गोल्डमैन के नाम से मशहूर वकील के 3 हत्यारों को उम्रकैद, भारी-भरकम ज्वेलरी बनी हत्या का कारण, मात्र 2 हजार रुपए के लालच में गंवाई जान
एनसीआई@पाली
जिले के सोजत कस्बे में करीब चार साल पहले हुई एक वकील की हत्या के तीन दोषियों को आज गुरुवार को सोजत एडीजे कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही 50-50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। वहीं, एक आरोपी को बरी कर दिया गया। आरोपियों ने वकील की हत्या उनके द्वारा हमेशा पहने रहने वाली भारी-भरकम ज्वेलरी के लिए की थी। वकील इस ज्वेलरी को गले में पहने रहते थे।

वकील नारायण सिंह सीरवी एक किलो से ज्यादा की गोल्ड ज्वेलरी पहनते थे। इसी को लूटने के लिए क्लाइंट बनकर आए हत्यारों ने 27 मई 2020 को गमछे से गला दबाकर उनकी हत्या कर दी थी।
अपर लोक अभियोजक पंकज त्रिवेदी ने बताया- नारायण सिंह सीरवी (68) जोधपुर के बिलाड़ा के रहने वाले थे। वे सीनियर एडवोकेट थे। हमेशा सोने की काफी ज्वेलरी पहने रहते थे। इसी के चलते बिलाड़ा में लोग उन्हें गोल्डमैन कहा करते थे। 27 मई 2020 को वे घर से कार लेकर निकले थे, मगर वापस घर नहीं लौटे।
पाली में सोजत के चांवडिया गांव में सीरवी की जली हुई कार तथा चंडावल कस्बे की बावड़ी में उनका शव मिला। मगर वह जो ज्वेलरी हमेशा पहने रहते थे, वह गायब थी। इससे पुलिस ने अंदाजा लगा लिया कि ज्वेलरी को लूटने की नीयत से ही सीरवी की हत्या की गई। इसी आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई। तफ्तीश के बाद पुलिस ने सीरवी के कस्बे बिलाड़ा के ही उमेश सोनी, प्रभुलाल पटेल व अर्जुन राम को गिरफ्तार किया। ये तीनों दोस्त थे और बिलाड़ा कस्बे के ही अलग-अलग गांवों के रहने वाले थे। लूट की ज्वेलरी खरीदने वाले धर्मेंद्र सोनी को भी पुलिस ने वारदात के दूसरे दिन ही गिरफ्तार कर लिया। इन चारों के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया। इसी मामले में गुरुवार को एडीजे कोर्ट के न्यायाधीश दिनेश कुमार गढ़वाल ने सुनवाई पूरी की। इसके बाद तीन आरोपियों उमेश, प्रभुलाल और अर्जुनराम को दोषी करार दिया। इन्हें आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं ज्वेलरी खरीदने वाले आरोपी धर्मेंद्र सोनी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
ऐसे दिया था वारदात को अंजाम
अपर लोक अभियोजक पंकज त्रिवेदी ने बताया कि उमेश और प्रभुलाल पहले से वकील नारायण सिंह सीरवी को जानते थे। नारायण सिंह ने उमेश का मुकदमा लड़ा था। उमेश और प्रभुलाल ने नारायण सिंह से कहा कि अर्जुनराम का एक जानकार है, जो आपके साथ फोटो खिंचवाना चाहता है। वह व्यक्ति फोटो खिंचवाने के बदले 2 हजार रुपए देगा। वकील नारायण सिंह सीरवी इस झांसे में आ गए।
27 मई 2020 को उन्होंने 1 किलो 330 ग्राम सोने का हार पहना और आरोपियों के बुलावे पर बिलाड़ा से अपनी नैनो कार लेकर रवाना हो गए। उस समय, अर्थात 4 साल पहले सोने के उस हार की कीमत 60 लाख रुपए थी।बिलाड़ा से नारायण सिंह कुछ ही दूर चले थे कि रास्ते में उमेश, प्रभुलाल और अर्जुनराम मिल गए। तीनों उनकी कार में सवार हो गए। उमेश नारायण सिंह के पास वाली सीट पर बैठा। पीछे प्रभुलाल और अर्जुनराम बैठ गए।
बिलाड़ा से करीब 10 किमी दूर अटबड़ा गांव के पास सुनसान सड़क पर पीछे की सीट पर बैठे एक आरोपी ने गमछे से सीरवी का गला दबा दिया। इस दौरान दूसरे ने उनके दोनों हाथ पकड़ लिए। इससे सीरवी ने दम तोड़ दिया। इसके बाद आरोपियों ने उनका हार और पगड़ी पर लगी सोने की पट्टी निकाल ली।
चौबीस घंटे बाद ही कर ली गिरफ्तारी
वारदात के बाद 4 घंटे तक आरोपियों ने कार और शव को झाड़ियों के बीच छुपाए रखा। प्रभुलाल और उमेश बिलाड़ा चले गए। इस बीच अर्जुनराम कार की निगरानी करता रहा। कार में पेट्रोल कम था तो उमेश ने बिलाड़ा से इंडिका कार ली और पांच लीटर पेट्रोल भर कर फिर से अर्जुन के पास लौटे। चार लीटर पेट्रोल नारायण सिंह की कार में डाला और बाकी एक लीटर जरीकेन में रख लिया।
कार लेकर तीनों आरोपी छितरिया गांव के पास बावड़ी पर पहुंचे। यहां कार से शव निकालकर बावड़ी में फेंक दिया, वहीं कार लेकर चावंडिया-आगेवा सरहद पर मेगा हाईवे पर पहुंच गए। रात 8.30 बजे करीब जरीकेन से पेट्रोल छिड़कने के बाद सिरवी की कार को आग लगा दी। आग की लपटों से आरोपी अर्जुनराम का मुंह और एक हाथ जल गया।उमेश और प्रभुलाल ने अर्जुनराम को 5 किलो आटा दिलाकर हर्ष गांव (बिलाड़ा) में स्थित उसके घर छोड़ा। प्रभुलाल ने उमेश को बिलाड़ा छोड़ा और 60 लाख रुपए कीमत का हार अपने कृषि फार्म पर बने घर के रोशनदान में छिपा दिया। इस हार का 140 ग्राम वाला हिस्सा दूसरे दिन प्रभुलाल ने जोधपुर में जाकर उमेश सोनी द्वारा बताए सर्राफा व्यापारी को बेच दिया।
