यूनिवर्सिटी में ज्ञापन देने पहुंचे एबीवीपी के छात्र नेता, पुलिस ने कॉलर पकड़ बाहर निकाला
एनसीआई@जोधपुर
अपनी विभिन्न मांगों को लेकर यूनिवर्सिटी के केन्द्रीय कार्यालय में वीसी कक्ष के बाहर प्रदर्शन करने के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने जबरन ऑफिस में घुसने की कोशिश की। इस पर एबीवीपी के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हो गई। पुलिस ने कॉलर पकड़कर छात्र नेताओं को बाहर निकाला।

दरअसल, बुधवार सुबह 11 बजे एबीवीपी के कार्यकर्ता वीसी ऑफिस पहुंचे थे। वे सभी वीसी के समक्ष अपनी बात रखना चाह रहे थे, मगर इनकी अधिक संख्या होने की वजह से पुलिस ने इन्हें गेट पर ही रोक दिया। इस पर इन छात्रों की पुलिस से तकरार हो गई। इस दौरान कुछ छात्र नेता जबरन अंदर घुसने का प्रयास करने लगे। इस पर पुलिस ने उन्हें धकेलना शुरू कर दिया। मगर कुछ छात्र नेता अंदर घुसने में कामयाब रहे। इन्हें पुलिस ने कॉलर पकड़ कर बाहर निकाला। इस धक्का-मुक्की में कुछ छात्र नेता नीचे भी गिर गए।

इसके बाद विश्वविद्यालय के अधिकारियों के साथ छात्रों की बातचीत हुई। इसमें उन्होंने कहा कि हम तो समस्या बताने आए हैं, ऐसे में पुलिस का इतना भारी जाब्ता बुलाकर अपमानित क्यों किया जा रहा है? एबीवीपी के इन कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि इस दौरान कुछ छात्राओं से अभद्रता तक की गई। हालांकि पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस बात से इनकार कर दिया।

इस प्रदर्शन में प्रांत महाविद्यालय संयोजक अविनाश खारा, राजवीर सिंह बांता, उर्मित शर्मा, वरुण प्रताप, पवन ऐचरा, युधिष्टर सिंह, विशाल गौड़, मिहिर सोनी, काजल शर्मा, लता भोजवानी, दिलीप राजपुरोहित, विशाल, लोकेन्द्र सिंह, देवेन्द्र आसोपा आदि छात्र नेता शामिल थे।
एबीवीपी के ये हैं मुद्दे –
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के महानगर मंत्री कुलदीप शर्मा के अनुसार विद्यार्थी दस बड़ी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने पहुंचे थे। मगर विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस ने उनसे जबरदस्ती की। ये हैं इनके मुद्दे –
•पूरे सत्र के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन ने अकादमी केलेंडर जारी नहीं किया।
•फार्मेसी के लिए अलग से कक्षाएं नहीं है। इसके विज्ञान संकाय की क्लास प्रभावित हो रही है।
•विश्वविद्यालय के नए और पुराने परिसर में पानी की टंकी के निर्माण की मांग।
•विधि संकाय के पुस्तकालय में पुस्तक होने के बाद भी नहीं दी जा रही।
