कोटा सिटी पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, बड़ी कम्पनी का बैंक खाता हैक कर 50 लाख रुपए निकाल लेने वाली अंतरराज्यीय साइबर गैंग का पर्दाफाश
उत्तर प्रदेश से दो आरोपी गिरफ्तार, ठगी की राशि से सोना खरीदते थे आरोपी
एनसीआई@कोटा
कोटा सिटी पुलिस ने गत वर्ष साइबर थाने में दर्ज एक रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए बड़ी कामयाबी हासिल की है। गहन जांच-पड़ताल व मशक्कत के बाद उत्तर प्रदेश से दो शातिर साइबर ठगों को गिरफ्तार कर, 50 लाख रुपए की ठगी मामले का खुलासा कर दिया है।
जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन ने बताया कि साइबर ठगों के खिलाफ प्रभावी एवं त्वरित कार्रवाई के क्रम में 13 जून 2024 को शैलेन्द्र गुप्ता के द्वारा दर्ज करवाए 50 लाख रुपए की साइबर ठगी के प्रकरण में आरोपियों की धरपकड़ के लिए एक टीम गठित की गई थी। एएसपी कोटा सिटी दिलीप सैनी के निर्देशन, डीएसपी पुलिस थानाधिकारी साइबर थाना विनोद कुमार के नेतृत्व व पुलिस निरीक्षक सतीश चंद की अगुवाई में टीम ने 12 मार्च को साइबर ठगी के आरोपी अभिषेक सिंह व मनीष कुमार पांडे को गिरफ्तार कर लिया।
यह है पूरा मामला
13 जून 2024 को शैलेन्द्र गुप्ता ने साइबर थाने में रिपोर्ट पेश की थी कि उनकी कम्पनी डायनेमिक फाइन प्रा. लि. है। कम्पनी का खाता झालावाड़ रोड स्थित एचडीएफसी बैंक में है। इस पर लेनदेन व नेट बेंकिंग की सुविधा है, ओटीपी आते हैं। इससे जुड़ा हुआ मोबाइल नम्बर उनकी फर्म के मेनैजर अनिल गुप्ता के पास रहता है। पिछले 3-4 दिन से मोबाइल नम्बर के नेटवर्क में प्रॉबलम हो रही थी, नेटवर्क चला गया था। इसके बारे में उन्हें अनिल गुप्ता ने जानकारी दी। 11 जून 2024 को सुबह उनकी कम्पनी से अन्य कम्पनी को पेमेंट करने के लिए कम्पनी कर्मचारी हरीश पालीवाल ने उपरोक्त बैंक खाता चेक किया तो खाते से 50 लाख रुपए के संदिग्ध ट्रांजेक्शन मिले, जो उनके द्वारा नहीं किए गए थे। इस बात की जानकारी हरीश व अनिल गुप्ता ने उन्हें दी। इसके बाद उन्होंने इन दोनों के साथ एचडीएफसी बैंक में जाकर घटना की जानकारी ली तो किन्ही अज्ञात व्यक्तियों के द्वारा खाते से लिंक मोबाइल नम्बर 8875011923 की सिम धोखाधड़ी व जालसाजी पूर्वक जारी करवाकर नेट बेंकिंग के माध्यम से उनकी कम्पनी के बेंक खातों की एक्सेस लेकर 11 जून 2024 को खाते से ठगों ने 50 लाख रुपए उनके खाते में ट्रांसफर कर लिए। फरियादी शैलेन्द्र गुप्ता ने आगे कहा कि उनकी ईमेल आईडी हैक कर सिम जारी करवाई है। उसी ईमेल आईडी से सिम प्राप्त कर मेल किए गए हैं। शैलेन्द्र ने जालसाजी पूर्वक खाता हैक कर ठगी करने वाले साइबर अपराधियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई कर राशि वापस दिलवाने की मांग की थी। इस पर साइबर थाना कोटा शहर ने धारा 420 भादस व 66 डी आईटी एक्ट में मामला दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम का गठन किया गया।
पुलिस जांच में यह आया सामने
जांच में साइबर ठगी कर राशि जमा करवाने में प्रयोग किए गए बैंक खातों व मोबाइल नम्बरों का पता लगाया गया। पता चला कि अज्ञात शातिर साइबर ठगों ने शैलेन्द्र गुप्ता की कम्पनी के बैंक खाते से लिंक मोबाइल नम्बर को हैक कर राशि आरोपी मनीष पांडे के खाते में ट्रांसफर की। ठगी की इस राशि को कृपाश्री ज्वैलर्स तनिष्क शो रूम, पटना,बिहार के खाते में डालकर शोरुम से राशि 40 लाख रुपए का सोना खरीदना पाया गया।
मनीष पांडे व अभिषेक सिंह के द्वारा साथियों के साथ मिलकर साइबर ठगी की वारदात को अंजाम देना पाया जाने पर उन्हें 12 मार्च को जिला प्रयागराज व सुलतानपुर (उत्तर प्रदेश) से गिरफ्तार किया गया। ये वारदात के बाद मोबाइल नम्बरों को बंद कर देते थे व वर्चुअल नम्बरों का वीपीएन के माध्यम से प्रयोग कर पुलिस को चकमा दे रहे थे। इसके चलते गठित टीम को यह सफलता पाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। अब तक के अनुसंधान में इन आरोपियों के द्वारा मुम्बई (महाराष्ट्र) में साइबर ठगी की राशि से कल्याण ज्वैलर्स, मन्नुभाई ज्वैलर्स, मालाबार गोल्ड से सोना खरीदने का पता चला है। आरोपियों से आगे पूछताछ जारी है।
