवार को एक अन्य मौके पर अपनी सफाई देते हुए गुढ़ा ने पाकिस्तान के बारे में फिर कहा-14 अगस्त को हमने उसे पड़ोसी के रूप में स्वीकार कर लिया। वह छोटा भाई है, हम बड़े भाई हैं। पड़ोसी मुर्दाबाद कैसे हो सकता है? पाकिस्तान में मेरी रिश्तेदारी है। मेरा रिश्तेदार मुर्दाबाद कैसे हो सकता है? हिन्दुस्तान भी जिंदाबाद है और पाकिस्तान भी। पाकिस्तान जिंदाबाद बोलना गैर कानूनी या गैर संवैधानिक नहीं है।
गुढ़ा आगे बोले-फिल्म में यह नारा बोला गया तो सेंसर ने काटा क्यों नहीं?हमारे पीएम (नरेन्द्र मोदी) वहां जा चुके हैं। पड़ोसी कभी नाराज हो जाते हैं, कभी एक हो जाते हैं। पड़ोसी से अच्छे रिश्ते रखने चाहिएं। आपके माध्यम से कह रहा हूं- ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’।
अक्सर रहते रहे हैं विवादों में
उल्लेखनीय है कि निवर्तमान अशोक गहलोत सरकार में मंत्री रहे राजेन्द्र गुढ़ा लाल डायरी प्रकरण के कारण महीनों तक काफी चर्चित रहे थे। इससे पहले भी वह विभिन्न बातों के कारण काफी विवादों में रहे। इसके अलावा हाल ही उन्होंने जाति विशेष के अधिकारी और नेताओं को निशाने पर लिया था। उन्होंने कहा था कि झुंझुनूं में सिर्फ एक ही जाति के नेता और अधिकारी क्यों हैं?
इसके अलावा कुछ दिन पहले उन्होंने एक पुलिस अधिकारी को धमकी भी दी थी। लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा था कि पुलिस अधिकारी वर्दी पहनकर दादागिरी कर रहे हैं। वर्दी खोलकर आ जाओ, 60 सेकेंड नहीं लगेंगे।
सांसद बृजेंद्र ओला पर भी लगाया यह आरोप
गुढ़ा ने वर्तमान झुंझुनूं सांसद बृजेंद्र ओला पर भाजपा से मिलकर राजस्थान में कांग्रेस की सरकार गिराने की साजिश रचने और 60 करोड़ रुपए का ऑफर मिलने का दावा किया था। बृजेंद्र ओला पूर्व केन्द्रीय मंत्री शीशराम ओला के बेटे हैं। उल्लेखनीय है कि बृजेंद्र ओला झुंझुनूं से ही विधायक थे। कांग्रेस ने इन्हें लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी बनाया दिया था। यह चुनाव भी वह जीत गए थे। इससे खाली हुई विधानसभा सीट पर ही उपचुनाव हो रहे हैं। झुंझुनूं सीट पर अभी भाजपा के राजेन्द्र भाबूं, कांग्रेस के अमित ओला और निर्दलीय राजेन्द्र गुढ़ा के बीच त्रिकोणीय मुकाबला है।
उल्लेखनीय है कि 13 नवम्बर को राजस्थान की 7 सीटों पर उपचुनाव होने जा रहे हैं। ये सीटें- रामगढ़ (अलवर), दौसा, झुंझुनूं, देवली-उनियारा, खींवसर, चौरासी और सलूम्बर हैं। 2023 के विधानसभा चुनाव के परिणामों में इनमें से भाजपा को केवल एक सीट मिली थी। वहीं कांग्रेस के पास चार, बाप और आरएलपी के पास एक-एक सीट थी।
