April 19, 2026

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अपने ही खेत के बोरवेल में गिरा 5 साल का मासूम, पाइप के जरिए दी जा रही ऑक्सीजन, निकालने की कोशिश जारी (वीडियो)

अपने ही खेत के बोरवेल में गिरा 5 साल का मासूम, पाइप के जरिए दी जा रही ऑक्सीजन, निकालने की कोशिश जारी (वीडियो)

एनसीआई@झालावाड़

राजस्थान में बोरवेल हादसे रुक नहीं रहे हैं। एक के एक बोरवेल हादसों में बच्चों की जान जा रही है। अब राज्य के झालावाड़ जिले के डग थाना क्षेत्र के पारल गांव में रविवार को ऐसा ही हादसा हो गया। दोपहर करीब सवा एक बजे खेलते समय 5 साल का मासूम प्रह्लाद बागरी 200 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया। जानकारी के मुताबिक, बच्चा करीब 30 फीट नीचे अटका हुआ है। परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।

बोरवेल हादसे की जानकारी मिलने पर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन में जुट गई। पाइप के जरिए बोरवेल में फंसे बच्चे तक ऑक्सीजन पहुंचाया जा रहा है।

बोरवेल रॉकी एरिया में स्थित

बोरवेल हादसे पर झालावाड़ कलेक्टर ने बताया कि बीडीओ, एसडीओ और तहसीलदार हादसे की सूचना पर मौके पर पहुंच गए। बच्चे की लोकेशन देखी, वह बात कर रहा था। कोशिश की गई कि बच्चे को किसी तरह से बाहर निकाल सके, लेकिन पूरा रॉकी एरिया है। इस कारण ड्रिल करते समय पूरी सावधानी रखनी पड़ेगी कि अंदर किसी तरह के कंकड़-पत्थर से बच्चे की जान को खतरा न बन जाए।

बच्चे के मूवमेंट के बारे में कलेक्टर ने बताया कि यहां के सरपंच ने बच्चे से बात की थी। उसे ऑक्सीजन पहुंचाया जा रहा है। बोरवेल हादसे की यह घटना झालावाड़ के डग थाना क्षेत्र से 12 किलोमीटर दूर स्थित पारल गांव में हुई है। दोपहर करीब सवा एक बजे बजे 5 वर्षीय बच्चा खेत में खेल रहा था। बताया गया है कि वह बोरवेल के पास एक पत्थर की सिल्ली पर बैठा था और फिसलकर बोरवेल में गिर गया।

सूखा था बोरवेल

एसडीएम ने बताया कि इस बोरवेल से पानी नहीं निकल रहा था और उन्होंने इसे बंद करने का फैसला किया था। इसके चलते बोरवेल को भरा जा रहा था, इसलिए इस बात की आशंका कम है कि बच्चा ज्यादा नीचे गया होगा। बच्चे को बोरवेल से निकालने के लिए चार जेसीबी मशीन लगाई गई हैं।

डीएसपी जयप्रकाश अटल ने बताया कि मौके पर मेडिकल टीम भी मौजूद है और बच्चे को पाइप के जरिए ऑक्सीजन दी जा रही है।

जिले में ऐसी पहली घटना

झालावाड़ जिले का यह पहला मामला है। यहां कभी ऐसी स्थिति से सामना करने का अनुभव प्रशासनिक अमले को भी नहीं है।

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